हरियाणा ने अंडर-23 राष्ट्रीय कुश्ती चैपियनशिप में तीनों टीम खिताब जीते
पंत
- 14 Jul 2026, 01:45 PM
- Updated: 01:45 PM
रोहतक, 14 जुलाई (भाषा) मेजबान हरियाणा ने मंगलवार को यहां अंडर-23 राष्ट्रीय कुश्ती चैंपियनशिप में पुरुषों की फ्रीस्टाइल, ग्रीको रोमन और महिलाओं की कुश्ती में ओवरऑल टीम खिताब जीतकर दबदबा बनाया।
तीन दिन तक चली इस प्रतियोगिता में मेजबान राज्य ने पुरुषों के फ्रीस्टाइल वर्ग में 200 अंक, ग्रीको रोमन वर्ग में 195 अंक और महिलाओं की कुश्ती में 183 अंक के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया।
सेना खेल नियंत्रण बोर्ड (एसएससीबी) पुरुषों की फ्रीस्टाइल (138 अंक) और ग्रीको रोमन (165 अंक) दोनों में दूसरे स्थान पर रहा जबकि महाराष्ट्र ने महिलाओं की कुश्ती में 160 अंक के साथ दूसरा स्थान हासिल किया।
पुरुषों के फ्रीस्टाइल वर्ग में हरियाणा और एसएससीबी के खिलाड़ियों ने दबदबा बनाया जबकि पंजाब के पहलवानों ने भी प्रभावी प्रदर्शन किया।
एसएससीबी के नरेंद्र ने 74 किग्रा वजन वर्ग में हिमाचल प्रदेश के नवीन को हराकर स्वर्ण पदक जीता जबकि पंजाब के ऋषभ जाखड़ और हरियाणा के यश को कांस्य पदक मिले।
हरियाणा के पारस ने 79 किग्रा वर्ग का खिताब जीता। उन्होंने एसएससीबी के यश को हराया जबकि दिल्ली के प्रियांशु और पंजाब के विशाल कुमार ने कांस्य पदक हासिल किए।
साहिल दलाल ने 86 किग्रा वर्ग में हरियाणा के हिमांशु अंतिल को हराकर स्वर्ण पदक जीता और एसएससीबी की ताकत साबित की। हिमाचल प्रदेश के सुमित ठाकुर और उत्तर प्रदेश के अनुज तोमर ने कांस्य पदक हासिल किए।
हैवीवेट 125 किग्रा वर्ग में पंजाब के जसपूरन सिंह ने उत्तर प्रदेश के लक्ष्य कुमार को हराकर शीर्ष स्थान हासिल किया। हरियाणा के रोहित और राजस्थान के ऋषभ सिंह ने कांस्य पदक जीते।
ग्रीको रोमन वर्ग में भी हरियाणा और एसएससीबी का ही दबदबा देखने को मिला।
निखिल ने 55 किंग्रा वर्ग में उत्तर प्रदेश के विशेष को हराकर हरियाणा के लिए स्वर्ण पदक का खाता खोला। एसएससीबी के अमन और पंजाब के वंशदीप सिंह को कांस्य पदक मिले।
एसएससीबी के खुंडोंगबाम ने 60 किग्रा वर्ग में महाराष्ट्र के समर्थ गजानन को हराकर खिताब जीता जबकि उत्तर प्रदेश के विनय तोमर और दिल्ली के अशप्रीत सिंह ने कांस्य पदक जीते।
एसएससीबी के सागर सिंह ने 67 किग्रा वर्ग में महाराष्ट्र के मौली सागर टिपुगाडे को हराकर शीर्ष स्थान हासिल किया जबकि दिल्ली के योगेश और हरियाणा के सोनिल कुमार तीसरे स्थान पर रहे।
हरियाणा को 72 किग्रा वर्ग में विनीत दहिया और 77 किग्रा गर्व में तुषार ने स्वर्ण पदक दिलाया। विनीत ने दिल्ली के अनुज कुमार जबकि तुषार ने पंजाब के अतुल लोहान को हराया।
एसएससीबी के दीपक पूनिया ने 82 किग्रा वर्ग में दिल्ली के विशेष कुमार को हराकर स्वर्ण पदक जीता जबकि महाराष्ट्र के विनय विट्ठल पुजारी ने एसएससीबी के मानव शर्मा को हराकर 87 किग्रा वर्ग का खिताब अपने नाम किया।
हरियाणा ने ग्रीको रोमन वर्ग का समापन पीयूष कुमार के दो स्वर्ण पदक के साथ किया जिन्होंने 97 किग्रा और 130 किग्रा दोनों वर्ग में उत्तराखंड के उमंग को फाइनल में हराकर दबदबा बनाया। मध्य प्रदेश के मोक्ष चतुर्वेदी और ओडिशा के सत्य नारायण ने दोनों हैवीवेट वर्ग में कांस्य पदक जीते।
महिला कुश्ती में मेजबान हरियाणा और महाराष्ट्र की ओर से बेहतरीन तकनीकी कौशल देखने को मिला।
मध्य प्रदेश की प्रियांशी प्रजापत ने कड़ी प्रतिस्पर्धा वाले 50 किग्रा वर्ग में राजस्थान की कोमल वर्मा को हराकर स्वर्ण जीता जबकि हरियाणा की स्नेहा और महाराष्ट्र की नेहा किरण को कांस्य पदक मिला।
इसके बाद हरियाणा ने स्वर्ण पदक की झड़ी लगा दी जिसकी शुरुआत 53 किग्रा वर्ग में कीर्ति ने की जिन्होंने पंजाब की सोनल को हराया। ज्योति ने 55 किग्रा वर्ग में कर्नाटक की शालिनी सायर सिद्धि को हराकर गोल्ड जीता।
रीना ने 57 किग्रा वर्ग में महाराष्ट्र की तन्वी गुंडेशी माल्डुम को हराकर मेजबान टीम के लिए स्वर्ण पदक जीतने का सिलसिला जारी रखा जबकि उनकी साथी सिमरन ने 59 किग्रा वर्ग में हिमाचल प्रदेश की प्रेरणा मेहता को हराकर खिताब जीता।
एसएससीबी ने 62 किग्रा वर्ग में स्वर्ण जीता जब अंजलि ने हरियाणा की जानवी को हराकर खिताब अपने नाम किया। चंडीगढ़ की खुशी रानी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए हरियाणा की तन्नू को हराकर 65 किग्रा वर्ग का स्वर्ण पदक जीता जबकि राजस्थान की अश्विनी विश्नोई ने पंजाब की रजनी को हराकर 68 किग्रा वर्ग का खिताब अपने नाम किया।
महाराष्ट्र ने अधिक वजन वाले वर्गों में जीत हासिल की। अमृता ने हरियाणा की मंजू को हराकर 72 किग्रा वर्ग का स्वर्ण जीता और वेदिका ने हिमाचल प्रदेश की नैन्सी ठाकुर को हराकर 76 किग्रा वर्ग का खिताब अपने नाम किया।
भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने एक बयान में कहा, ''यहां देखने को मिला मुकाबला बहुत ही उच्च स्तर का था जो हमारे अंडर-23 खिलाड़ियों की जबरदस्त क्षमता को दिखाता है।''
भाषा सुधीर पंत
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