तेलंगाना के कवि अंदे श्री का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
सुरभि नरेश
- 11 Nov 2025, 05:15 PM
- Updated: 05:15 PM
हैदराबाद, 11 नवंबर (भाषा) तेलंगाना के प्रसिद्ध कवि अंदे श्री का मंगलवार को हैदराबाद के घाटकेसर में पुलिस सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। अंदे श्री का सोमवार को निधन हो गया था। वह कुछ समय से बीमार थे।
राज्य के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने उनकी अर्थी को कंधा दिया और श्रद्धांजलि स्वरूप अंतिम संस्कार में शामिल हुए। उनके साथ कई मंत्री भी थे जिन्होंने कवि को पुष्पांजलि अर्पित की और उनके शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी।
रेड्डी से पहले कांग्रेस की तेलंगाना इकाई के अध्यक्ष बी महेश कुमार गौड़ और अन्य नेताओं ने अंतिम यात्रा में भाग लिया।
विभिन्न दलों के नेता, प्रशंसक और शुभचिंतक अंतिम संस्कार में शामिल हुए और कवि की प्रशंसा में नारे लगाए।
रेड्डी ने संवाददाताओं से बातचीत में अंदे श्री के निधन को व्यक्तिगत क्षति बताया और कहा कि राज्य सरकार केंद्र को पत्र लिखकर उनके लिए ‘पद्म श्री’ पुरस्कार की सिफारिश करेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘राज्य सरकार ने पिछले साल केंद्र को पत्र लिखकर अंदे श्री के लिए ‘पद्म श्री’ पुरस्कार का अनुरोध किया था, लेकिन कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली।’’
उन्होंने केंद्रीय मंत्रियों जी. किशन रेड्डी और बंदी संजय कुमार से इस प्रस्ताव का समर्थन करने का आग्रह किया।
रेड्डी ने घोषणा की कि ‘जय जय हे तेलंगाना’ को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार अंदे श्री की स्मृति में एक पार्क भी बनाएगी और उनके परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी भी देगी।
रेड्डी ने कवि की कृति ‘निप्पुला वागु’ को ‘तेलंगाना के लोगों के वास्ते लड़ने वालों के लिए भगवद् गीता, बाइबिल एवं कुरान के समान ही मार्गदर्शक रचना’’ बताया और कहा कि इसकी 20,000 प्रतियां प्रकाशित की जाएंगी और राज्य भर के पुस्तकालयों में वितरित की जाएंगी।
तेलंगाना के प्रतिष्ठित राजकीय गीत ‘जय जय हे तेलंगाना’ के रचयिता अंदे श्री का सोमवार को 64 वर्ष की उम्र में हैदराबाद में निधन हो गया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी और बंदी संजय कुमार, भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) प्रमुख के. चंद्रशेखर राव और अन्य नेताओं ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया।
किशन रेड्डी और कई नेताओं ने सोमवार को कवि को पुष्पांजलि अर्पित की।
भाषा सुरभि