एक बल्लेबाज के तौर पर जीत के साथ नाबाद लौटने से बेहतर कुछ नहीं: बेथेल
पंत
- 05 Jul 2026, 11:55 AM
- Updated: 11:55 AM
मैनचेस्टर, पांच जुलाई (भाषा) इंग्लैंड के बल्लेबाज जैकब बेथेल ने भारत के खिलाफ दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय में अपनी नाबाद 76 रन की पारी को अपने करियर की सबसे बेहतरीन पारियों में से एक बताते हुए कहा कि यह इसलिए भी खास है क्योंकि इससे टीम को जीत मिली।
बाइस साल के इस खिलाड़ी ने क्रिकेट के तीनों प्रारूप में शतक लगाए हैं। उनका एकमात्र टी20 अंतरराष्ट्रीय शतक इस साल टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में भारत के खिलाफ ही आया था जिसमें इंग्लैंड को सात रन से हार का सामना करना पड़ा था।
शनिवार को बेथेल ने संयमित लेकिन आक्रामक अंदाज में नाबाद 76 रन बनाए और 191 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड को चार विकेट से जीत दिलाई। इससे मेजबान टीम पांच मैच की श्रृंखला में 1-0 से आगे हो गई।
बेथेल से जब पूछा गया कि इंग्लैंड के लिए उनकी पसंदीदा पारियों में यह पारी कहां आती है तो उन्होंने कहा, ''मैं इसे शीर्ष के करीब रखूंगा। एक बल्लेबाज के तौर पर जीत के साथ नाबाद लौटना और साथियों से हाथ मिलाना, इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता।''
उन्होंने कहा, ''मैंने कुछ शतक लगाए हैं लेकिन उनमें से सिर्फ एक ही जीत दिलाने वाला था। हम ऑस्ट्रेलिया में हारे, भारत में हारे इसलिए उन मुकाबलों के बाद हमेशा यही ख्याल आता था कि 'मैं और क्या कर सकता था'?''
बेथेल ने कहा, ''लेकिन आज मैं बहुत खुश हूं। हम श्रृंखला में 1-0 से आगे हो गए हैं। भारत के खिलाफ पुरानी हार की कुछ कसक थी इसलिए उन पर जीत हासिल करना अच्छा लगा। इससे मुझे आखिरी तीन मैच के लिए भी काफी आत्मविश्वास मिला है।''
सोलहवें ओवर के बाद बेथेल 36 गेंद पर 42 रन बनाकर खेल रहे थे तभी उन्होंने मैच का रुख निर्णायक रूप से इंग्लैंड के पक्ष में मोड़ दिया।
उन्होंने रवि बिश्नोई के 17वें ओवर में तीन छक्के और एक चौका लगाया (जिसमें दो नोबॉल भी शामिल थीं) और 29 रन बटोरे। इसके बाद उन्होंने हर्षित राणा की गेंद पर भी छक्का जड़ा। उन्होंने अपनी आखिरी 10 गेंद पर 34 रन बनाए।
बेथेल ने कहा, ''इस तरह के लक्ष्य का पीछा करते समय आप पूरे समय आक्रामक नहीं खेलते। बात बस कुछ बड़े ओवरों में अधिक रन जुटाने की है और फिर मैच का रुख बदल जाता है।''
बेथेल चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए जब इंग्लैंड के दोनों सलामी बल्लेबाज बिना खाता खोले आउट हो गए थे और टीम का स्कोर पांच गेंद में एक रन पर दो विकेट था।
उन्होंने कहा, ''मैं काफी शांत था। जब ब्रूकी (हैरी ब्रूक) बल्लेबाजी करने गए तो मैंने कहा, 'अच्छा खेलना, हैरी' और फिर कुछ गेंद के बाद मैं भी मैदान पर आ गया।''
बेथेल ने कहा, ''जोस (बटलर) बदकिस्मत रहे लेकिन कम स्कोर पर दो विकेट गिरने के बाद मैदान पर आना अजीब लगता है। ब्रूकी ने उस स्थिति को अविश्वसनीय रूप से संभाला।''
इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने सिर्फ 15 गेंद में चार चौकों और तीन छक्कों से 39 रन की आक्रामक पारी खेली जिससे टीम शुरुआती झटकों से उबरने में सफल रही।
भाषा सुधीर पंत
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