खडसे ने दिल्ली जाने की बात स्वीकार की, कहा: शरद पवार के साथ ही रहूंगा
रंजन
- 12 Jul 2026, 12:50 PM
- Updated: 12:50 PM
मुंबई, 12 जुलाई (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के नेता एकनाथ खडसे ने स्वीकार किया है कि वह दिल्ली गए थे लेकिन उन्होंने साथ ही कहा कि अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में लौटने में उनकी कोई रुचि नहीं है और वह अंत तक शरद पवार के साथ रहेंगे।
भाजपा के पूर्व नेता खडसे शरद पवार के नेतृत्व वाली राकांपा(शप) से विधान परिषद के सदस्य हैं। हाल में खबरें आई थीं कि भाजपा महासचिव विनोद तावड़े ने पूर्व मंत्री खडसे से उनके आवास पर मुलाकात की थी। इसके बाद खडसे के भाजपा में लौटने की अटकलें तेज हो गई थीं।
वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान भी नयी दिल्ली में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ खडसे की मुलाकात की तस्वीरें सामने आने के बाद उनके पार्टी में लौटने की चर्चा ने जोर पकड़ा था। हालांकि, वह भाजपा में शामिल नहीं हुए।
खडसे ने शनिवार को जारी एक वीडियो में दावा किया, ''हां, मैं दिल्ली गया था। अमित शाह ने मुझे फोन कर भाजपा में शामिल होने को कहा था लेकिन भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने मुझसे कहा कि मुझे पार्टी में शामिल किया गया तो स्थानीय नेता काम नहीं करेंगे। उन्होंने यहां तक कहा कि मुझे वापस लिया गया तो वे लोकसभा सीट पर पार्टी की हार सुनिश्चित करेंगे।''
उन्होंने कहा, ''इसके बाद वरिष्ठ नेताओं ने मुझसे कहा कि मैं लोकसभा चुनाव में उनके लिए काम करता रहूं और वे बाद में इस पर विचार करेंगे, तो मेरी वापसी का विरोध आखिर कौन कर रहा है?''
खडसे ने यह स्पष्ट नहीं किया कि वह किस सीट की बात कर रहे थे। उनकी पुत्रवधू एवं भाजपा नेता रक्षा खडसे महाराष्ट्र के जलगांव जिले की रावेर लोकसभा सीट से सांसद हैं और फिलहाल केंद्रीय मंत्री हैं।
खडसे ने मुंबई में तावड़े के साथ हाल में हुई मुलाकात के बाद लगाई जा रही अटकलों पर कहा कि यह केवल शिष्टाचार भेंट थी।
विधान परिषद सदस्य खडसे ने कहा, ''उन्होंने मेरे स्वास्थ्य के बारे में पूछा और कोई राजनीतिक चर्चा नहीं हुई। मैंने उन्हें अपने जन्मदिन समारोह में आमंत्रित किया है। मैंने नितिन गडकरी को भी बुलाया है और उन्होंने कहा है कि वह समारोह में आएंगे।''
उन्होंने कहा, ''मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि अब भाजपा में शामिल होने में मेरी कोई रुचि नहीं है। मैं शरद पवार के साथ हूं और अंत तक उनके साथ रहूंगा। मेरे कार्यकर्ता भाजपा में जाने के इच्छुक हो सकते हैं लेकिन मैं नहीं।''
इस बीच, महाराष्ट्र के मंत्री गिरीश महाजन ने उन खबरों को खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि खडसे की भाजपा में वापसी को उन्होंने बाधित किया।
महाजन ने चुटकी लेते हुए कहा, ''मैं खडसे की वापसी कैसे रोक सकता हूं? उनका दिल्ली से सीधा संपर्क है। मैं छोटा आदमी हूं और मेरा तो मुंबई से भी सीधा संपर्क नहीं है। यदि उन्हें शीर्ष नेतृत्व से हरी झंडी मिल गई है तो ठीक है। मैं न तो ज्योतिषी हूं और न ही संजय राउत।''
महाजन ने यह भी कहा कि उन्हें खडसे के भाजपा में संभावित रूप से शामिल होने के बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य के मंत्री गुलाबराव पाटिल इस बारे में बेहतर बता सकते हैं क्योंकि वह खडसे के गृह जिले जलगांव से विधायक हैं।
महाजन ने खडसे के आगामी जन्मदिन समारोह का जिक्र करते हुए कहा कि उनके कद को देखते हुए कार्यक्रम भव्य होगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली से भी नेताओं के इसमें शामिल होने की उम्मीद है और निमंत्रण मिलने पर वह भी जाने पर विचार करेंगे।
इस बीच, खडसे ने शुक्रवार को शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे से यहां उनके आवास 'मातोश्री' में मुलाकात की, जिससे उनकी भावी राजनीतिक योजनाओं को लेकर अटकलें शुरू हो गईं।
सूत्रों ने बताया कि इस ''शिष्टाचार भेंट'' के दौरान शिवसेना (उबाठा) के नेता एवं राज्यसभा सदस्य संजय राउत भी मौजूद थे।
भाषा सिम्मी रंजन
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