सीबीआई ने 4,097 करोड़ के आरसीएफएल मामले में पहला आरोप पत्र दाखिल किया
माधव
- 07 Jul 2026, 06:58 PM
- Updated: 06:58 PM
नयी दिल्ली, सात जुलाई (भाषा) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (आरसीएफएल) द्वारा कथित तौर पर धन का हेरफेर कर 13 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के समूह को कुल 4,097 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने के मामले में कंपनी के पांच पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ मंगलवार को पहला आरोप पत्र दाखिल किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि सीबीआई ने मुंबई स्थित विशेष अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। इसमें रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल) नामक दो कंपनियों को बतौर आरोपी नामजद किया गया है।
एक बयान में सीबीआई के एक प्रवक्ता ने बताया, ''आरसीएफएल के पूर्व पांच वरिष्ठ अधिकारियों - देवांग प्रवीण मोदी (निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी), रवींद्र सोमयाजुला राव (निदेशक), धनंजय भगवानप्रसाद तिवारी (निदेशक), राजेश कृष्णमूर्ति ( कार्यकारी जोखिम आकलन अधिकारी) और लव चतुर्वेदी (मुख्य जोखिम आकलन अधिकारी) - के खिलाफ आपराधिक साजिश रचने और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को भारी नुकसान पहुंचाने के इरादे से धोखाधड़ी करने के आरोप में आरोप पत्र दाखिल किया गया है।''
एजेंसी ने कहा कि उसकी जांच से खुलासा हुआ कि आरसीएफएल ने जो राशि उधार ली, उसे बिचौलियों और ज़रिया बनने वाली कंपनियों के माध्यम से अलग-अलग रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी (एडीए) समूह की कंपनियों में भेज दिया गया। ऐसा करना इस तरह के ऋण से जुड़ी शर्तों का उल्लंघन था, जिससे ऋण देने वाले बैंकों को गलत तरीके से नुकसान हुआ और आरोपियों व उनसे जुड़ी कंपनियों को गलत तरीके से फायदा हुआ।
प्रवक्ता ने बताया, ''सीबीआई ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र और कंसोर्टियम के अन्य सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से मिली शिकायतों के आधार पर मामला दर्ज किया था। 13 सार्वजनिक क्षेत्र के 13 बैंकों को इससे कुल 4,097 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।''
सीबीआई ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को गलत तरीके से नुकसान पहुंचाने में संलिप्त निदेशकों, संस्थाओं और सरकारी अधिकारियों की कथित भूमिका की जांच है और संभावना है कि वह पूरक आरोप पत्र दाखिल करेगी।
एजेंसी ने इससे पहले रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के पूर्व उपाध्यक्ष अमिताभ झुनझुनवाला, आरसीएफएल के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ)देवांग प्रवीण मोदी और रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के पूर्व मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ)अमित बापना को गिरफ्तार किया था।
प्रवक्ता ने बताया कि झुनझुनवाला और मोदी इस समय न्यायिक हिरासत में है जबकि बापना सीबीआई हिरासत में है।
अधिकारियों ने बताया कि झुनझुनवाला और बापना की भूमिका की जांच अब भी जारी है।
सीबीआई ने अलग-अलग सरकारी बैंकों और जीवन बीमा निगम (एलआईसी) से मिली शिकायतों के आधार पर रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (आरकॉम), आरएचएफएल, आरसीएफएल और रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड (आरटीएल)के खिलाफ सात प्राथमिकी दर्ज की हैं।
भाषा धीरज माधव
माधव
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