राहुल ने संसद की गरिमा कम की: भाजपा
नरेश
- 02 Feb 2026, 08:14 PM
- Updated: 08:14 PM
नयी दिल्ली, दो फरवरी (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के फैसले की अवहेलना करते हुए सदन में भारत-चीन सीमा मुद्दे पर अपने झूठे आरोपों से संसद की गरिमा को कम किया और भारतीय सैनिकों का मनोबल गिराया।
लोकसभा में उस समय हंगामा हो गया जब विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे के एक अप्रकाशित 'संस्मरण' को उद्धृत करने का प्रयास करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पर निशाना साधा।
हालांकि, रक्षा मंत्री और अन्य भाजपा सदस्यों ने इसका कड़ा विरोध किया और कांग्रेस नेता पर सदन को 'गुमराह' करने का आरोप लगाया।
इस मुद्दे पर गतिरोध के कारण सदन की बैठक दो बार के स्थगन के बाद पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कांग्रेस नेता से कई बार यह अपील की कि वह पुस्तक या किसी पत्रिका को सदन में उद्धृत नहीं कर सकते, हालांकि राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख का हवाला देते हुए चीन के साथ भारत के सैन्य तनाव का विषय उठाने का प्रयास किया।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने संसद भवन परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए आरोप लगाया कि यह "जानबूझकर" और भारत को बदनाम करने तथा देश की सेना का मनोबल गिराने की "सोची-समझी साजिश" का हिस्सा था।
रीजीजू ने कहा, "राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़ न करें और भारत-विरोधी तत्वों की भाषा न बोलें। राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे को राजनीतिक हथियार न बनाएं।"
उन्होंने कांग्रेस नेता से यह भी कहा कि उन्हें "कांग्रेस सरकार के दौरान भारत के हिस्से को चीन के हाथों गंवाने पर देश से माफी मांगनी चाहिए।"
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने राहुल पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता संसद में ''दुश्मनों की भाषा'' बोल रहे थे।
सिंह ने संसद भवन परिसर में 'पीटीआई वीडियो' से कहा, ''वह सदन के अंदर, देश के अंदर और विदेश में दुश्मनों की भाषा बोलते हैं। यह सोनिया गांधी का घर नहीं है। यह लोकसभा है। यह लोकसभा अध्यक्ष की दी गई व्यवस्था से और नियम पुस्तिका में बताए गए नियमों के अनुसार चलेगी।''
भाजपा के मुख्य प्रवक्ता अनिल बलूनी ने लोकसभा अध्यक्ष की व्यवस्था के बावजूद इस मुद्दे पर बोलने पर अड़े रहने के लिए कांग्रेस नेता की आलोचना की। उन्होंने 'एक्स' पर कहा, ''यह इन जिद्दी राहुल गांधी के वैचारिक दिवालियापन की पराकाष्ठा है।''
उन्होंने कहा, ''विदेशी धरती से देश और भारतीय सेना की छवि खराब करने के बाद, राहुल गांधी ने अब संसद के अंदर भी देश को बदनाम करना और भारत के बहादुर सैनिकों का अपमान करना शुरू कर दिया है।''
बलूनी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता ने न केवल संसद की गरिमा को कम किया, बल्कि अपने ''लगातार झूठे आरोपों और गुमराह करने वाले बयानों'' से बहादुर भारतीय सैनिकों का मनोबल भी गिराया।
भाजपा सांसद ने कहा, ''राहुल गांधी को कैसे पता चला कि उस किताब में क्या लिखा है जो अभी तक प्रकाशित भी नहीं हुई है? इसके अलावा, लोकसभा अध्यक्ष द्वारा मना किए जाने के बावजूद, सदन में बार-बार उसी निराधार दावे को दोहराना न केवल आसन का अपमान है, बल्कि देश और सशस्त्र बलों का भी अपमान है।''
बलूनी ने कहा कि यह ''बेहद दुर्भाग्यपूर्ण'' है कि लोकसभा अध्यक्ष के बार-बार हस्तक्षेप के बावजूद गांधी बिना किसी सबूत के सदन के पटल से देश को गुमराह कर रहे थे।
भाजपा नेता ने कहा, ''पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज नरवणे ने कई मंचों पर बताया है कि कैसे हमारे बहादुर सैनिकों ने डोकलाम में चीन को मुंहतोड़ जवाब दिया और उसे पीछे हटने पर मजबूर कर दिया।''
भाजपा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने निचले सदन में राहुल गांधी के व्यवहार की निंदा की और आरोप लगाया कि सेना को बदनाम करना और सैनिकों के आत्मविश्वास को कमजोर करना कांग्रेस नेता की यह आदत बन गई है।
प्रसाद ने संसद भवन परिसर में पत्रकारों से कहा, "पूर्व सेना प्रमुख ने कई न्यूज चैनलों को बताया है कि भारतीय सैनिकों ने गलवान में चीन को मुहतोड़ जवाब दिया। उन्होंने यह भी कहा कि गलवान में भारत की एक इंच भी जमीन नहीं गई।"
भाजपा के वरिष्ठ नेता ने आरोप लगाया, "राहुल गांधी रिकॉर्ड में मौजूद तथ्यों का हवाला नहीं दे रहे, बल्कि एक ऐसी किताब पर राजनीति कर रहे हैं, जो कभी प्रकाशित ही नहीं हुई।"
इस मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस की सदस्य महुआ मोइत्रा और कल्याण बनर्जी, राजद सांसद मनोज झा और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित कई विपक्षी नेताओं ने गांधी का समर्थन किया।
भाषा जोहेब नरेश
नरेश
0202 2014 दिल्ली