म्यांमा साइबर दासता का गढ़ बनकर उभर रहा: सीबीआई ने 'डिजिटल अरेस्ट' पर आरोप पत्र दाखिल किया
राखी अविनाश
- 11 Dec 2025, 09:33 PM
- Updated: 09:33 PM
नयी दिल्ली, 11 दिसंबर (भाषा) केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने दक्षिणपूर्व एशियाई देशों में स्थित सरगनाओं द्वारा नियंत्रित साइबर धोखाधड़ी घोटालों के आरोप में 13 व्यक्तियों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
एजेंसी ने दक्षिणपूर्व एशिया में साइबर-दासता और संगठित डिजिटल शोषण नेटवर्क की समानांतर जांच भी की, जिसमें म्यांमा और पड़ोसी क्षेत्रों में कुछ इलाके शामिल हैं, जो इस तरह की धोखाधड़ी के केंद्र के रूप में उभर रहे हैं।
सीबीआई ने यहां एक विशेष अदालत में दायर आरोपपत्र में कहा कि घोटाले के नेटवर्क से जुड़े 15,000 ‘आईपी एड्रेस’ के तकनीकी विश्लेषण से पता चला है कि पीड़ितों से धन लेने और उसे अन्यत्र भेजने के लिए इस्तेमाल किए गए कई प्रमुख बैंक खातों को "विदेश से नियंत्रित किया जा रहा था"।
एजेंसी ने बताया कि ये खाते ‘‘कंबोडिया, हांगकांग और चीन स्थित सरगनाओं’’ द्वारा नियंत्रित किए जा रहे थे।
सीबीआई के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘‘महत्वपूर्ण रूप से, अब कई तरह के साक्ष्य यह संकेत देते हैं कि म्यांमा और पड़ोस के इलाकों से संचालित होने वाले 'स्लेव कंपाउंड' डिजिटल अरेस्ट घोटाले के बड़े केंद्र के रूप में उभर रहे हैं, जहां मानव तस्करी कर ले जाए गए भारतीय नागरिकों को साइबर अपराध के लिए मजबूर किया जाता है।
उन्होंने कहा, ‘‘ये निष्कर्ष दक्षिण-पूर्व एशिया में साइबर-गुलामी और संगठित डिजिटल शोषण नेटवर्क पर सीबीआई द्वारा की गई समानांतर जांच के दौरान जुटाई गई खुफिया जानकारी के अनुरूप हैं।’’
केंद्रीय जांच एजेंसी ने उन्नत तकनीक का उपयोग करते हुए 15,000 ‘आईपी एड्रेस’ खंगाले, जिसके परिणामस्वरूप इस वर्ष अक्टूबर में तीन अहम संदिग्धों की गिरफ्तारी हुई।
प्रवक्ता के अनुसार, एजेंसी ने ‘‘डिजिटल अरेस्ट’’ को अंजाम देने वाले व्यापक तकनीकी ढांचे की परतें खोलते हुए 13 आरोपियों की भूमिका उजागर की, जिसके आधार पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और आईटी अधिनियम के प्रावधानों के तहत उनके खिलाफ आरोपपत्र दायर किया गया।
प्रवक्ता ने कहा, ‘‘देशभर में डिजिटल अरेस्ट की 10 महत्वपूर्ण घटनाओं की व्यापक जांच के लिए सीबीआई ने यह मामला स्वतः संज्ञान लेकर दर्ज किया था, क्योंकि ऐसे अपराधों में वृद्धि देखी जा रही थी।’’
भाषा राखी