राजनीतिक हित साधने के लिए परिसीमन करने की कोशिश कर रही सरकार: पायलट
जितेंद्र
- 14 Jul 2026, 07:44 PM
- Updated: 07:44 PM
जयपुर, 14 जुलाई (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने मंगलवार को आरोप लगाया कि केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ''राजनीतिक लाभ'' के लिए जनगणना से पहले परिसीमन कराने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा कि ऐसा कोई भी कदम ''असंवैधानिक और गैर-कानूनी'' होगा। पायलट ने डूंगरपुर में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जनगणना पूरी होने के बाद ही परिसीमन आयोग का गठन किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, ''जनगणना के बाद परिसीमन आयोग का गठन होता है और उसकी सिफारिशें लागू की जाती हैं। सरकार जानबूझकर जनगणना से पहले परिसीमन करना चाहती है।''
पायलट ने मीडिया में आई खबरों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि राजनीतिक हित साधने के लिए निर्वाचन क्षेत्रों के साथ ''छेड़छाड़'' करने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने कहा, ''यह अपना राजनीतिक हित साधने के लिए सीटों के साथ छेड़छाड़ कर रहे हैं। यह असंवैधानिक और गैर-कानूनी है। सरकार को जनगणना का इंतजार करना चाहिए। जनगणना की घोषणा हो चुकी है। आज के इलेक्ट्रॉनिक युग में आंकड़े जल्दी एकत्र किए जा सकते हैं और उसके बाद ही परिसीमन किया जाना चाहिए।''
पूर्व उपमुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सरकार परिसीमन को लेकर अफवाहें फैलाकर लोगों का ध्यान वास्तविक मुद्दों से भटकाना चाहती है।
उन्होंने कहा, ''वे (सरकार) अफवाहों का बाजार गर्म कर लोगों का ध्यान भटकाना चाहते हैं, जबकि गांवों में लोग परेशान हैं।''
पायलट ने आरोप लगाया कि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य ठप पड़े हैं। उन्होंने कहा, ''ग्राम विकास के नाम पर राजस्थान में कुछ नहीं हो रहा। मनरेगा के तहत लोगों को भुगतान नहीं मिल रहा है। ठेकेदारों का भुगतान रुका हुआ है और विकास कार्य ठप हैं।''
पूर्व उपमुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कानून-व्यवस्था, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सरकार विफल रही है।
पायलट ने कहा, ''जब ऐसी घटनाएं बार-बार होती हैं तो इसका मतलब है कि व्यवस्था विफल हो चुकी है। कोई जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है।'' उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विभिन्न स्तरों पर चुनाव कराने से बच रही है। उन्होंने कहा, ''छात्रसंघ चुनाव, पंचायत चुनाव और नगर निकाय चुनाव नहीं कराए गए हैं। सरकार चुनाव कराने से डर रही है। उसे लगता है कि लोग धीरे-धीरे सब भूल जाएंगे, लेकिन जनता में व्यापक आक्रोश है।''
पायलट ने बेरोजगारी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि देश में ''ऐतिहासिक स्तर'' की बेरोजगारी है।
उन्होंने कहा, ''युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा, उद्योग बंद हो रहे हैं, प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हो रहे हैं और छात्र आत्महत्या कर रहे हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही।''
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने आरोप लगाया कि सरकार ''मीडिया प्रबंधन'' और संस्थाओं पर दबाव बनाकर काम चला रही है।
पायलट ने नोटबंदी सहित केंद्र सरकार के पूर्व नीतिगत फैसलों की भी आलोचना की और आरोप लगाया कि भाजपा सरकार का शासन ''जनविरोधी और युवाविरोधी'' है। उन्होंने कहा, ''यह सरकार केवल विज्ञापन देने और अपनी पीठ थपथपाने में लगी है। जमीनी स्तर पर कोई वास्तविक काम नहीं हो रहा। यह केवल सत्ता में बने रहने के लिए काम कर रही है, इसमें सेवाभाव नहीं है।''
पायलट ने आरोप लगाया कि पिछली कांग्रेस सरकारों की कई जनकल्याणकारी योजनाओं को वर्तमान भाजपा सरकार ने कमजोर कर दिया है या बंद कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि किसानों सहित आम जनता में सरकार के खिलाफ व्यापक नाराजगी है।
पायलट ने राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस के अभियानों का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी ने देशभर में युवाओं के मुद्दों पर केंद्रित अभियान शुरू किए हैं।
उन्होंने कहा, ''मुद्दा केवल कार्यक्रम आयोजित करना नहीं, बल्कि युवाओं के हितों की रक्षा करना है। प्रश्नपत्र लीक, युवाओं की आत्महत्याएं और कॉलेजों की बदहाल स्थिति जैसे मुद्दे अत्यंत गंभीर हैं।''
भाषा पृथ्वी जितेंद्र
जितेंद्र
1407 1944 जयपुर