दिल्ली के राममनोहर लोहिया अस्पताल में इस सीजन में लू से पीड़ित पहले मरीज को भर्ती किया गया
रंजन
- 21 May 2026, 06:23 PM
- Updated: 06:23 PM
नयी दिल्ली, 21 मई (भाषा) दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में बुधवार रात पश्चिम बंगाल के 24 वर्षीय विद्यार्थी को बेहोश हो जाने पर लाया गया है जो इस चिकित्सा केंद्र में गर्मी के मौसम में लू लगने से तबीयत खराब होने पर भर्ती किया जाने वाला पहला मरीज है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि विद्यार्थी की स्थिति गंभीर बनी हुई है।
अस्पताल के मेडिसिन विभाग के निदेशक प्रोफेसर डॉ. अजय चौहान ने बताया कि मरीज को रात करीब पौने दो बजे उल्टी, दस्त, बेहोशी और अत्यधिक तापमान जैसे लक्षणों के साथ भर्ती कराया गया।
उन्होंने कहा, '' मरीज को आईसीयू में भर्ती किया गया । वह जीवन रक्षक प्रणाली पर है।''
चौहान ने बताया, '' वह ट्रेन में यात्रा कर रहा था और उसे उल्टी-दस्त हो रहे थे। उसे बेहोशी की हालत में अस्पताल लाया गया। हमने तुरंत उसे बर्फ के पानी में रखा और उसका तापमान नियंत्रित करने की कोशिश की।''
उन्होंने कहा कि डॉक्टरों ने मरीज को जल में रखकर तापमान नियंत्रित करने का इलाज शुरू किया और बाद में उसे मेडिकल वार्ड में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज जारी है।
चौहान ने कहा, ''मरीज की हालत अब भी बहुत गंभीर है। लू लगना जानलेवा स्थिति है।''
उन्होंने लोगों से मौजूदा भीषण गर्मी के बीच सावधानी बरतने की अपील की।
उन्होंने लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, नमक युक्त तरल पदार्थों का सेवन करने, धूप से बचने और बाहर काम करने की स्थिति में छायादार स्थानों का आश्रय लेने की सलाह दी।
डॉ. चौहान ने कहा, ''लू केवल मौसम की असुविधाजनक स्थिति नहीं है, अगर इसे नजरअंदाज किया जाए तो यह जानलेवा भी हो सकती है। अत्यधिक गर्मी में लंबे समय तक बाहर रहने से निर्जलीकरण, थकान, लू, हृदय और श्वसन संबंधी बीमारियों का बिगड़ना और गंभीर मामलों में, यहां तक कि अंग विफलता भी हो सकती है।''
उन्होंने कहा कि बच्चों, बुजुर्गों, बाहर में काम करने वालों तथा पुराने रोगों से ग्रस्त लोगों के उसकी चपेट में आने की आशंका है, ऐसे में लोगों को दोपहर के समय बाहर नहीं जाना चाहिए, नमक एवं इलेक्ट्रोलाइट वाला पानी पीना चाहिए, सूती के हल्के कपड़े पहनना चाहिए, ताजे फल खाना चाहिए तथा तरल पदार्थ लेते रहना चाहिए।
उन्होंने कहा, ''चक्कर आना, भ्रम की स्थिति, अत्यधिक पसीना आना, दिल की धड़कन तेज होना, मांसपेशियों में ऐंठन या बेहोशी जैसे चेतावनी संकेतों को कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए । इनके लिए तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता होती है। गर्मी से संबंधित बीमारियों से बचाव का सबसे अच्छा तरीका निवारक देखभाल और जागरूकता है।''
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार दिल्ली में कई दिनों से लू चलने के बीच बृहस्पतिवार को मई महीने की सबसे गर्म रात दर्ज की गई, जब न्यूनतम तापमान 31.9 डिग्री सेल्सियस रहा।
मौसम विभाग ने राष्ट्रीय राजधानी के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी करते हुए भीषण लू की आशंका जताई है और दिन में अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की आशंका है।
भाषा राजकुमार रंजन
रंजन
2105 1823 दिल्ली