ओडिशा: केंद्र ने उपनिरीक्षक भर्ती घोटाले की जांच सीबीआई से कराने को मंजूरी दी
जितेंद्र नरेश
- 11 Nov 2025, 07:59 PM
- Updated: 07:59 PM
भुवनेश्वर, 11 नवंबर (भाषा) केंद्र सरकार ने ओडिशा में करोड़ों रुपये के उपनिरीक्षक भर्ती घोटाले के मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने को मंजूरी दे दी। मंगलवार को जारी एक बयान में यह जानकारी दी गयी।
राज्य सरकार ने इस घोटाले की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश की थी। ओडिशा पुलिस की अपराध शाखा ने इस मामले में 125 लोगों को गिरफ्तार किया है।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) द्वारा जारी एक बयान में बताया गया, “संदेह है कि भ्रष्टाचार की जड़ें आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों तक फैली हुई हैं। इसमें अंतरराज्यीय संगठित आपराधिक गिरोहों के शामिल होने का भी संदेह है।”
बयान के मुताबिक, “मुख्यमंत्री की सिफारिश स्वीकार कर ली गई और केंद्र सरकार ने सीबीआई जांच के आदेश दे दिए हैं। सीबीआई इस घटना में भ्रष्टाचार के प्रयास, उकसावे और षड्यंत्र की जांच करेगी।”
ओडिशा पुलिस भर्ती बोर्ड (ओपीआरबी) ने 933 उप-निरीक्षकों की भर्ती के लिए संयुक्त पुलिस सेवा परीक्षा (सीपीएसई) 2024 के आयोजन का काम पीएसयू आईटीआई लिमिटेड को आउटसोर्स किया था, जिसने आगे यह काम भुवनेश्वर स्थित ‘सिलिकॉन टेकलैब’ को ठेके पर दे दिया।
‘सिलिकॉन टेकलैब’ ने बदले में पंचसॉफ्ट टेक्नोलॉजीज को प्रमुख जिम्मेदारियां सौंपीं।
पुलिस ने बताया कि 29 सितंबर की रात को आंध्र प्रदेश से लगी राज्य की सीमा पर 114 अभ्यर्थियों और तीन संदिग्ध एजेंटों को उस समय पकड़ा गया था, जब वे भुवनेश्वर से विजयनगरम स्थित एक ‘विशेष कोचिंग’ केंद्र जा रहे थे।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार अभ्यर्थियों ने गिरोह को 10-10 लाख रुपये दिए थे और नौकरी मिलने के बाद उन्हें 25 लाख रुपये और देने थे।
पुलिस के मुताबिक, बाद में कुछ और एजेंटों और घोटाले के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि 30 सितंबर को ओडिशा सीमा पर स्थित पश्चिम बंगाल के दीघा में 110 अन्य अभ्यर्थियों को भी इसी तरह की ‘कोचिंग’ लेनी थी लेकिन बरहामपुर में पुलिस कार्रवाई के कारण इसे रद्द कर दिया गया।
मास्टरमाइंड और ‘पंचसॉफ्ट टेक्नोलॉजीज’ के मालिक शंकर प्रुस्ती ने दावा किया कि इस घोटाले में 1,000 करोड़ रुपये की अनियमितताएं थीं और उसने साजिश में शामिल लोगों का पर्दाफाश करने के लिए ‘आत्मसमर्पण’ कर दिया।
भाषा जितेंद्र