वायनाड भूस्खलन में एक की मौत, सात घायल और सात लापता: केरल के मुख्यमंत्री
दिलीप
- 07 Jul 2026, 06:07 PM
- Updated: 06:07 PM
तिरुवनंतपुरम, सात जुलाई (भाषा) केरल के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने मंगलवार को कहा कि वायनाड जिले के कल्लाडी में हुए भूस्खलन में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि सात अन्य घायल हुए हैं और सात लोग लापता हैं।
यह भूस्खलन कल्लाडी में मीनाक्षी पुल के पास हुआ, जहां कोझिकोड और वायनाड जिलों को जोड़ने वाली सुरंग सड़क परियोजना का काम चल रहा था।
सतीशन ने यहां संवाददाताओं से कहा कि लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के मंत्री पी. के. बशीर और जिलाधिकारी ने ठेकेदारों को क्षेत्र में बड़ी मात्रा में जमा मिट्टी के मलबे को हटाने के निर्देश काफी पहले ही दे दिए थे।
केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (केएसडीएमए) के कार्यालय में अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा, "हालांकि, ठेकेदारों ने इन निर्देशों का पालन नहीं किया।"
उन्होंने कहा, "यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। बचाव प्रयास जारी हैं।"
पत्रकारों के सवालों के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि मौसम संबंधी उचित चेतावनी जारी नहीं होना भूस्खलन का कारण नहीं था, बल्कि अधिकारियों के निर्देशों के अनुसार समय पर मिट्टी नहीं हटाए जाने की वजह से यह घटना हुई।
वायनाड से कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा ने कहा कि भूस्खलन में अब भी फंसे लोगों को बचाने के लिए सभी प्रयास जारी हैं।
प्रियंका ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि मुख्यमंत्री सतीशन खुद राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सभी लोग जिला प्रशासन, तिरुवनंतपुरम से रवाना हुए मंत्रियों टी सिद्दीकी और एपी अनिल कुमार, स्थानीय पार्टी पदाधिकारियों तथा संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पुलिस और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम कुछ समय से घटना स्थल पर मौजूद हैं, जबकि राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीम और नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवक भी क्षेत्र में पहुंच गए हैं।
प्रियंका ने कहा, ''मेरी गहरी संवेदनाएं उन लोगों के साथ हैं जिन्होंने अपने अनमोल परिजनों को खोया है। हम इस कठिन समय में आपके साथ खड़े रहेंगे और आपको हर संभव सहायता प्रदान करेंगे।''
कांग्रेस सांसद ने अपने पोस्ट में कहा, ''हमारी प्रार्थनाएं और उम्मीदें उन लोगों के साथ हैं, जो अभी तक नहीं मिल पाए हैं। ईश्वर करे कि वे तब तक हौसला बनाए रखें जब तक बचाव दल उन तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं और उनके प्रियजन जो उनका इंतजार कर रहे हैं, उन्हें इस दर्दनाक क्षण में साहस मिले।''
उन्होंने संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और आम जनता से भी अपील की कि वे प्रशासन के दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन करते हुए हर संभव सहायता प्रदान करें।
कांग्रेस सांसद ने कहा, ''ऐसे समय में, हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि राहत और बचाव कार्यों में कोई बाधा न आए और बिना किसी व्यवधान के हर संभव मदद पहुंचाई जाए।''
इससे पहले, सतीशन ने संवाददाताओं से कहा कि मानसून शुरू होने से पहले ही राज्य सरकार ने राजमार्ग निर्माण कार्य से जुड़े लोगों को बारिश के कारण होने वाली संभावित समस्याओं के बारे में सूचित कर दिया था।
उन्होंने बताया कि जिलाधिकारियों के साथ बैठकें की गईं और उन्हें निर्माण कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए गए, जिसके बाद उन्होंने निर्माण स्थलों का दौरा किया।
उन्होंने तर्क दिया, "हम पहले ही यह चिंता जता चुके हैं कि राजमार्ग निर्माण कार्य के संबंध में आवश्यक सुरक्षा उपाय और एहतियात नहीं बरती जा रही हैं।"
भाषा प्रचेता दिलीप
दिलीप
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