मुंबई में दादर कबूतरखाना बंद होने के खिलाफ जैन मुनि ने शुरू किया प्रदर्शन
जोहेब संतोष
- 03 Nov 2025, 03:53 PM
- Updated: 03:53 PM
मुंबई, तीन नवंबर (भाषा) जैन मुनि नीलेशचंद्र विजय ने दादर कबूतरखाने को बंद करने के नगर निगम के निर्णय के खिलाफ सोमवार को मुंबई के आजाद मैदान में प्रदर्शन शुरू किया। समुदाय के सदस्य कबूतरों को दाना डालने के लिए पारंपरिक रूप से दादर कबूतरखाने का इस्तेमाल करते रहे हैं।
मुनि ने बीएमसी मुख्यालय के पास विरोध प्रदर्शन शुरू करने से पहले पत्रकारों से कहा कि वह कबूतरखाने पर लगी रोक हटाने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन अनशन कर सकते हैं।
बीएमसी ने हाल ही में चार स्थानों वर्ली रिजर्वॉयर, अंधेरी पश्चिम में लोखंडवाला बैक रोड के मैंग्रोव क्षेत्र, ऐरोली-मुलुंड चेकपोस्ट क्षेत्र और बोरिवली वेस्ट के गोरेई मैदान पर सीमित तरीके से कबूतरों को दाना डालने की अनुमति दी है।
बीएमसी के अनुसार, इन स्थलों पर सुबह सात से नौ बजे तक ही दाना डाला जा सकता है और गैर-सरकारी संगठन इसकी देखरेख करेंगे।
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि यह अस्थायी प्रबंध है और विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट तथा अदालत से आदेश मिलने तक बंद कबूतरखानों को फिर से नहीं खोला जाएगा।
नीलेशचंद्र विजय ने पत्रकारों से कहा, "आजाद मैदान पहुंचते ही मैंने पानी पीना छोड़ दिया है। मैं डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर द्वारा लिखे गए संविधान के दायरे में रहकर विरोध प्रदर्शन कर रहा हूं, जिन्होंने प्रत्येक व्यक्ति को लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जताने का अधिकार दिया है।"
जैन मुनि ने कहा, "कबूतरखाने के लिए चार वैकल्पिक जगह देने के फैसले से मैं सहमत नहीं हूं। मैं दादर कबूतरखाने को फिर से खुलवाना चाहता हूं। बीएमसी की ओर से निर्धारिक वैकल्पिक जगहें 4, 5 और यहां तक कि 9 किलोमीटर दूर हैं। क्या कोई कबूतर इतनी दूर उड़कर जा सकता है? प्रशासन को मौजूदा कबूतरखाने से दो किलोमीटर के अंदर ही जगह देनी चाहिए थी।"
उन्होंने कहा कि वह एक महीने तक अन्न-जल त्यागकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। मुनि ने कहा, “यदि (मराठा आरक्षण कार्यकर्ता) मनोज जरांगे अपने समुदाय के हित के लिए आजाद मैदान में आंदोलन कर सकते हैं, तो मैं सभी जानवरों के कल्याण के लिए क्यों नहीं अनशन कर सकता?”
उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनसे यह जगह छोड़ने के लिए कहा गया, तो वे दादर कबूतरखाने पर ही अनशन पर बैठ जाएंगे।
भाषा जोहेब