आम लोगों का बजट, विपक्ष से प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं: भाजपा
प्रशांत
- 01 Feb 2026, 10:28 PM
- Updated: 10:28 PM
नयी दिल्ली, एक फरवरी (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रविवार को केंद्रीय बजट को भारत को विकसित बनाने की दिशा में ''अगला कदम'' बताते हुए इसकी सराहना की तथा विपक्षी दलों द्वारा इसे ''फीका'' और ''खोखला'' बताने पर पलटवार किया। सत्तारूढ़ दल ने कहा कि सरकार को किसी प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं है क्योंकि जनता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर भरोसा करती है।
विपक्षी दलों द्वारा बजट पर असंतोष व्यक्त करने के बाद भाजपा ने हमला बोला। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बजट को लेकर जिस तरह का प्रचार किया गया यह उसके अनुरूप बिल्कुल भी नहीं था।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने दावा किया कि केंद्रीय बजट में भारत के सामने मौजूद वास्तविक संकटों से आंख मूंद ली गई। कांग्रेस महासचिव (संगठन) के सी वेणुगोपाल ने कहा कि यह ''पूरी तरह खोखला'' है।
अन्य विपक्षी सांसदों ने आरोप लगाया कि बजट में आम लोगों के लिए कोई घोषणा नहीं की गई, साथ ही यह शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और बेरोजगारी जैसे बुनियादी मुद्दों को संबोधित करने में भी विफल रहा है।
पलटवार करते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल हर बजट के बाद वही पुरानी बातें दोहराने लगते हैं।
संसद भवन परिसर में पत्रकारों के सवालों पर उन्होंने कहा, "आप ही बताइए, इसमें क्या गलत है? क्या वे हमारे लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र की प्रगति, देश में उत्पादन क्षमता में वृद्धि, पशुपालन और मत्स्य पालन क्षेत्रों में काम करने वालों के उज्ज्वल भविष्य, नए रोजगार, कौशल विकास नहीं चाहते? उनकी समस्या क्या है?"
गोयल ने कहा, ''मैं इस बजट को 'भविष्य के लिए तैयार भारत का बजट' कहूंगा।''
उन्होंने कहा कि यह वास्तव में एक ऐसा बजट है जो भारत को 2047 तक 'विकसित भारत' का लक्ष्य हासिल करने की नींव रखता है।
विपक्ष के आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, ''हमने विपक्ष के लिए बजट नहीं लाया है। यह बजट देश और इसकी जनता के लिए लाया गया है, जिसमें गरीब, युवा और बेरोजगार भी शामिल हैं।"
उन्होंने संसद भवन परिसर में पत्रकारों से कहा, "देश की जनता प्रधानमंत्री मोदी पर भरोसा करती है। इसलिए हमें विपक्ष से किसी प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं है।"
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि बजट का मुख्य उद्देश्य विकास और प्रगति है और उन्होंने विपक्षी दलों पर इस पर "राजनीति करने" का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "सभी प्रावधान आम जनता के लिए ही बनाए गए हैं। अगर विपक्ष के लोग खुद को आम जनता नहीं मानते, तो हम क्या कर सकते हैं?"
मंत्री ने रेखांकित किया कि वित्त वर्ष 2026-27 का बजट विकास और प्रगति पर केंद्रित है। उन्होंने कहा, ''देश खुश है। मेरा मानना है कि इस बजट की आलोचना की कोई गुंजाइश नहीं है। फिर भी, अगर कोई इसकी आलोचना करता है, तो वह राजनीति से प्रेरित होगी।''
रीजीजू ने कहा, ''मैं विपक्ष के अपने मित्रों से इस अच्छे बजट का स्वागत करने की अपील करता हूं। इस पर राजनीति न करें।''
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि संसद में पेश केंद्रीय बजट भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को पूरा करने की दिशा में एक अगला कदम है, साथ ही गरीबों, किसानों, महिलाओं और युवाओं समेत समाज के हर वर्ग की भलाई सुनिश्चित करता है।
नवीन ने कहा, ''यह बजट पूरी तरह से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर लोगों के अटूट भरोसे को दिखाता है। प्रधानमंत्री का 'सबका साथ, सबका विकास' का सिद्धांत इस बजट के हर पहलू में साफ दिखता है।''
उन्होंने कहा कि 2026-27 का बजट भी प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार की नीतियों और सुशासन की निरंतरता को साफ तौर पर दिखाता है।
भाजपा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने विपक्ष की आलोचना का जवाब देते हुए कहा कि उन्हें यह बजट खोखला लगता है क्योंकि "चुनाव में उनकी पार्टियों की हार के कारण उनकी सोच खोखली हो गई है।"
उन्होंने कहा, ''भारत विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है। आज के बजट के बाद अर्थव्यवस्था को और बढ़ावा मिलेगा और रोजगार सृजन में तेजी आएगी।''
ठाकुर ने कहा कि केंद्रीय बजट स्पष्ट रूप से भविष्य में भारत को और अधिक समृद्ध और खुशहाल बनाने के लिए सरकार के संकल्प को दर्शाता है।
भाषा आशीष प्रशांत
प्रशांत
0102 2228 दिल्ली