बजट: विशेषज्ञों ने एक लाख संबद्ध स्वास्थ्य पेशेवरों की नियुक्त की घोषणा का स्वागत किया
नरेश
- 01 Feb 2026, 07:33 PM
- Updated: 07:33 PM
नयी दिल्ली, एक फरवरी (भाषा) कई चिकित्सा विशेषज्ञों ने रविवार को स्वास्थ्य क्षेत्र में एक लाख संबद्ध स्वास्थ्य पेशेवरों को शामिल करने और आयुर्वेद के क्षेत्र में अनुसंधान को मजबूत करने के लिए तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित करने की सरकार की घोषणा का स्वागत किया।
कई विशेषज्ञों ने भारत को चिकित्सा पर्यटन केंद्र के रूप में बढ़ावा देने के लिए निजी क्षेत्र के साथ साझेदारी में पांच क्षेत्रीय चिकित्सा केंद्र स्थापित करने में राज्यों को सहायता देने के लिए एक योजना शुरू करने के केंद्रीय बजट प्रस्ताव की भी सराहना की।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 पेश करते हुए कहा कि ये केंद्र एकीकृत स्वास्थ्य सेवा परिसर के रूप में कार्य करेंगे, जहां चिकित्सा, शिक्षा और अनुसंधान सुविधाएं मिलेंगी।
अपोलो हॉस्पिटल के संस्थापक और अध्यक्ष डॉ. प्रताप सी. रेड्डी ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 से यह आश्वस्त करने वाला संदेश मिलता है कि भारत का विकास स्वस्थ नागरिकों और मजबूत स्वास्थ्य प्रणालियों पर केंद्रित होगा।
उन्होंने कहा कि जन स्वास्थ्य क्षमता विस्तार, रोकथाम को सुदृढ़ करने और द्वितीय व तृतीय स्तर के शहरों में स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच में सुधार पर निरंतर ध्यान देना 'विकसित भारत' की परिकल्पना के अनुरूप है।
रेड्डी ने कहा, "लोगों पर ध्यान केंद्रित करना विशेष रूप से उत्साहजनक है। 1.5 लाख स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को प्रशिक्षण देना व संबद्ध स्वास्थ्य विषयों का विस्तार करना, प्रधानमंत्री की 'भारत में उपचार, भारत द्वारा उपचार' की परिकल्पना को सुदृढ़ कर सकता है। राज्यों को चिकित्सा पर्यटन के लिए पांच केंद्र स्थापित करने में सहायता देने से सभी क्षेत्रों में गुणवत्ता मानकों में सुधार होगा।"
'आकाश हेल्थकेयर' के प्रबंध निदेशक डॉ. आशीष चौधरी ने कहा कि एक लाख सहायक स्वास्थ्य पेशेवर और 1.5 लाख देखभालकर्ताओं को प्रशिक्षण देने से बुजुर्गों की देखभाल में मौजूद महत्वपूर्ण कमियों को दूर किया जा सकेगा।
उन्होंने कहा, "निजी क्षेत्र के साथ साझेदारी में पांच क्षेत्रीय चिकित्सा पर्यटन केंद्र स्थापित करने की सरकार की योजना भारत के स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के लिए एक क्रांतिकारी कदम है। इन केंद्रों में समर्पित आयुष केंद्रों को एकीकृत करने से यह पहल समग्र देखभाल को बढ़ावा देगी और साथ ही अंतरराष्ट्रीय रोगियों को देश में इलाज कराने के लिए भी आकर्षित करेगी।"
चौधरी ने कहा, "ऐसे उपाय न केवल उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाओं के लिए वैश्विक गंतव्य के रूप में भारत की स्थिति को मजबूत करते हैं, बल्कि देश भर में स्वास्थ्य सेवा अवसंरचना और चिकित्सा उत्कृष्टता को बढ़ावा देकर एक विकसित भारत के दृष्टिकोण में भी योगदान देते हैं।"
भाषा जितेंद्र नरेश
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