कर्नाटक के भटकल कस्बे में स्थिति शांतिपूर्ण, भारी पुलिस बल तैनात
पारुल
- 25 May 2026, 07:13 PM
- Updated: 07:13 PM
करवार, 25 मई (भाषा) कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले के भटकल कस्बे में धार्मिक संरचना के पुनर्निर्माण को लेकर तनाव भड़कने के एक दिन बाद सोमवार को स्थिति शांतिपूर्ण है। हालांकि, अधिकारियों ने बताया कि इलाके में एहतियात के तौर पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और निषेधाज्ञा लागू की गई है।
भटकल के जगते कट्टे में एक धार्मिक संरचना 'मूरी कट्टे' को लेकर विवाद के बाद रविवार को तनाव फैल गया था। राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण से जुड़े कार्यों के दौरान पहले हटाई गई इस संरचना को हाल में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की भूमि पर पुनर्निर्मित किया गया था।
अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों ने इसका कड़ा विरोध किया और इसे हटाने की मांग की।
पुलिस के मुताबिक, लोगों का एक समूह मौके पर एकत्र हो गया और पुनर्निर्मित संरचना को तोड़ने का प्रयास किया। उसने बताया कि इस दौरान हुई अफरा-तफरी में कुछ लोगों ने व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश कर रहे पुलिसकर्मियों पर कथित तौर पर हमला किया।
पुलिस के अनुसार, इस घटना के संबंध में चार मामले दर्ज किए गए हैं - पहला राजमार्ग पर वाहनों को रोकने के लिए, दूसरा पुलिसकर्मियों पर हमला करने के लिए, तीसरा जनता को चोट पहुंचाने के लिए और चौथा सोशल मीडिया के माध्यम से झूठी जानकारी फैलाने और उकसाने के लिए।
उत्तर कन्नड़ जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) दीपन एम एन ने यहां संवाददाताओं को बताया, ''फिलहाल स्थिति शांतिपूर्ण है। हमने यहां पर्याप्त बल तैनात किया है। कर्नाटक राज्य रिजर्व पुलिस (केएसआरपी) की नौ प्लाटून तैनात हैं। इसके साथ ही जिला सशस्त्र रिजर्व (डीएआर) की छह इकाइयां भी तैनात हैं। इसके अलावा, जिले के अंदर और बाहर से 300 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों को बंदोबस्त ड्यूटी पर तैनात किया गया है।''
दीपन ने बताया कि पूरे शहर में लगातार गश्त की व्यवस्था की गई है और एहतियात के तौर पर विशेष कार्यबल की टुकड़ियों को भी तैनात किया गया है।
उन्होंने कहा, ''आज और अगले दो दिनों तक बीएनएसएस की धारा 163 (कर्फ्यू) लागू रहेगी और प्रतिबंधों के संबंध में घोषणाएं भी की गई हैं। आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।''
पुलिस ने रविवार देर रात पुलिसकर्मियों पर हुए हमले में शामिल लोगों की पहचान कर ली है और उन्हें पकड़ने के प्रयास जारी हैं।
जिला प्रशासन और पुलिस किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए स्थिति पर कड़ी नजर रख रही है।
अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और सोशल मीडिया पर अफवाहें न फैलाने की अपील की है।
जिले के प्रभारी मंत्री मनकल वैद्य ने संवाददाताओं को बताया कि यह एक अप्रत्याशित घटना थी और स्थिति टकराव के स्तर तक पहुंच गई।
उन्होंने कहा, ''लेकिन पुलिस के हस्तक्षेप से शहर में शांति लौट आई है। हम शांति समिति के गठन और सप्ताह के मध्य में किसी समय शांति बैठक आयोजित करने की दिशा में काम कर रहे हैं।''
बजरंग दल, हिंदू युवा वेदिके, हिंदू जागरण समिति और अन्य हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने इस घटना और पुलिसकर्मियों पर हुए हमलों की निंदा की है। उन्होंने पुलिस से अपील की है कि हमलावरों को बख्शा न जाए।
भाषा शोभना पारुल
पारुल
2505 1913 करवार