बीएलओ के काम में व्यवधान डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी: केरल के सीईओ
जितेंद्र सुभाष
- 19 Nov 2025, 04:49 PM
- Updated: 04:49 PM
तिरुवनंतपरुम, 19 नवंबर (भाषा) केरल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) रतन यू. केलकर ने बुधवार को कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में जुटे बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) के काम में व्यवधान डालने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
केलकर ने यहां संवाददाताओं से कहा कि उन्हें राज्य भर से बीएलओ को उनके कर्तव्यों का निवर्हन करने से रोके जाने, उनके बारे में गलत सूचना फैलाने और उन्हें निशाना बनाकर साइबर हमले किये जाने की शिकायतें मिली हैं।
उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग के आदेश पर एसआईआर की प्रक्रिया में जुटे बीएलओ लोक सेवक माने जाते हैं और उनके कर्तव्यों में किसी भी प्रकार की बाधा, उनपर साइबर हमले या गलत सूचना फैलाये जाने पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
केलकर ने कहा, “बीएनएस की धारा 121 (किसी लोक सेवक को कर्तव्य निर्वहन से रोकने के लिए स्वेच्छा से चोट पहुंचाना) या संबंधित साइबर कानूनों या सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।”
उन्होंने कहा कि एसआईआर निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार सख्ती से की जा रही है और इसे निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाना चाहिए।
केलकर ने कहा कि बीएलओ को पुलिस सुरक्षा व स्वयंसेवी संगठनों से सहायता सहित सभी आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी और इस संबंध में जिलाधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बीएलओ पर दबाव नहीं डाला जाएगा, बल्कि उन्हें अपनी जिम्मेदारियां निभाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा और लोगों से एसआईआर को सुचारू रूप से पूरा करने में सहयोग करने का आग्रह किया जाएगा।
अधिकारी ने जनता से इस प्रक्रिया में सहयोग देने की अपील करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य ‘साफ सुथरी मतदाता सूची’ सुनिश्चित करना है, जिसके लिए नागरिकों सहित सभी हितधारकों का सहयोग आवश्यक है।
केलकर के अनुसार, 2025 की मतदाता सूची में सूचीबद्ध 97 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं और लगभग पांच लाख प्रपत्रों का डिजिटलीकरण किया जा चुका है।
पहला चरण चार नवंबर से चार दिसंबर तक चलेगा, जिसमें प्रपत्रों का वितरण, संग्रहण और डिजिटलीकरण शामिल है।
भाषा जितेंद्र