सरकार थोक मूल्य सूचकांक को समाप्त करेगी, उत्पादक मूल्य सूचकांक अपनाएगी
रमण
- 02 Jun 2026, 07:16 PM
- Updated: 07:16 PM
(15वें पैरा में अतिरिक्त शब्द हटाते हुए)
नयी दिल्ली, दो जून (भाषा) सरकार थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) को धीरे-धीरे समाप्त करेगी और उत्पादन, कच्चे माल और सेवाओं की कीमतों को शामिल करने वाला विस्तृत उत्पादक मूल्य सूचकांक (पीपीआई) लागू करेगी। इसका मकसद अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति के रुख का अधिक वास्तविक आकलन करना है।
इस बारे में वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के प्रधान आर्थिक सलाहकार प्रवीण महतो ने संवाददाताओं से कहा कि उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) 15 जून को नए आधार वर्ष 2022-23 के साथ डब्ल्यूपीआई की संशोधित श्रृंखला जारी करेगा। यह आधार वर्ष 2011-12 वाली मौजूदा श्रृंखला का स्थान लेगा।
इसके अतिरिक्त, विभाग 15 जून को सात सेवाओं... बैंकिंग, प्रतिभूति लेनदेन, बीमा, पेंशन कोष प्रबंधन, रेलवे, हवाई (यात्री) और दूरसंचार... के लिए उत्पादन उत्पादक मूल्य सूचकांक (ओपीपीआई), परीक्षण कच्चा माल उत्पादक मूल्य सूचकांक (आईपीपीआई) और सेवा उत्पादक मूल्य सूचकांक (सर्विस पीपीआई) की एक नई श्रृंखला जारी करेगा, जिसका आधार वर्ष 2022-23 होगा।
मंत्रालय ने बयान में कहा, ''मूल्य वृद्धि संबंधी प्रावधानों में थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) के व्यापक उपयोग को देखते हुए, यह सूचकांक पीपीआई के साथ संशोधित श्रृंखला जारी होने की तारीख से पांच वर्षों तक जारी किया जाएगा और उसके बाद इसे समाप्त कर दिया जाएगा।''
पांच वर्ष की अवधि उपयोगकर्ताओं को डब्ल्यूपीआई से पीपीआई में बदलने के लिए पर्याप्त समय देगी।
महतो ने कहा कि पांच साल के बाद, पीपीआई द्वारा डब्ल्यूपीआई को प्रतिस्थापित किए जाने की उम्मीद है।
डब्ल्यूपीआई से पीपीआई में बदलाव विकसित अर्थव्यवस्थाओं में अपनाई गई वैश्विक सर्वोत्तम गतिविधियों और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की सिफारिशों के अनुरूप है।
उत्पादन पीपीआई और कच्चे माल पीपीआई दोनों की उपलब्धता से किसी उद्योग में उपयोग होने वाले कच्चे माल की तुलना में अंतिम रूप से तैयार वस्तुओं की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव को बेहतर ढंग से समझा जा सकता है।
इससे यह भी पता चलता है कि उत्पादकों द्वारा अनुभव की जाने वाली कच्चे माल की महंगाई को किस प्रकार उत्पादित वस्तुओं पर स्थानांतरित किया जाता है।
महतो ने बताया कि प्रशासनिक स्रोतों/एजेंसियों से उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर पहले चरण में सात सेवाओं के लिए सेवा पीपीआई संकलित किए गए हैं।
आगामी चरणों में आंकड़ों की उपलब्धता के आधार पर, सेवाओं के पीपीआई में और अधिक सेवाएं जोड़ने की योजना है।
डीपीआईआईटी ने बताया कि डब्ल्यूपीआई और उत्पादन पीपीआई मासिक आधार पर संकलित किए जा रहे हैं और मई, 2026 (अस्थायी) के लिए इससे जुड़े आंकड़े अप्रैल, 2023 से अप्रैल, 2026 (37 महीने) तक के पिछले आंकड़ों के साथ 15 जून को उपलब्ध होंगे।
मासिक परीक्षण कच्चा माल पीपीआई (केवल विनिर्माण क्षेत्र के लिए) मार्च, 2026 से प्रायोगिक आधार पर प्रकाशित किया जाएगा।
मंत्रालय ने कहा, ''इससे विभाग को आंकड़ों की गुणवत्ता की जांच करने और हितधारकों तथा उपयोगकर्ताओं से प्रतिक्रिया प्राप्त करने में मदद मिलेगी। तिमाही आधार पर संकलित सेवा पीपीआई, 2025-26 की चौथी तिमाही (अस्थायी) के लिए 2023-24 की पहली तिमाही से 2025-26 की तीसरी तिमाही तक के पिछले आंकड़ों के साथ जारी किया जाएगा।''
आर्थिक सलाहकार कार्यालय के उप महानिदेशक दिलीप कुमार सिन्हा ने डब्ल्यूपीआई की नई श्रृंखला (2022-23) के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि वस्तुओं की कुल संख्या 697 से बढ़कर 957 हो गई है।
उन्होंने बताया कि सौर और पवन ऊर्जा जैसे नए ऊर्जा स्रोतों को विद्युत समूह में शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त, परमाणु ऊर्जा को भी इस समूह में शामिल किया गया है।
इसी प्रकार, कच्चे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस को प्राथमिक वस्तुओं से हटाकर ईंधन और बिजली समूह में रखा गया है।
इस पुनर्गठन से बेहतर तालमेल स्थापित होगा क्योंकि इस समूह में पहले से ही कोयला, बिजली और पेट्रोलियम उत्पाद जैसे अन्य प्रमुख ईंधन शामिल हैं।
डब्ल्यूपीआई, उत्पादन पीपीआई और सेवा पीपीआई का संकलन आधार मूल्य (जिसमें शुद्ध कर और व्यापार एवं परिवहन मार्जिन शामिल नहीं होता) के आधार पर किया जाता है, जबकि कच्चे माल पीपीआई का संकलन क्रेता मूल्य के आधार पर किया जाता है क्योंकि उद्योग बाजार से कच्चा माल खरीदते हैं।
डब्ल्यूपीआई का संशोधन निश्चित अवधि पर होने वाली प्रक्रिया है। मूल्य में उतार-चढ़ाव पर नजर रखने के लिए दो प्रमुख सूचकांकों....थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई)... का उपयोग किया जाता है। थोक मूल्य सूचकांक थोक बाजारों में कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापता है, वहीं सीपीआई खुदरा स्तर पर मुद्रास्फीति को मापता है और इसमें कुछ सेवाएं भी शामिल होती हैं।
उल्लेखनीय है कि 1942 में आधार वर्ष 1939 के साथ डब्ल्यूपीआई की शुरुआत के बाद से, इसमें सात बार संशोधन हुए हैं। इनमें नए आधार वर्ष.... 1952-53, 1961-62, 1970-71, 1981-82, 1993-94, 2004-05 और 2011-12 शामिल किए गए हैं।
वर्तमान डब्ल्यूपीआई आधार वर्ष 2011-12 श्रृंखला मई, 2017 में पेश की गई थी।
पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण उत्पन्न व्यवधानों के बाद ऊर्जा की कीमतों में आई तेजी के चलते अप्रैल में थोक मूल्य मुद्रास्फीति 42 महीनों के उच्चतम स्तर 8.3 प्रतिशत पर पहुंच गई।
भाषा रमण अजय
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0206 1916 दिल्ली