सपा के राज में हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर अदा की गयी थी नमाज: योगी आदित्यनाथ
जितेंद्र
- 14 Jul 2026, 06:39 PM
- Updated: 06:39 PM
लखनऊ, 14 जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मुद्दे पर विपक्ष की आलोचना करते हुए नवंबर 2003 में समाजवादी पार्टी (सपा) शासन के दौरान हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर कथित रूप से नमाज अदा किये जाने के मुद्दे का उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने लखनऊ में 'रिपब्लिक भारत' समाचार चैनल द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में कहा, ''जो लोग हनुमानगढ़ी में नमाज अदा करने की सुविधा देते थे, वे अब अयोध्या और आस्था के मामलों पर टिप्पणी कर रहे हैं। ऐसे लोग आज हनुमानगढ़ी जैसे पवित्र स्थल को लेकर सवाल उठा रहे हैं।''
पिछले तीन दिनों में यह दूसरा अवसर है, जब मुख्यमंत्री ने 'हनुमानगढ़ी में नमाज' का मुद्दा उठाया है।
इस मामले पर उस समय सेवा में रहे दो पूर्व आईपीएस अधिकारियों के बयानों में मतभेद है।
वर्ष 2003 में पुलिस महानिरीक्षक (कानून-व्यवस्था) और बाद में उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक बने बृजलाल ने स्वीकार किया कि नवंबर 2003 में रमजान के दौरान हनुमानगढ़ी मंदिर की सीढ़ियों पर नमाज अदा करने की योजना थी।
भाजपा नेता बृजलाल ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा, ''हां, यह सही है। फैजाबाद क्षेत्र के तत्कालीन पुलिस महानिरीक्षक वी.एन. राय की मदद से वास्तव में हनुमानगढ़ी मंदिर की सीढ़ियों पर नमाज अदा करने की योजना बनाई गई थी।''
वहीं, वी.एन. राय ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा, ''मैं सिर्फ यह जानना चाहता हूं कि क्या मैं इसके पीछे था? अगर तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के हस्तक्षेप के कारण नमाज नहीं हुई, तो क्या इसका मतलब यह है कि उन्होंने अपने वरिष्ठ अधिकारी के आदेशों की अवहेलना की? क्या यह वास्तव में संभव है?''
इन दावों और प्रतिदावों के बीच आदित्यनाथ ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, ''नकली आस्था रखने वालों ने यह पाप (हनुमानगढ़ी मंदिर की सीढ़ियों पर नमाज) किया, जबकि भाजपा ने अयोध्या को सनातन धर्म की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में स्थापित किया।''
उन्होंने कहा कि जिन लोगों के लिए राष्ट्र सर्वोपरि नहीं है, वे देश की अस्मिता और आस्था पर लगातार प्रहार कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) निष्पक्ष जांच कर रहा है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा, ''नैतिक आधार पर इस्तीफे भी हुए हैं, लेकिन इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना की आड़ में जो लोग आस्था के साथ खिलवाड़ करने और हिंदू धामों पर प्रहार करने की कोशिश कर रहे हैं, वे वही लोग हैं जो गरीबों के हक पर डकैती डालते थे और हनुमानगढ़ी जैसे पवित्र स्थल पर नमाज अदा करने का कुत्सित प्रयास करते थे।'' मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है, जब उच्चतम न्यायालय ने एक दिन पहले अयोध्या के राम मंदिर में दान राशि के कथित गबन की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल से स्थिति रिपोर्ट मांगी है।
प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने चढ़ावा चोरी विवाद की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग करने वाली याचिकाओं पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भी नोटिस जारी किया।
तीन याचिकाकर्ताओं में से एक नरेंद्र कुमार गोस्वामी ने मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने का अनुरोध करते हुए शीर्ष अदालत का रुख किया है।
उन्होंने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वित्तीय लेन-देन का नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) से लेखा परीक्षण (ऑडिट) कराने का भी अनुरोध किया।
योगी ने इस अवसर पर पिछले नौ वर्षों से अधिक के दौरान उत्तर प्रदेश में परिवर्तनकारी परिवर्तनों और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और 'डबल इंजन' सरकार के दृढ़ संकल्प के तहत, उत्तर प्रदेश आज 'बीमारू' राज्य की श्रेणी से बाहर निकलकर देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में से एक बन गया है।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में हर तीसरे दिन दंगा होता था और महीनों तक कर्फ्यू लगा रहता था, बेटियां और व्यापारी सुरक्षित नहीं हैं।
उन्होंने कहा, "उस समय देश में कहीं भी बम विस्फोट होता था तो उत्तर प्रदेश का नाम उसमें जोड़ दिया जाता था।"
योगी ने कहा कि पिछली सरकारों में दंगाइयों को मुख्यमंत्री आवास पर बुलाकर सम्मानित किया जाता था, सरकारें माफियाओं के सामने झुक गईं और उनके सामने आत्मसमर्पण कर दिया था।
उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को यह जानने की जरूरत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों में पिछड़ापन, अव्यवस्था, दंगे, गुंडागर्दी, कर्फ्यू और बेरोजगारी उत्तर प्रदेश की पहचान बन गई थी।
योगी ने कहा, लेकिन पिछले नौ वर्षों में हमारी पहचान दंगा मुक्त, कर्फ्यू मुक्त और अशांति मुक्त उत्तर प्रदेश के रूप में बन गई है। आज, उत्तर प्रदेश में बेटियों और व्यापारियों सहित हर व्यक्ति सुरक्षित है।""
उन्होंने निवेश के बारे में कहा, "अगर हमने सुरक्षा का माहौल नहीं बनाया होता, तो कोई भी निवेशक उत्तर प्रदेश में नहीं आता। हमने अक्टूबर 2017 में 'इन्वेस्टर्स समिट' की योजना बनाई और इसके लिए नीतियां बनाईं। परिणामस्वरूप, उत्तर प्रदेश को 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनमें से 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं पहले ही जमीन पर लागू की जा चुकी हैं।"
मुख्यमंत्री ने कहा, "2017 से पहले लखनऊ का चिकनकारी, फिरोजाबाद का कांच उद्योग, मुरादाबाद का पीतल उद्योग, मेरठ का खेल उद्योग, भदोही का कालीन उद्योग और बनारस का साड़ी उद्योग खत्म होने की कगार पर थे।"
भाषा अरुणव सलीम मनीष जफर
जितेंद्र
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1407 1839 लखनऊ