देश गुरु रविदास के सपनों को साकार करने के लिए मिशन मोड में काम कर रहा : प्रधानमंत्री मोदी
नरेश
- 01 Feb 2026, 10:35 PM
- Updated: 10:35 PM
(फोटो के साथ)
जालंधर (पंजाब), एक फरवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि देश अब ''मिशन मोड'' में काम कर रहा है ताकि विकसित भारत का लक्ष्य प्राप्त हो और गुरु रविदास के एक ऐसे समाज के दृष्टिकोण को साकार किया जा सके जहां कोई भी वंचित न रहे।
मोदी ने रविवार को यहां डेरा सचखंड बल्लां की यात्रा की और समाज सुधारक तथा कवि के रूप में याद किए जाने वाले संत गुरु रविदास की 649वीं जयंती के मौके पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
उन्होंने कहा, ''श्री गुरु रविदास जी ने भारत के लिए भविष्य की एक संकल्पना भी पेश की थी। मुझे संतोष है कि आज देश मिशन मोड में इस संकल्पना को साकार करने में जुटा है। इसी मिशन का नाम है - विकसित भारत!''
प्रधानमंत्री ने एक सभा को संबोधित करते हुए कहा, ''विकसित भारत का अर्थ है ऐसा देश जहां किसी को भी गरीबी में जीने के लिए मजबूर न होना पड़े, जहां सभी का सम्मान हो और सभी को अवसर प्राप्त हों। संत रविदास के आशीर्वाद से, मुझे पूरा विश्वास है कि हम निश्चित रूप से विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त कर लेंगे।''
संप्रदाय के प्रमुख संत निरंजन दास को 25 जनवरी को पद्मश्री सम्मान दिये जाने की घोषणा की गई थी। इसके कुछ दिन बाद मोदी ने यह यात्रा की।
जालंधर के बल्लां में स्थित डेरा सचखंड, राज्य में रविदासिया समुदाय का सबसे बड़ा डेरा है।
पिछले साल दिसंबर में, डेरा प्रमुख संत दास ने प्रधानमंत्री मोदी से दिल्ली में मुलाकात कर उन्हें एक फरवरी को गुरु रविदास की जयंती के अवसर पर आने के लिए आमंत्रित किया था।
मोदी का पंजाब दौरा ऐसे समय में हुआ है जब भाजपा अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले राज्य में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। डेरा में उनके दौरे को रविदासिया समुदाय को लुभाने के भाजपा के प्रयास के रूप में भी देखा जा रहा है।
दिन में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा लोकसभा में केंद्रीय बजट पेश किए जाने के बाद, प्रधानमंत्री अपराह्न करीब 3.45 बजे जालंधर के आदमपुर हवाई अड्डे पर पहुंचे।
डेरा सचखंड जाने से पहले, मोदी ने आदमपुर हवाई अड्डा का नाम बदलकर श्री गुरु रविदास महाराज जी हवाई अड्डा, आदमपुर रखा और लुधियाना के हलवारा हवाई अड्डा पर सिविल टर्मिनल भवन का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन भी किया।
डेरा में सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि संत ने समानता का संदेश दिया।
मोदी ने कहा कि गुरु रविदास का जन्म छह शताब्दी से भी अधिक समय पहले हुआ था। उन्होंने कहा कि उस समय देश विदेशी आक्रमणों का सामना कर रहा था और कई चुनौतियां थीं।
प्रधानमंत्री ने कहा, ''उनकी शिक्षाओं से समाज में नयी जागरूकता आई, जिससे समाज ने अपनी कमजोरियों को पहचानना और उन पर काबू पाना शुरू किया।''
उन्होंने कहा कि पंजाब में भी लाखों लोगों ने गुरु रविदास की शिक्षाओं का अनुसरण किया और उनके आदर्शों को अपनाया। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास ने देश के भविष्य के लिए एक दृष्टिकोण भी प्रस्तुत किया।
