भारत–अमेरिका व्यापार समझौते पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्ष का राज्यसभा से बहिर्गमन
माधव
- 03 Feb 2026, 01:21 PM
- Updated: 01:21 PM
नयी दिल्ली, तीन फरवरी (भाषा) विभिन्न विपक्षी दलों के सदस्यों ने मंगलवार को भारत–अमेरिका व्यापार समझौते का मुद्दा उठाया और संसद को विश्वास में लेने, सदन के पटल पर इनके पूरे मसौदे रखे जाने तथा इन पर व्यापक चर्चा की मांग करते हुए राज्यसभा से वॉकआउट किया।
उच्च सदन में शून्यकाल समाप्त होने के तुरंत बाद जब सभापति सी पी राधाकृष्णन ने प्रश्नकाल शुरू करने को कहा, उसी समय कांग्रेस के नेता जयराम रमेश ने भारत–अमेरिका व्यापार समझौते का मुद्दा उठाया और आरोप लगाया कि इस समझौते से जुड़ी जानकारी संसद के बजाय वाशिंगटन से मिल रही है।
उन्होंने इस मुद्दे पर संसद को विश्वास में लेने, सदन के पटल पर इनके पूरे मसौदे रखे जाने तथा इन पर व्यापक चर्चा की मांग उठाई। विभिन्न विपक्षी दलों के सदस्यों ने उनका समर्थन किया।
अपनी मांग के समर्थन में विपक्षी सदस्यों ने सदन में हंगामा शुरू कर दिया। तब सदन के नेता जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने बीती देर रात को भारतीय वस्तुओं पर शुल्क में कटौती की जानकारी सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से दी और उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तारीफ भी की।
नड्डा ने आरोप लगाया कि विपक्ष की हताशा सामने आ रही है और वह अच्छी बातों में भी बुराई देखने लगा है। उन्होंने कहा, "मैं सदन को आश्वस्त करना चाहता हूं कि सरकार भारत–अमेरिका व्यापार समझौते पर चर्चा के लिए तैयार है और समझौते का हर छोटा-बड़ा विवरण देने को भी तैयार है। सरकार इस मुद्दे पर स्वतः संज्ञान लेते हुए वक्तव्य देगी।"
उन्होंने कहा, "लेकिन यह तरीका (हंगामा) लोकतंत्र के लिए घातक है और यह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस तथा 'इंडी' गठबंधन का गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार है।"
सत्तापक्ष के सदस्य विपक्षी दलों के गठबंधन 'इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस' (इंडिया) को 'इंडी' गठबंधन कहते हैं।
सदन में जब नड्डा अपनी बात रख रहे थे तब विपक्षी सदस्यों का हंगामा और नारेबाजी जारी थी। उन्होंने सरकार पर देश के हितों से समझौता करने का आरोप भी लगाया।
सभापति सी पी राधाकृष्णन ने कहा कि जब सरकार वक्तव्य दे रही है तो सदस्यों को उसे सुनना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष हंगामा कर रहा है।
इसी बीच, विपक्षी सदस्य सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए अपनी सीटों से उठकर आगे की ओर बढ़ गए।
नड्डा ने दोहराया कि सरकार आज ही इस मुद्दे पर अपनी ओर से वक्तव्य देगी और चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा, "यह आपकी हताशा है जो बोल रही है। हम तैयार हैं।"
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष का उद्देश्य हर मुद्दे पर राजनीति करना है और सदन में इसका उदाहरण देखा गया। उन्होंने कहा कि विपक्ष देश में ऐसा माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है जैसे सरकार चर्चा से बच रही हो।
उन्होंने कहा "अब आप मुद्दाविहीन पार्टी बन गए हैं। यह बहुत गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार है और एक तरह से राष्ट्र-विरोधी आचरण है।"
इसके बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को छोड़कर सभी विपक्षी दलों के सदस्यों ने विरोध जताते हुए सदन से बहिर्गमन कर दिया। टीएमसी सदस्य साकेत गोखले सदन में बैठे रहे और कुछ देर बाद बाहर चले गए।
बाद में टीएमसी के सदस्यों ने कहा कि उन्होंने दिल्ली पुलिस द्वारा एसआईआर-प्रभावित परिवारों के साथ किए गए व्यवहार के विरोध में अलग से बहिर्गमन किया।
कल पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की दिल्ली के चाणक्यपुरी में स्थित 'बंग भवन' के बाहर तैनात सुरक्षाकर्मियों से बहस हो गई थी। ममता ने अपने राज्य में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से प्रभावित परिवारों के उत्पीड़न का आरोप लगाया था।
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भाषा मनीषा माधव
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