पंजाब विधानसभा में विशेष सत्र के दौरान हुआ जमकर हंगामा
पवनेश
- 01 May 2026, 10:28 PM
- Updated: 10:28 PM
चंडीगढ़, एक मई (भाषा) पंजाब विधानसभा में शुक्रवार को मोबाइल फोन के कथित इस्तेमाल को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान और कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा के बीच तीखी बहस के बाद विपक्षी विधायकों ने सदन से बहिर्गमन किया तथा सभी विधायकों के 'अल्कोमीटर' परीक्षण की मांग की।
अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर बुलाए गए विशेष सत्र के दौरान हुए इस हंगामे के बीच अंततः अध्यक्ष ने सदन को स्थगित कर दिया।
यह विवाद उस समय शुरू हुआ, जब अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवान राज्य में वेतन संशोधन पर एक आधिकारिक प्रस्ताव पढ़ रहे थे, तभी मान ने सदन में विपक्षी विधायक सुखपाल सिंह खैरा द्वारा मोबाइल फोन के कथित इस्तेमाल पर आपत्ति जताई।
मान ने अपनी सीट से उठकर अध्यक्ष को इशारा करते हुए कहा कि खैरा अपने मोबाइल फोन पर व्यस्त हैं और उनसे आग्रह किया कि वे कांग्रेस विधायक से पूछें कि उन्होंने (संधवान ने) प्रस्ताव के बारे में क्या कहा है।
अध्यक्ष ने मान के आरोपों पर कांग्रेस विधायक से सदन में अनुशासन बनाए रखने और प्रस्ताव को ध्यानपूर्वक सुनने को कहा। मान ने इसके बाद खैरा से पूछा, "आप बाहर जाकर मोबाइल फोन का इस्तेमाल क्यों नहीं करते?"
इस पर भोलाथ से विधायक ने तीखी प्रतिक्रिया दी।
अध्यक्ष ने इस बीच सदन में शांति बनाए रखने की अपील की।
मान और खैरा के बीच बहस जारी रही और सदन की कार्यवाही बाधित होने के बीच दोनों एक-दूसरे पर उंगली उठाते नजर आए।
इस हंगामे के बीच, मान ने खैरा पर उनकी बेटी के खिलाफ बोलने का आरोप भी लगाया।
आम आदमी पार्टी के विधायक भी अपनी-अपनी सीट से उठ खड़े हुए और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने खैरा के आचरण की निंदा करते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
चीमा ने आरोप लगाया कि खैरा 'हमेशा सदन में अशांति फैलाने की कोशिश करते हैं'।
बाद में, जब मान सदन से बाहर जा रहे थे, तब खैरा उठे और मुख्यमंत्री के व्यवहार पर टिप्पणी की, जिससे अध्यक्ष को हस्तक्षेप करना पड़ा तथा उन्होंने कहा कि अध्यक्ष की अनुमति के बिना कुछ भी रिकॉर्ड नहीं किया जाना चाहिए।
इस बीच, टिप्पणी सुनकर मान रुक गए और वापस आ गए।
उन्होंने कांग्रेस विधायक की टिप्पणी पर आपत्ति जताई, जिससे सत्ता पक्ष और कांग्रेस विधायकों के बीच तीखी बहस छिड़ गई।
कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने शुक्रवार को पंजाब विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवान को पत्र लिखकर मुख्यमंत्री भगवंत मान और सभी विधायकों के 'अल्कोमीटर' एवं डोप परीक्षण की मांग की।
नेता प्रतिपक्ष बाजवा ने लिखा, "कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की ओर से मैं इस गंभीर मामले की ओर आपका ध्यान आकर्षित करना चाहता हूं, जो इस सदन की गरिमा और मर्यादा को प्रभावित कर रहा है।"
अध्यक्ष संधवान ने हालांकि बाद में कांग्रेस विधायकों की इस मांग को खारिज कर दिया।
बाजवा ने पत्र में कहा कि विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान शुक्रवार को कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा द्वारा उठाए गए एक मुद्दे ने मुख्यमंत्री के आचरण को लेकर गंभीर चिंताएं उत्पन्न कर दी हैं।
बाजवा ने लिखा, "माननीय मुख्यमंत्री, सदस्य (सुखपाल खैरा) द्वारा लगाए गए आरोपों का जवाब दिए बिना सदन से बाहर निकल गये। ये बेहद चिंताजनक हैं और अगर इनपर ध्यान नहीं दिया गया तो इस प्रतिष्ठित संस्था में जनता का विश्वास खतरे में पड़ सकता है।"
उन्होंने कहा कि इस मुद्दे की गंभीरता और तात्कालिकता को देखते हुए बिना किसी देरी के सुधारात्मक कदम उठाना अनिवार्य है।
इस संबंध में, कांग्रेस दल के नेता और पार्टी के सभी विधायकों ने सदन में मुख्यमंत्री सहित उपस्थित सभी सदस्यों का एक घंटे के भीतर अनिवार्य रूप से अल्कोमीटर परीक्षण सहित एक समान एवं पारदर्शी प्रोटोकॉल को तुरंत लागू करने की मांग की।
उन्होंने सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के सभी विधायकों का बिना किसी अपवाद के डोपिंग परीक्षण कराने की भी मांग की थी।
वहीं, विधानसभा में एक दिवसीय विशेष सत्र के दौरान प्रसिद्ध फोटोग्राफर रघु राय और स्वतंत्रता सेनानी चमन लाल को श्रद्धांजलि दी गयी।
भारत के सबसे प्रसिद्ध फोटोग्राफरों में से एक रघु राय का 26 अप्रैल को नयी दिल्ली के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया।
वह 83 वर्ष के थे।
सदन ने भारत-पाकिस्तान युद्ध में वीरता का परिचय देने वाले लेफ्टिनेंट जनरल दीपेंद्र सिंह और हॉकी ओलंपियन गुरबक्स सिंह ग्रेवाल को भी श्रद्धांजलि दी।
भाषा जितेंद्र पवनेश
पवनेश
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