दहेज हत्या मामले में पूर्व न्यायाधीश के बेटे की अग्रिम जमानत याचिका खारिज
जोहेब
- 18 May 2026, 10:41 PM
- Updated: 10:41 PM
(फोटो के साथ)
भोपाल, 18 मई (भाषा) मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में 33 वर्षीय मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में सोमवार को उस समय नया मोड़ आ गया, जब यहां की एक स्थानीय अदालत ने उसके पति समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
अदालत के फैसले के बाद, भोपाल पुलिस ने ट्विशा के समर्थ सिंह की गिरफ्तारी के लिए सूचना देने पर 10,000 रुपये का नकद इनाम घोषित किया। सिंह पेशे से वकील है और फिलहाल फरार है।
इससे पहले, अदालत ने पीड़िता ट्विशा की सास एवं सेवानिवृत्त न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को अग्रिम जमानत दे दी थी।
अदालत में सुनवाई के दौरान आरोपी पति समर्थ सिंह के वकील ने ट्विशा की मानसिक स्थिति पर सवाल उठाए, वहीं महिला के परिवार के वकील ने सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका जताते हुए जमानत का कड़ा विरोध किया।
दलीलें सुनने के बाद सत्र अदालत की न्यायाधीश पल्लवी द्विवेदी ने समर्थ की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
अदालत के फैसले के बाद ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा ने 'पीटीआई-वीडियो' से कहा कि अग्रिम जमानत खारिज होना हमारी जीत नहीं है।
उन्होंने कहा, "दोनों को सजा हो तब हमारी जीत होगी।"
नवनिधि शर्मा ने समर्थ सिंह और उनकी मां गिरिबाला सिंह को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग करते हुए कहा कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो वे 'पैसे और ताकत' का इस्तेमाल कर उच्च न्यायालय से जमानत हासिल कर लेंगे।
उल्लेखनीय है कि 2024 में एक डेटिंग ऐप के माध्यम से मुलाकात के बाद दिसंबर 2025 में समर्थ सिंह और ट्विशा ने शादी की थी। उत्तर प्रदेश के नोएडा की रहने वाली ट्विशा का 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में अपने पति के मकान में फंदे से लटका हुआ शव मिला था।
ट्विशा के परिवार का दावा है कि दहेज उत्पीड़न के कारण उसकी हत्या की गई है। हालांकि मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है।
एसआईटी का नेतृत्व कर रहे मिसरोद के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) रजनीश कश्यप ने कहा कि समर्थ सिंह का पता लगाने के प्रयास जारी हैं।
कश्यप ने कहा कि एम्स भोपाल से मिली प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फंदा लगाकर आत्महत्या करने के कारण मौत होने का संकेत मिला है।
उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम के दौरान, फंदे पर लटकने में कथित तौर पर इस्तेमाल की गई रस्सी को एम्स नहीं भेजने में लापरवाही होने का पता चला है और इस मामले में जांच अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कश्यप ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा, ''जमानत याचिका में ट्विशा के नशे की लत होने के आरोपों का जिक्र किया गया है, लेकिन हम प्राथमिकी की धाराओं के अनुसार मामले की सख्ती से जांच कर रहे हैं।"
गिरिबाला सिंह द्वारा जिला अदालत में अपने बेटे के लिए दायर जमानत याचिका में आरोप लगाया गया है कि ट्विशा नशीले पदार्थों की आदी थी और जब वह उनका सेवन नहीं कर पाती थी तो वह चिड़चिड़ी हो जाती थी और उसके हाथ पांव कांपने लगते थे।
समर्थ सिंह की याचिका खारिज होने के बाद एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए गिरिबाला सिंह ने दावा किया कि ट्विशा को मानसिक समस्या थी और वह अवसाद में भी थी।
उन्होंने कहा कि ट्विशा की मौत उनके लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं है क्योंकि वह उनके परिवार का हिस्सा थी।
उन्होंने कहा कि ट्विशा पांच साल में पांच बार दिल्ली गई और वह जब भी लौटती थी तो उसके व्यवहार में बहुत परिवर्तन दिखता था।
उन्होंने आरोप लगाया कि उसके परिजन ने बहुत कम उम्र में ही उसे ग्लैमर की दुनिया में धकेल दिया और संभवत इसलिए वह मानसिक दबाव में रहती थी।
गिरिबाला सिंह ने दावा किया कि पिछले पांच महीने में ट्विशा के परिजन कभी भी उसकी सुध लेने नहीं आए और आज जब वह इस दुनिया में नहीं है तो वे उसका अंतिम संस्कार भी नहीं होने दे रहे।
उन्होंने कहा कि उन्हें जांच और न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।
ट्विशा का शव अभी भी भोपाल में स्थित एम्स के शवगृह में रखा है। उसके परिवार वाले दिल्ली के एम्स में फिर से पोस्टमार्टम किए जाने की मांग कर रहे हैं।
समर्थ के लिए दायर अग्रिम जमानत याचिका में यह दावा भी किया गया है कि गर्भवती होने के बाद उसके ससुराल वालों के प्रति उसका व्यवहार बदल गया। इसमें यह भी कहा गया कि घटना के दिन उसका पति उसे ब्यूटी पार्लर ले गया था।
याचिका में ट्विशा के गर्भपात का भी दावा किया गया है। समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत के लिए दायर इस याचिका की प्रति सोशल मीडिया वायरल हो गई है।
सेवानिवृत्त न्यायाधीश ने जमानत याचिका में दहेज उत्पीड़न के आरोपों से इनकार करते हुए दावा किया कि ट्विशा को उसकी जरूरतों के लिए नियमित रूप से ऑनलाइन पैसे दिए जाते थे।
याचिका में कथित तौर पर सहायक दस्तावेजों के रूप में 5,000 रुपये से 50,000 रुपये तक के लेनदेन की रसीदें भी शामिल की गई हैं।
हालांकि, ट्विशा के परिवार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि वह एक हंसमुख और चंचल लड़की थी, जो शादी के बाद काफी बदल गई थी।
ट्विशा की चचेरी बहन मीनाक्षी ने विभिन्न समाचार चैनलों से बातचीत के दौरान दावा किया कि ससुराल वालों की प्रताड़ना और मानसिक यातना के कारण उसका वजन 15 किलोग्राम कम हो गया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह उत्पीड़न तब चरम पर पहुंच गया जब ट्विशा की नौकरी चली गई और गर्भवती हो गई। उन्होंने कहा कि उसके पति ने बच्चे को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था।
इस बीच अधिकारियों ने बताया कि एसआईटी ट्विशा की मौत के बाद दहेज उत्पीड़न, शारीरिक हमले और सबूत नष्ट करने के कथित प्रयासों से संबंधित आरोपों की जांच करेगी।
रविवार को पीड़ित ट्विशा शर्मा के परिवार ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के आवास के बाहर प्रदर्शन किया और दिल्ली में स्थित एम्स में दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की।
भाषा ब्रजेन्द्र जोहेब
जोहेब
1805 2241 भोपाल