मोदी ने कहा कि पूज्य संत ने एक ऐसे समाज की कल्पना की थी जहां कोई भी दुखी और वंचित न हो।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह अत्यंत सम्मान और गौरव की बात है कि आज संत रविदास जयंती के अवसर पर यह निर्णय लिया गया है कि आदमपुर हवाई अड्डे को अब से श्री गुरु रविदास महाराज जी हवाई अड्डा के नाम से जाना जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि यह गुरु रविदास के चिरस्थायी आदर्शों को एक उपयुक्त श्रद्धांजलि है, जिनका समानता, करुणा और सेवा का संदेश सभी को अत्यंत प्रेरित करता है।
डेरा सचखंड बल्लां की प्रशंसा करते हुए मोदी ने कहा कि सामाजिक सेवा के क्षेत्र में डेरे का कार्य अत्यंत सराहनीय रहा है।
उन्होंने कहा, ''शिक्षा और स्वास्थ्य से संबंधित कार्य संत निरंजन दास जी महाराज के मार्गदर्शन में किए जा रहे हैं। उनके नेतृत्व में श्री गुरु रविदास जी के विचार विश्व के कई देशों में भी फैले हैं।''
मोदी ने डेरा प्रमुख संत दास के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद भी लिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वह डेरे के प्रति व्यक्तिगत रूप से आभार व्यक्त करना चाहते हैं, क्योंकि उन्हें याद है कि कुछ महीने पहले उनके जन्मदिन पर उनके लिए विशेष अरदास की गई थी।
मोदी ने कहा, ''यह मेरे लिए कोई साधारण बात नहीं है, बल्कि मेरे जीवन में एक विशेष घटना है।''
बाद में, प्रधानमंत्री ने 'एक्स' पर अपनी इस यात्रा की तस्वीरें साझा कीं और लिखा, ''श्री गुरु रविदास जी की जयंती पर डेरा सचखंड बल्लां में होना एक बहुत ही विशेष अनुभूति थी।''
उन्होंने एक अन्य पोस्ट में कहा, ''श्री गुरु रविदास जी की जयंती के विशेष अवसर पर डेरा सचखंड बल्लां में संत निरंजन दास जी से मिलना बहुत खास अनुभव रहा। समाज के प्रति उनकी प्रेरणादायक सेवा के सम्मान में उन्हें हाल ही में पद्मश्री से सम्मानित किया गया है।''
गुरु रविदास की शिक्षाओं का हवाला देते हुए मोदी ने कहा कि जो श्रम को भगवान के समान पूजता है, वह सदा सुखी रहता है।
उन्होंने किसानों के लिए किसान सम्मान निधि की ओर इशारा करते हुए कहा, ''आज देश श्रम की पूजा कर रहा है।''
उन्होंने कहा कि पंजाब में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत किसानों को 6,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्राप्त हुई है और नये कानूनों के माध्यम से श्रमिक वर्ग को उनके अधिकार दिए जा रहे हैं।
मोदी ने यह भी कहा कि मध्यप्रदेश के सागर में गुरु रविदास के एक मंदिर और संग्रहालय का निर्माण हो रहा है और उन्हें इसकी आधारशिला रखने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
लोकसभा में उत्तर प्रदेश के वाराणसी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले मोदी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि यह निर्वाचन क्षेत्र गुरु रविदास की जन्मभूमि भी है।
उन्होंने कहा, ''वाराणसी के लोगों ने मुझे आशीर्वाद दिया और मुझे वहां से सांसद के रूप में इस जगह की सेवा करने का अवसर मिला।''
उन्होंने कहा, ''हम गुरु रविदास से प्रेरणा लेते हैं।''
गुरु रविदास जयंती और माघ पूर्णिमा के मौके पर लोगों को बधाई देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ''मैं पंजाब दी इस धरती नू नमन करदा हां।''
भाषा सुभाष नरेश
नरेश
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