कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा के बीच शिवकुमार ने अपना जन्मदिन मनाया
अविनाश
- 15 May 2026, 04:41 PM
- Updated: 04:41 PM
बेंगलुरु, 15 मई (भाषा) कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने राज्य में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चल रही अटकलों के बीच शुक्रवार को अपना 64वां जन्मदिन मनाया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का उनके आवास पर पार्टी नेताओं, विधायकों, मंत्रियों और कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया।
इससे पहले, उन्होंने अपने समर्थकों के साथ केक काटा। वैदिक मंत्रों का उच्चारण करते हुए पुजारियों के एक समूह ने उन्हें आशीर्वाद दिया।
शिवकुमार के समर्थक 2023 के विधानसभा चुनावों में पार्टी की जीत के बाद मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के साथ हुए सत्ता-साझाकरण समझौते के अनुसार उनकी पदोन्नति पर जोर दे रहे हैं। कुछ लोगों ने तो यह भी दावा किया था कि 15 मई को उनके जन्मदिन पर "खुशखबरी" मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, उपमुख्यमंत्री ने इस सवाल का जवाब देने से इनकार कर दिया कि क्या उन्हें कांग्रेस आलाकमान से "अच्छी खबर" मिलने की उम्मीद है, क्योंकि चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव संपन्न हो चुके हैं।
पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने उनके जन्मदिन पर शहर में विभिन्न स्थानों पर बधाई संदेश वाले बैनर लगाए जाने को लेकर नाराजगी जतायी। उन्होंने कार्यकताओं को ऐसा करने से मना किया था। उन्होंने ऐसे कृत्यों में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी। कुछ बैनरों पर तो उन्हें "अगला मुख्यमंत्री" तक कहा गया था।
शिवकुमार ने कहा, "मैं लोगों के जमावड़े से बचना चाहता था। मैं अपने परिवार के साथ तिरुचेंदूर (तमिलनाडु में) जा रहा हूं। पार्टी कार्यकर्ता आधी रात से मुझे बधाई देने के लिए इंतजार कर रहे थे। सुबह भी मेरे दोस्त, नेता, विधायक और मंत्री इंतजार कर रहे थे। इसलिए मैं देर से रवाना हो रहा हूं। मैं उनके प्यार, विश्वास, शुभकामनाओं और आशीर्वाद को टाल नहीं सका।"
शिवकुमार ने कहा कि उन्होंने अपने जन्मदिन की शुभकामनाओं वाले बैनर नहीं लगाने का अनुरोध किया था और यह चेतावनी भी दी थी कि ऐसा करने पर लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए जाएंगे, लेकिन फिर भी लोगों ने बैनर लगा दिए हैं।
उन्होंने कहा, "लगभग 50 प्रतिशत बैनर हटा दिए गए हैं। मैंने व्यक्तिगत रूप से कुछ जगहों से इन्हें हटवाया है, लेकिन फिर भी कुछ लोगों ने अपने लगाव के कारण इन्हें लगा रखा है। यह गलत है। मैंने नगर निगम अधिकारियों से इन्हें तुरंत हटाने को कहा है। भाजपा ने भी अपने नेताओं के बैनर लगाए हैं। यह भी गलत है। सख्त नियमों के बावजूद हम अवैध बैनरों को नहीं रोक पाए हैं। यह ठीक नहीं है, हमें बेंगलुरु शहर को स्वच्छ रखना है।"
भाषा तान्या अविनाश
अविनाश
1505 1641 बेंगलुरु