मप्र : निजी तस्वीरों के नाम पर उगाही की कोशिश, आरोपियों के मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच होगी
हर्ष रवि कांत
- 25 May 2026, 03:52 PM
- Updated: 03:52 PM
इंदौर, 25 मई (भाषा) मध्यप्रदेश में नया 'हनी ट्रैप' गिरोह सक्रिय होने की आशंकाओं के बीच इंदौर में पुलिस ने एक शराब कारोबारी से कथित तौर पर एक करोड़ रुपये की उगाही की साजिश में गिरफ्तार सात लोगों के मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अपराध विज्ञान प्रयोगशाला भेजने का फैसला किया है। पुलिस के एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी के मुताबिक पुलिस को संदेह है कि आरोपियों ने गिरफ्तारी से पहले कथित आपत्तिजनक वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्य मिटा दिए थे।
पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) राजेश कुमार त्रिपाठी ने संवाददाताओं को बताया कि मामले में गिरफ्तार सातों आरोपियों की पुलिस हिरासत अवधि पूरी होने के बाद उन्हें सोमवार को स्थानीय अदालत में पेश किया गया जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
त्रिपाठी ने बताया कि जांच में अब तक सामने आया है कि अलका दीक्षित नामक महिला इस मामले की मुख्य साजिशकर्ता है और सभी सात आरोपी आपस में संपर्क में थे।
उन्होंने कहा कि आरोपियों ने कथित साजिश के तहत शहर के एक शराब कारोबारी को जाल में फंसाया और उसके निजी फोटो-वीडियो सार्वजनिक करके उसे समाज में बदनाम करने की धमकी देकर उससे एक करोड़ रुपये वसूलने की कोशिश की।
डीसीपी के मुताबिक अब तक आरोपियों के मोबाइल फोन से कोई आपत्तिजनक वीडियो बरामद नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा,'' हो सकता है कि आरोपियों ने गिरफ्तारी से पहले वीडियो और अन्य डिजिटल सामग्री डिलीट कर दी हो। इसीलिए आरोपियों के मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जांच के लिए अपराध विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जाएगा।''
डीसीपी ने बताया कि मामले के हर पहलू की जांच की जा रही है और तकनीकी साक्ष्य जुटाने पर जोर दिया जा रहा है।
त्रिपाठी ने उन खबरों को 'भ्रामक' बताया जिनमें दावा किया गया था कि इस गिरोह ने पुलिस अधिकारियों को भी अपने जाल में फंसाया था।
उन्होंने कहा कि फिलहाल शराब कारोबारी के अलावा कोई नया शिकायतकर्ता सामने नहीं आया है, हालांकि मामले की विस्तृत जांच जारी है।
डीसीपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में शामिल अलका दीक्षित और पुलिस आरक्षक विनोद शर्मा लंबे समय से एक-दूसरे के संपर्क में थे।
उन्होंने बताया कि कारोबारी से धन वसूली की आपराधिक साजिश में कथित संलिप्तता के कारण पुलिस आरक्षक को निलंबित कर दिया गया है।
त्रिपाठी ने बताया कि इस मामले के अन्य गिरफ्तार आरोपियों में अलका दीक्षित का बेटा जयदीप दीक्षित, लाखन चौधरी, श्वेता जैन, जितेंद्र पुरोहित और रेशू चौधरी शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि श्वेता जैन वर्ष 2019 में उजागर चर्चित 'हनी ट्रैप' मामले में भी आरोपी रह चुकी है।
त्रिपाठी ने बताया कि अलका दीक्षित और श्वेता जैन की मुलाकात जेल में बंद रहने के दौरान हुई थी।
अधिकारियों के मुताबिक वर्ष 2019 में सामने आए 'हनी ट्रैप' गिरोह ने धनवान व्यक्तियों और ऊंचे ओहदों पर बैठे लोगों को महिलाओं के जरिये जाल में फंसाकर उगाही की थी।
इस मामले ने राज्य के सियासी और प्रशासनिक तंत्र को झकझोर कर रख दिया था।
भाषा
हर्ष रवि कांत
2505 1552 इंदौर