एसआईटी बारुईपुर मामले के तीन आरोपियों को घटना स्थल पर ले गई, नमूने एकत्र किये गए
दिलीप
- 14 Jul 2026, 04:42 PM
- Updated: 04:42 PM
कोलकाता, 14 जुलाई (भाषा) पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में एक नाबालिग लड़की से कथित दुष्कर्म और उसकी हत्या के मामले में गिरफ्तार किये गए तीन आरोपियों को विशेष जांच दल (एसआईटी) मंगलवार को बारुईपुर स्थित घटनास्थल पर ले गया और वारदात की कड़ियों को जोड़कर यह पता लगाने का प्रयास किया कि पूरी घटना किस क्रम में हुई। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी।
जांचकर्ताओं के साथ एक फॉरेंसिक टीम भी घटनास्थल पर गई और जारी जांच के तहत वहां से नये नमूने एकत्र किए।
अधिकारी ने बताया कि यह कवायद रेलवे पटरी के पास उस स्थान पर की गई, जहां नाबालिग लड़की का यौन उत्पीड़न किया गया और फिर उसकी हत्या कर दी गई। तीनों आरोपियों कबीर मुल्ला, आनंद सरदार और दिबाकर सरदार को घटनास्थल पर ले जाया गया तथा दो स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में उन्हें घटना के क्रम के बारे में बताने को कहा गया।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ''आरोपियों के बयानों की पुष्टि करने और अब तक जुटाए गए सबूतों से उनका मिलान करने के लिए घटनाक्रम के बारे में विस्तृत जानकारी जुटाई गई। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने भी घटनास्थल की जांच की और अतिरिक्त नमूने एकत्र किए, जिन्हें वैज्ञानिक जांच के लिए भेजा जाएगा।''
मंगलवार को यह कवायद उस घटना के एक सप्ताह बाद की गई, जब एक अन्य आरोपी प्रभास मंडल की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई थी।
अधिकारी ने कहा कि जांच कई स्तर पर आगे बढ़ रही है और उपलब्ध सभी वैज्ञानिक व फॉरेंसिक साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी शनिवार को बारुईपुर पहुंचे थे और उन्होंने पीड़िता के परिवार से मुलाकात की थी। उन्होंने परिवार को आश्वासन दिया था कि कथित दुष्कर्म और हत्या मामले की जांच की व्यक्तिगत रूप से निगरानी की जाएगी और इसे इस तरह किया जाएगा कि यह एक मिसाल बने।
मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद पीड़िता के पिता ने जांच की प्रगति पर संतोष जताया था।
पुलिस ने बताया कि इस घटना के संबंध में चार अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं।
दुष्कर्म और हत्या के मामले के अलावा अन्य प्राथमिकी में, विरोध प्रदर्शन के दौरान भीड़ की कथित हिंसा में इंद्रजीत मंडल नाम के व्यक्ति की मौत, पुलिसकर्मियों पर हमला, सड़क अवरूद्ध करने और तोड़फोड़ की घटना तथा रेल यातायात सेवाओं में बाधा डालने और रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से जुड़े मामले शामिल हैं।
भाषा सुभाष दिलीप
दिलीप
1407 1642 कोलकाता