महान गायिका एस. जानकी का निधन
देवेंद्र
- 12 Jul 2026, 01:01 AM
- Updated: 01:01 AM
मैसूर, 11 जुलाई (भाषा) दिग्गज पार्श्व गायिका एस. जानकी का शनिवार को मैसूर के एक निजी अस्पताल में उम्र संबंधी बीमारियों के कारण निधन हो गया। वह 88 वर्ष की थीं।
परिवार के सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार रात उन्हें सांस लेने में तकलीफ हुई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।
अपनी बहुमुखी गायकी के लिए प्रसिद्ध एस. जानकी ने अपने छह दशक से अधिक लंबे करियर में 48,000 से अधिक गीत गाए।
उन्होंने मुख्य रूप से कन्नड़, तमिल, तेलुगु और मलयालम भाषाओं में गाया, लेकिन इसके अलावा हिंदी, ओड़िया, तुलु, उर्दू, पंजाबी, बांग्ला सहित लगभग 20 भारतीय भाषाओं में फिल्मों, एल्बमों, टेलीविजन और रेडियो के लिए भी अपनी आवाज दी।
उनकी पोती अप्सरा वैद्युला ने इंस्टाग्राम पर लिखा, ''अत्यंत दुख के साथ मैं अपनी प्रिय दादी और महान गायिका श्रीमती एस. जानकी के निधन की सूचना साझा कर रही हूं।''
वैद्युला ने लिखा, ''उन्होंने शांतिपूर्वक इस दुनिया को अलविदा कहा। हमारे दिल में बहुत दुख है, लेकिन साथ ही हम उनके असाधारण जीवन और उनके कालजयी संगीत के माध्यम से करोड़ों लोगों को दी गई अपार खुशियों के लिए कृतज्ञ भी हैं।''
उन्होंने कहा, ''दुनिया के लिए वह एक महान और अमर आवाज़ थीं, जिनके गीत अनगिनत यादों का हिस्सा बन गए। हमारे लिए वह एक स्नेहमयी दादी थीं, जिनकी गर्मजोशी, विनम्रता, दयालुता और गरिमा हमेशा हमारे साथ रहेगी। इस कठिन समय में, जब हम उनके निधन के दुख से उबरने की कोशिश कर रहे हैं, हम सभी से हमारे परिवार की निजता का सम्मान करने का अनुरोध करते हैं।''
एस. जानकी का जन्म 23 अप्रैल 1938 को आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले के पल्लापटला गांव में हुआ था। उन्हें प्रेम से ''जानकी अम्मा'' कहा जाता था।
उन्होंने मात्र 19 वर्ष की आयु में 1957 की तमिल फिल्म 'विधियिन विलायट्टु' से अपने फिल्मी गायन करियर की शुरुआत की।
हालांकि उन्होंने कई भाषाओं में गाया, लेकिन उन्होंने अपने करियर में सबसे अधिक गीत कन्नड़ भाषा में रिकॉर्ड किए।
उनके पी. बी. श्रीनिवास, एस. पी. बालासुब्रह्मण्यम और डॉ. राजकुमार के साथ गाए युगल गीत आज भी सदाबहार माने जाते हैं।
शानदार संगीत करियर के दौरान एस. जानकी को चार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और 33 राज्य फिल्म पुरस्कारों के अलावा कई अन्य सम्मानों से नवाजा गया।
कर्नाटक सरकार ने भी उन्हें 'राज्योत्सव प्रशस्ति' से सम्मानित किया था।
वर्ष 2013 में उन्होंने भारत के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण को यह कहते हुए स्वीकार करने से इनकार कर दिया था कि इसके लिए उन्हें बहुत देर में चुना गया।
जानकी का मानना था कि भारतीय संगीत में उनके योगदान के लिए वह देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न की हकदार थीं।
वर्ष 1997 में पति वी. रामप्रसाद के निधन के बाद जानकी ने सादगी भरी और गरिमापूर्ण जीवनशैली अपना ली थी।
इसके बाद वह आमतौर पर सादी सफेद या बिना रंग की साड़ियों में नजर आती थीं, जो जीवनभर उनकी पहचान बन गई।
इस वर्ष 22 जनवरी को उनके पुत्र मुरली कृष्ण का भी निधन हो गया था।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने 'एक्स' पर शोक व्यक्त करते हुए कहा, ''जानकी अम्मा ने अपनी स्वर्णिम आवाज से करोड़ों लोगों के दिलों में जगह बनाई। उनके निधन से संगीत जगत ने अपनी सबसे मधुर आवाजों में से एक को खो दिया है।''
मुख्यमंत्री ने उनके परिवार से फोन पर बात कर संवेदना व्यक्त की और कहा कि उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाए।
कर्नाटक सरकार ने मंत्री यतींद्र सिद्धरमैया को अंतिम संस्कार में सरकार का प्रतिनिधित्व करने के लिए नियुक्त किया है।
रविवार सुबह उनके पार्थिव शरीर को मैसूरु के महाराजा कॉलेज मैदान में आम जनता के अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा।
मैसूर में पत्रकारों से बात करते हुए यतींद्र सिद्धरमैया ने कहा कि उन्होंने अधिकारियों और परिवार के सदस्यों से बात की है। उन्होंने बताया कि जानकी का पार्थिव शरीर रविवार सुबह मैसुरु शहर के महाराजा कॉलेज ग्राउंड में रखा जाएगा, ताकि लोग उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दे सकें।
उन्होंने बताया कि जानकी की इच्छा थी कि उनका अंतिम संस्कार मैसुरु में ही हो। परिवार के अनुसार, अंतिम संस्कार मैसूर के कनियानहुंडी गांव के एक खेत में किया जाएगा और वहां सभी ज़रूरी इंतज़ाम किए जाएंगे।
अंतिम संस्कार का समय परिवार तय करेगा।
उनके निधन की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में प्रशंसक, आम नागरिक और कई राजनीतिक नेता अस्पताल पहुंचे और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
तेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला, मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी, केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी और बंडी संजय कुमार, अभिनेता चिरंजीवी और कई अन्य नेताओं और फ़िल्मी हस्तियों ने एस. जानकी के निधन पर शोक व्यक्त किया।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू और वाईएसआरसीपी प्रमुख जगन मोहन रेड्डी और केरल के मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने भी शोक व्यक्त किया है।
भाषा शोभना देवेंद्र
देवेंद्र
1207 0101 मैसुरु