केंद्र और दिल्ली सरकार अगले चार वर्षों में रिज को वन भूमि में विकसित करेंगी: शाह
सुभाष
- 08 Jul 2026, 12:20 AM
- Updated: 12:20 AM
(तस्वीरों के साथ)
नयी दिल्ली, सात जुलाई (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि केंद्र और दिल्ली सरकार ने अगले चार वर्षों में 6,300 हेक्टेयर हरित रिज क्षेत्र को वन भूमि में विकसित करने और इसकी जैव विविधता, मिट्टी, जल और दिल्ली के पर्यावरण की रक्षा के लिए इसे कानूनी संरक्षण देने का संकल्प लिया है।
सेंट्रल रिज स्थित पीबीजी ग्राउंड में 'मिशन 70 लाख पौधारोपण' की शुरुआत करते हुए शाह ने कहा कि योजना के अनुसार दिल्ली रिज क्षेत्र में 70 से अधिक तालाब, छोटे रेस्तरां और आठ विशेष वन होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पुरातात्विक संरचनाओं का संरक्षण भी किया जाएगा।
गृह मंत्री ने कहा कि दिल्ली के रिज इलाके के 7,784 हेक्टेयर क्षेत्र को 1994 में भारतीय वन अधिनियम के तहत अधिसूचित किया गया था, लेकिन इसकी अंतिम अधिसूचना 30 वर्षों तक जारी नहीं की गई थी।
शाह ने कहा कि दिल्ली सरकार ने 5,000 हेक्टेयर रिज क्षेत्र को वन भूमि घोषित कर दिया है और सरकार पूरे रिज क्षेत्र को कानूनी संरक्षण प्रदान करने जा रही है, जिससे इसकी जैव विविधता, मिट्टी, जल और दिल्ली के पर्यावरण को नया रूप मिलेगा।
शाह ने कहा कि जामुन, आम, अर्जुन और नीम जैसे पेड़ रिज पर लगाए जाएंगे, क्योंकि ये 100 वर्षों तक जीवित रहते हैं।
विशाल पौधारोपण अभियान का लक्ष्य शहर में 70 लाख पौधे लगाना है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार अगले चार वर्षों में एक करोड़ स्थानीय वृक्ष प्रजातियों, 23 लाख बड़ी वृक्ष प्रजातियों और 65 लाख झाड़ियों और औषधीय पौधों के रोपण के माध्यम से रिज क्षेत्र के 6,300 हेक्टेयर क्षेत्र को हरित आवरण प्रदान करेगी।
शाह ने यह भी बताया कि रिज क्षेत्र को ''ग्रीन रिज'' में बदलने के लिए एक व्यापक मास्टर प्लान तैयार किया गया है। इस योजना के तहत 100 जलाशय विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा, रेस्तरां और ''नक्षत्र वन'', ''तीर्थंकर वन'' तथा ''वर्णन वन'' जैसे छोटे-छोटे उद्यान भी बनाए जाएंगे, ताकि दिल्ली को हरित और प्रदूषण-मुक्त बनाने के लक्ष्य को हासिल किया जा सके।
उन्होंने कहा कि रिज की जैव विविधता, मिट्टी और पानी के संरक्षण को सुनिश्चित करने के लिए कानूनी संरक्षण का उपयोग किया जाएगा।
गृह मंत्री ने 300 ई-बसों को भी हरी झंडी दिखाई और नरेला में एक कड़ी सुरक्षा वाले जेल की डिजिटल माध्यम से आधारशिला रखी, नंद नगरी में तीन बस डिपो और एक स्वचालित वाहन परीक्षण स्टेशन का उद्घाटन किया।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि अगले सप्ताह, राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि दिल्ली में डेयरियों से गाय का गोबर भी यमुना नदी में नहीं बहाया जाएगा।
शाह ने यह भी उल्लेख किया कि यमुना की सफाई के लिए 129 सीवेज शोधन संयंत्र (एसटीपी) चालू हैं और 29 अन्य पर काम चल रहा है।
गृह मंत्री ने कहा कि अंधाधुंध वृक्ष कटाई से ओजोन परत में बड़े-बड़े छेद हो गए हैं, जिससे पृथ्वी के तापमान में असंतुलन पैदा हो गया है।
उन्होंने कहा, ''इस समस्या को रोकने का एकमात्र उपाय पृथ्वी से कार्बन डाइऑक्साइड और कार्बन मोनोऑक्साइड के उत्सर्जन को कम करना है।''
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