माकपा सांसद जॉन ब्रिटास ने सीबीएसई के डिजिटल मूल्यांकन को लेकर चिंता जतायी, हस्तक्षेप की मांग की
संतोष
- 23 May 2026, 07:27 PM
- Updated: 07:27 PM
(फाइल फोटो के साथ)
नयी दिल्ली, 23 मई (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राज्यसभा सदस्य जॉन ब्रिटास ने शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पत्र लिखकर सीबीएसई की 12वीं कक्षा की 'ऑन-स्क्रीन मार्किंग' (ओएसएम) प्रणाली पर चिंता जताई और आरोप लगाया कि स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाएं धुंधली हैं, मूल्यांकन में अनियमितताएं हैं और पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया में तकनीकी समस्याएं हैं।
प्रधान को लिखे अपने पत्र में ब्रिटास ने 21 मई को भेजे अपने पिछले पत्र का उल्लेख किया और कहा कि मूल्यांकन तंत्र की पारदर्शिता और विश्वसनीयता के संबंध में देश भर के विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों और शिक्षाविदों से अतिरिक्त शिकायतें एवं दस्तावेजी सामग्री सामने आई हैं।
उन्होंने धुंधली या आंशिक रूप से अपठनीय स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाओं का हवाला दिया तथा भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित जैसे विषयों में चरणवार अंकन की कथित चूक, पुनर्मूल्यांकन और उत्तर पुस्तिका तक पहुंच से संबंधित पोर्टल में लगातार तकनीकी कठिनाइयां पेश आने का आरोप लगाया।
सांसद ने कहा कि कई विद्यार्थियों ने शिकायत की है कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध कराई गई स्कैन उत्तर पुस्तिकाएं धुंधली या आंशिक रूप से अपठनीय हैं, जिससे मूल्यांकन की सटीकता की पुष्टि करना मुश्किल हो जाता है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थी सवाल उठा रहे हैं कि यदि डिजिटल मूल्यांकन के दौरान उत्तर पुस्तिकाएं ही ठीक से पठनीय नहीं हैं तो निष्पक्ष मूल्यांकन कैसे सुनिश्चित किया जा सकता है और ऐसी चिंताओं से परीक्षा प्रक्रिया पर विश्वास कम होता है।
ब्रिटास ने विज्ञान और गणित के प्रश्नपत्रों में विद्यार्थियों द्वारा समीकरण निकाल लेने और मध्यवर्ती स्तर तक उत्तर लिखने के बावजूद कथित रूप से अपर्याप्त अंक दिए जाने पर चिंता व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि यहां तक कि छिटपुट विसंगतियां भी गंभीर परिणाम दे सकती हैं क्योंकि बोर्ड परीक्षा के परिणाम उच्च शिक्षा में प्रवेश, छात्रवृत्ति और व्यावसायिक अवसरों के लिए पात्रता निर्धारित करते हैं।
तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए, माकपा सांसद ने मंत्री से उत्तर पुस्तिका की पठनीयता, मूल्यांकन की एकरूपता और चरणवार अंकन के संबंध में ओएसएम प्रणाली की स्वतंत्र समीक्षा का आदेश देने का अनुरोध किया। उन्होंने विवादित मामलों में पर्यवेक्षी या सत्यापन तंत्र की भी मांग की।
भाषा राजकुमार संतोष
संतोष
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