गुजरात पुनर्निर्माण की यात्रा प्रेरणादायक : राज्यपाल आनंदीबेन पटेल
आनन्द रवि कांत
- 02 May 2026, 12:19 AM
- Updated: 12:19 AM
लखनऊ, एक मई (भाषा) गुजरात एवं महाराष्ट्र के स्थापना दिवस के अवसर पर शुक्रवार को यहां 'जन भवन' में आयोजित एक कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने 26 जनवरी 2001 के भीषण भूकंप के बाद गुजरात के पुनर्निर्माण की प्रेरक यात्रा साझा की।
अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि तबाही के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सड़क, आवास, अस्पताल और विश्वविद्यालयों का तीव्र गति से निर्माण कर गुजरात को सशक्त बनाया गया।
'जन भवन' की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, राज्यपाल ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर उन्होंने किसानों, विद्यार्थियों और आमजन की समस्याएं सुनीं तथा समय की आवश्यकता के अनुसार नियमों में बदलाव कर विकास को प्राथमिकता दी गई, जिससे गुजरात आज एक 'मॉडल राज्य' के रूप में स्थापित है।
गौरतलब है कि गुजरात और महाराष्ट्र दोनों राज्य एक मई, 1960 को अस्तित्व में आए थे। पटेल स्वयं गुजरात की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं।
राज्यपाल ने कच्छ के परिवर्तन का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि भूकंप से तबाह हुआ यह क्षेत्र आज 'सफेद रण' की अद्वितीय सुंदरता के कारण देश-विदेश के पर्यटकों का प्रमुख केंद्र बन चुका है।
उन्होंने सरदार सरोवर परियोजना, बांध की ऊंचाई बढ़ाने और नहर नेटवर्क के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों तक पानी पहुंचाने में अपनी भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने केवड़िया में 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' और 'वाइब्रेंट गुजरात' पहल को निवेश और रोजगार सृजन का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
राज्यपाल ने कहा कि भूमि अधिग्रहण में किसानों को उचित मूल्य मिलना चाहिए, क्योंकि भूमि उनकी आजीविका का आधार है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देशभर में जनकल्याण को केंद्र में रखकर स्वच्छ पेयजल, सड़क और आवास जैसी सुविधाओं का विस्तार हो रहा है और भारत विश्व को शांति एवं सह-अस्तित्व का संदेश दे रहा है।
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण हैं। उन्होंने बताया कि जन भवन को शैक्षिक एवं नवाचार केंद्र के रूप में विकसित किया गया है, जहां 'मियावाकी वन' जैसी पहल के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
इस अवसर पर गुजरात और महाराष्ट्र की लोक कला, हस्तशिल्प एवं पर्यटन पर आधारित एक प्रदर्शनी भी आयोजित की गई।
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आनन्द रवि कांत
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