नौसेना प्रमुख एडमिरल त्रिपाठी छह दिवसीय अमेरिकी यात्रा पर रवाना
नोमान पवनेश
- 12 Nov 2025, 05:04 PM
- Updated: 05:04 PM
नयी दिल्ली, 12 नवंबर (भाषा) नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी द्विपक्षीय नौसैनिक संबंधों को बढ़ावा देने के लिए बुधवार को अमेरिका की छह दिवसीय यात्रा पर रवाना हुए, जिसका उद्देश्य एक स्वतंत्र, खुला और नियम-आधारित हिंद-प्रशांत क्षेत्र सुनिश्चित करना है।
नौसेना प्रमुख की अमेरिका यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अगस्त में भारतीय वस्तुओं पर 50 प्रतिशत शुल्क लगाए जाने के बाद दिल्ली और वाशिंगटन के बीच संबंधों में तनाव जारी है।
भारतीय नौसेना ने कहा कि एडमिरल त्रिपाठी अमेरिकी युद्ध विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बातचीत करेंगे और अमेरिकी हिंद-प्रशांत कमान के कमांडर एडमिरल सैमुअल जे पापारो और अमेरिकी प्रशांत बेड़े के कमांडर एडमिरल स्टीफन टी कोहलर से मुलाकात करेंगे।
इसने कहा, “ ये बातचीत मौजूदा समुद्री सहयोग की समीक्षा करने, परिचालन-स्तर के संबंधों को बढ़ाने और दोनों नौसेनाओं के बीच सूचना साझा करने और समुद्री क्षेत्र में जागरूकता के लिए तंत्र को मजबूत करने का अवसर प्रदान करेगी।”
नौसेना ने कहा कि एडमिरल त्रिपाठी की यात्रा का उद्देश्य भारतीय नौसेना और अमेरिकी नौसेना के बीच मजबूत और स्थायी समुद्री साझेदारी को और मजबूत करना है।
बयान में कहा गया, "नौसेना प्रमुख की यह यात्रा अमेरिका के साथ सहयोग बढ़ाने की भारतीय नौसेना की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। नौसेना स्वतंत्र, खुले, समावेशी और नियम आधारित हिंद-प्रशांत क्षेत्र के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में काम कर रही है।"
इसमें कहा गया है कि भारत और अमेरिका के बीच दीर्घकालिक समुद्री साझेदारी है जो आपसी विश्वास और साझा मूल्यों पर आधारित है।
एडमिरल त्रिपाठी 12-17 नवंबर की अपनी यात्रा के दौरान प्रमुख अमेरिकी नौसैनिक संस्थानों और अमेरिकी नौसेना के परिचालन कमान का भी दौरा करेंगे।
नौसेना ने कहा, "चर्चा में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझा समुद्री प्राथमिकताओं, ‘मिलन’ जैसे बहुपक्षीय ढांचे के अंतर्गत सहयोग और संयुक्त समुद्री बल (सीएमएफ) पहल पर ध्यान केंद्रित किए जाने की उम्मीद है।"
‘मिलन’ भारतीय नौसेना द्वारा आयोजित एक द्विवार्षिक बहुपक्षीय नौसैनिक अभ्यास है।
‘मिलन’ का अगला संस्करण फरवरी में आयोजित किया जाएगा और इसमें 50 से अधिक नौसेनाओं के भाग लेने की उम्मीद है।
भाषा
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