कांग्रेस की पंजाब इकाई आंतरिक मतभेदों से जूझ रही, हर नेता मुख्यमंत्री बनना चाहता है: मान
पवनेश
- 15 Jul 2026, 10:02 PM
- Updated: 10:02 PM
होशियारपुर, 15 जुलाई (भाषा) पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस की राज्य इकाई आंतरिक मतभेदों से जूझ रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी का हर वरिष्ठ नेता जनता के लिए काम करने के बजाय मुख्यमंत्री बनने की आकांक्षा रखता है।
उन्होंने शिरोमणि अकाली दल (शिअद) पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि वह मतदाताओं से झूठे वादे करके सत्ता हासिल करने के लिए बेचैन है तथा राजनीतिक फायदे के वास्ते धर्म का ''दुरुपयोग'' कर रहा है।
मान ने मुकेरियां में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, बिजली और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में उठाये गये कई कदमों के माध्यम से अपने वादे पूरे किए हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे पार्टी को एक और मौका दें ताकि ''अवसरवादी'' विपक्षी नेताओं, खासकर कांग्रेस को सत्ता में आने का मौका न मिले।
उनकी यह टिप्पणी पंजाब कांग्रेस में जारी असंतोष के बीच तब आई है, जब पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को राज्य इकाई के अध्यक्ष पद पर बनाए रखने के फैसले को लेकर मतभेद सामने आए हैं।
मान ने कहा कि कांग्रेस सत्ता हासिल करने की लड़ाई में उलझी हुई है।
उन्होंने कहा, ''इन लालची नेताओं को सत्ता मत सौंपिए, क्योंकि वे 'आप' सरकार द्वारा शुरू की गई सभी कल्याणकारी योजनाओं को बंद कर देंगे।''
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों के समर्थन और विश्वास के साथ पंजाब के हर क्षेत्र में नंबर एक राज्य बनने की यात्रा जारी रहेगी।
मान ने कहा कि उनकी राजनीति सत्ता से चिपके रहने के लिए नहीं, बल्कि पंजाब के लोगों की प्रगति और समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए है।
शिअद पर निशाना साधते हुए मान ने कहा कि बादल परिवार ने कई बार पंजाब में शासन किया, लेकिन वह लोगों के कल्याण के लिए काम करने में विफल रहा। उन्होंने कहा, ''अकाली दल झूठे वादे करके लोगों के बीच से सत्ता हासिल करना चाहता है, लेकिन पंजाब के लोग उनके बहकावे में नहीं आएंगे।''
उन्होंने कहा, ''अकाली नेताओं ने लोगों का समर्थन खो दिया है। वे अपनी रैलियों में भीड़ दिखाने के लिए पैसे देकर बुलाए गए लोगों का इस्तेमाल कर रहे हैं। अकाली की हर रैली में वही भीड़ दिखाई देती है।''
भाषा
देवेंद्र पवनेश
पवनेश
1507 2202 होशंगाबाद