भाजपा नेता वाई खेमचंद सिंह मणिपुर के अगले मुख्यमंत्री होंगे; कुकी नेता होंगी उपमुख्यमंत्री
दिलीप
- 03 Feb 2026, 10:18 PM
- Updated: 10:18 PM
(फोटो के साथ)
नयी दिल्ली/इंफाल, तीन फरवरी (भाषा) मणिपुर में वाई. खेमचंद सिंह को मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक दल का नेता चुना गया। इसके साथ ही, पूर्वोत्तर राज्य में उनके नेतृत्व में सरकार गठन का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
सूत्रों के अनुसार, कुकी समुदाय से आने वाली महिला नेता और पूर्व मंत्री नेमचा किपगेन के नयी सरकार बनने के बाद उपमुख्यमंत्री बनने की संभावना है।
सूत्रों ने बताया कि पूर्व मंत्री सिंह (62) को यहां पार्टी मुख्यालय में हुई भाजपा विधायकों की बैठक में विधायक दल का नेता चुना गया। इस बैठक में भाजपा के 37 विधायकों में से 35 विधायक के अलावा पार्टी के केंद्रीय पर्यवेक्षक तरुण चुघ, पूर्वोत्तर प्रभारी संबित पात्रा और भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष ए शारदा देवी सहित अन्य उपस्थित थे।
किपगेन (60) को नयी सरकार में उप मुख्यमंत्री बनाए जाने की संभावना है।
भाजपा के दो विधायक अस्वस्थ होने के कारण बैठक में अनुपस्थित थे।
इसके बाद, मणिपुर भवन में एक और बैठक हुई, जिसमें मणिपुर में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के घटक दलों के विधायक उपस्थित थे। इनमें नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के छह, नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) के पांच और तीन निर्दलीय और भाजपा के विधायक थे। उन्होंने सिंह को राजग विधायक दल का नेता और किपगेन को उपनेता बनाए जाने का समर्थन किया।
सूत्रों के अनुसार, एक नगा विधायक को दूसरा उपमुख्यमंत्री नियुक्त करने का प्रस्ताव है, लेकिन इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
सूत्रों के मुताबिक, बुधवार को राज्यपाल से मुलाकात करके राजग सरकार बनाने का दावा पेश कर सकता है।
राजग के सदस्य और दूसरी बैठक में शामिल हुए निर्दलीय विधायक सपाम निशिकांत सिंह ने कहा कि वाई खेमचंद सिंह के मणिपुर के तीनों प्रमुख समुदायों मेइती, कुकी और नगा के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध हैं, इसलिए वह राजग विधायक दल के नेता के लिए स्वाभाविक पसंद थे। उन्होंने कहा, "अच्छे दिन आएंगे और मणिपुर में शांति आएगी।"
बारह फरवरी को राष्ट्रपति शासन की अवधि समाप्त होने से कुछ दिन पहले ये दोनों बैठकें आयोजित की गईं। पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह और विधानसभा अध्यक्ष सत्यब्रत सिंह दोनों बैठकों में उपस्थित थे।
मणिपुर में 13 फरवरी 2025 से राष्ट्रपति शासन लागू है। राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद 60 सदस्यीय विधानसभा को निलंबित कर दिया गया था। विधानसभा का कार्यकाल 2027 तक है।
वर्तमान में, मणिपुर में भाजपा के 37 विधायक हैं। 2022 के विधानसभा चुनावों में भाजपा के 32 उम्मीदवारों ने जीत हासिल की थी। जनता दल (यूनाइटेड) ने छह सीटें जीती थीं, जिनमें से पांच विधायक बाद में भाजपा में शामिल हो गए।
अन्य विधायकों में से छह नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) से, पांच नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) से, पांच कांग्रेस से, दो कुकी पीपुल्स अलायंस से, एक जद (यू) से और तीन निर्दलीय हैं।
मौजूदा विधायक का निधन हो जाने के कारण वर्तमान में एक सीट रिक्त है।
सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में, भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने अपने मेइती और कुकी विधायकों, सहयोगी एनपीएफ और एनपीपी और कुछ निर्दलीय विधायकों के साथ कई दौर की बैठकें कीं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या राजनीतिक हालात सरकार के गठन के लिए अनुकूल है।
चौदह दिसंबर को, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन), बी एल संतोष और पार्टी नेता संबित पात्रा ने मेइती और कुकी समुदायों के भाजपा विधायकों से दिल्ली में मुलाकात की थी।
पिछले साल नौ फरवरी को बीरेन सिंह के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू किया गया था। उनका इस्तीफा मेइती और कुकी समुदायों के बीच महीनों से जारी जातीय हिंसा की पृष्ठभूमि में आया था।
मंगलवार शाम को इंफाल के सिंगजामेई इलाके में भाजपा विधायक वाई खेमचंद सिंह के घर पर सैकड़ों लोग जश्न मनाने के लिए उमड़ पड़े।
शुभचिंतकों और समर्थकों ने उनके परिवार के सदस्यों को बधाई दी, पटाखे फोड़े और सड़कों पर नृत्य किया।
सिंगजामेई निर्वाचन क्षेत्र की निवासी थोंगम शांति देवी ने कहा, ''हमारे विधायक का विधायक दल का नेता चुना जाना हमारे लिए गर्व की बात है। उन्होंने निर्वाचन क्षेत्र में सड़कों और अन्य बुनियादी ढांचे की स्थिति में सुधार किया है।''
ताइक्वांडो खिलाड़ी रहे खेमचंद सिंह भाजपा उम्मीदवार के रूप में सिंगजामेई निर्वाचन क्षेत्र से 2017 और 2022 में मणिपुर विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए।
इससे पहले वह 2017 से 2022 तक मणिपुर विधानसभा के अध्यक्ष के रूप में कार्य कर चुके हैं।
उन्हें 2022 में बीरेन सिंह की दूसरी सरकार में कैबिनेट मंत्री नियुक्त किया गया था तथा उन्हें नगर प्रशासन एवं आवास विकास, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज और शिक्षा विभागों का प्रभार सौंपा गया था।
पिछले साल आठ दिसंबर को, वह कामजोंग जिले के उखरुल के लिटान और चासाद में कुकी समुदाय के आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों के लिए बने राहत शिविरों का दौरा करने वाले पहले मेइती विधायक बने। उन्होंने कुकी समुदाय के विस्थापित लोगों से बातचीत की थी।
भाषा आशीष दिलीप
दिलीप
0302 2218 दिल्ली