कर्नाटक: निर्वाचन आयोग ने कार्यक्रम में बदलाव किया, अंतिम मतदाता सूची 19 अक्टूबर को होगी प्रकाशित
सुरेश
- 15 Jul 2026, 09:54 PM
- Updated: 09:54 PM
बेंगलुरु, 15 जुलाई (भाषा) भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने कर्नाटक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का कार्यक्रम संशोधित कर दिया। मुख्य निर्वाचन अधिकारी वी. अंबुकुमार ने यह जानकारी दी।
अंबुकुमार के कार्यालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) के घर-घर जाकर सत्यापन करने की अवधि 29 जुलाई की बजाय अब आठ अगस्त तक बढ़ा दी गई है।
मतदाता सूची का प्रारूप अब पांच अगस्त के बजाय 17 अगस्त को प्रकाशित किया जाएगा।
दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अवधि भी अब 17 अगस्त से 16 सितंबर तक होगी, जबकि पहले इसकी अंतिम तिथि चार सितंबर तय थी।
सत्रह अगस्त से 15 अक्टूबर तक दावों एवं आपत्तियों पर नोटिस जारी किया जाएगा, उसकी सुनवाई की जाएगी तथा उनका निपटारा किया जाएगा।
अंतिम मतदाता सूची अब सात अक्टूबर के बजाय 19 अक्टूबर को प्रकाशित की जाएगी।
अंबुकुमार ने इससे पहले बुधवार को संवाददाता सम्मेलन में बताया कि मतदाता सूची के जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत कर्नाटक के 5.54 करोड़ मतदाताओं में से 95.58 प्रतिशत को गणना-प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं।
उन्होंने बताया कि वापस प्राप्त प्रपत्रों में से करीब 40 प्रतिशत का पहले ही डिजिटलीकरण किया जा चुका है।
अधिकारी ने बताया कि राज्य के 5,54,32,314 पंजीकृत मतदाताओं में से 5,29,82,909 को गणना-प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं, जबकि 2,20,77,772 मतदाताओं की ओर से जमा किए गए प्रपत्रों का डिजिटलीकरण पूरा हो चुका है।
उन्होंने बताया कि 4,26,233 आवेदन ऑनलाइन भी जमा किए गए हैं।
उन्होंने कहा, "आज (बुधवार) तक 5,29,82,909 मतदाताओं को प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं, यानी 95.58 प्रतिशत गणना-प्रपत्र बांटे जा चुके हैं। अब तक 2,20,77,772 मतदाताओं के प्रपत्रों का डिजिटलीकरण किया गया है, जो कुल मतदाताओं का 39.83 प्रतिशत है।"
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि चामराजनगर, चिक्कबल्लापुर, दावणगेरे, हावेरी, कोलार, कोप्पल, मांड्या, रायचूर, उत्तर कन्नड़, विजयनगर, यादगीर, कोडागु और हासन सहित 13 जिलों में गणना-प्रपत्रों का वितरण शत-प्रतिशत पूरा हो चुका है।
उन्होंने बताया कि करीब 11 अन्य जिलों में भी 99 प्रतिशत से अधिक प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं और वहां यह प्रक्रिया अगले एक-दो दिन में पूरी होने की उम्मीद है।
भाषा जितेंद्र सुरेश
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