होर्मुज में हमले में एक भारतीय की मौत, 10 घायल; भारत ने ईरानी दूतावास के उपप्रमुख को तलब किया
दिलीप
- 14 Jul 2026, 07:49 PM
- Updated: 07:49 PM
नयी दिल्ली, 14 जुलाई (भाषा) भारत ने होर्मुज जलडमरूमध्य में दो व्यापारिक जहाजों पर ईरान के हमले की घटना के बाद ईरान के दूतावास के उप प्रमुख को तलब किया और इन हमलों को लेकर कड़ा विरोध जताया। इन हमलों में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई और 10 अन्य घायल हो गए।
भारत ने वाणिज्यिक पोत 'एमटी अल बहिया' और 'एमटी मोम्बासा' पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की है, जिन पर कुल 30 भारतीय नाविक सवार थे। भारत ने पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता लाने के लिए हिंसा को तुरंत रोकने और बातचीत व कूटनीति का रास्ता अपनाने की अपनी अपील दोहराई।
संयुक्त अरब अमीरात के दो तेल टैंकरों पर हमले अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच हुए।
ईरान पर 28 फरवरी को अमेरिका-इजराइल के हमले के बाद शुरू हुए संघर्ष में पश्चिम एशिया में 14 भारतीयों की मौत हो चुकी है।
विदेश मंत्रालय (एमईए) ने कहा कि भारत जलडमरूमध्य से गुजरने के दौरान 'एमटी अल बहिया' और 'एमटी मोम्बासा' नाम के दो पोत पर हुए हमलों को लेकर ''बेहद चिंतित'' है। दोनों जहाजों के कुल 46 चालक दल के सदस्यों में से 30 भारतीय नाविक थे।
मंत्रालय ने कहा, ''एमटी अल बहिया' पर 12 भारतीय नागरिक सवार थे, जिनमें में से एक की दुखद रूप से मृत्यु हो गई और एक अन्य घायल हो गया है। एमटी मोम्बासा पर सवार 18 भारतीयों में से नौ घायल हुए हैं, जिनमें से दो के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना है।''
मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ''हम इन हमलों और नाविकों को निशाना बनाने वाली हिंसा की घटनाओं तथा होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से मुक्त एवं सुरक्षित आवाजाही में बाधा डालने वाले कृत्यों की कड़ी निंदा करते हैं।''
विदेश मंत्रालय ने ''पश्चिम एशियाई क्षेत्र में हमलों के फिर से शुरू होने और तनाव बढ़ने पर अपनी गहरी चिंता दोहराते हुए शांति के हित में हिंसा को तुरंत रोकने और बातचीत एवं कूटनीति का रास्ता अपनाने की अपील की।''
मंत्रालय ने कहा, ''विशेषकर क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों और नागरिक ढांचों को निशाना बनाना बंद होना चाहिए, ताकि अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक क्षेत्र के अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से जहाजों की आवाजाही और व्यापार बिना किसी रुकावट के जल्द से जल्द फिर से बहाल हो सके।''
विदेश मंत्रालय ने मारे गए भारतीय नागरिक के परिवार के प्रति ''गहरी संवेदना'' जताई और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की।
मंत्रालय ने कहा कि संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में भारतीय मिशन हालात पर बारीकी से नजर रख रहे हैं और प्रभावित भारतीय नाविकों को हर संभव मदद दिलाने के लिए खाड़ी देश के संबंधित अधिकारियों के संपर्क में हैं।
बयान में कहा गया है, ''विदेश मंत्रालय ने आज सुबह नयी दिल्ली में ईरान दूतावास के उप प्रमुख को तलब किया और इन हमलों के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया।''
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस वार्ता में कहा कि ईरान के राजनयिक के सामने भारत ने कड़ा विरोध जताया और कहा कि इन हमलों को जल्द से जल्द रोका जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, ''हम पश्चिम एशिया में हो रही गतिविधियों पर करीब से नज़र रख रहे हैं। हम होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित और बिना किसी रुकावट के जहाज़ों की आवाजाही और व्यापार जारी रखने की मांग करते हैं। यह दुनिया भर के लोगों की ऊर्जा और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बहुत जरूरी है।''
यूएई के रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर कहा कि 'एमटी मोम्बासा' और 'एमटी अल बहिया' को ''ओमान की समुद्री सीमा के भीतर, होर्मुज जलडमरूमध्य के दक्षिणी नौवहन मार्ग से गुजरते समय ईरान की दो क्रूज मिसाइल से निशाना बनाया गया।''
दो वाणिज्यिक पोत पर ये हमले साइप्रस के झंडे वाले कंटेनर जहाज 'जीएफएस गैलेक्सी' पर ईरान के हमले के दो दिन बाद हुए, जिसमें भारतीय चालक दल का एक सदस्य लापता हो गया था।
एक बार फिर तनाव बढ़ने से जून में अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
भाषा आशीष दिलीप
दिलीप
1407 1949 दिल्ली