बलिया: पुलिस हिरासत में मौत के आरोप की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश, सपा की टीम करेगी गांव का दौरा
धीरज
- 16 Jul 2026, 01:02 PM
- Updated: 01:02 PM
बलिया (उप्र), 16 जुलाई (भाषा) जिला प्रशासन ने बलिया जिले के रेवती थाना क्षेत्र के गायघाट गांव में कथित रूप से पुलिस की पिटाई से जान गंवाने वाले कामजी गोंड के मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि जांच अपर जिलाधिकारी को सौंपा गयी है।
वहीं, राज्य की मुख्य विपक्षी समाजवादी पार्टी (सपा) ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर उसके वरिष्ठ नेताओं का चौदह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को घटना की जानकारी लेने गांव जाएगा।
अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार ने बृहस्पतिवार को 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि जिला अधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने रेवती थाना क्षेत्र के गायघाट गांव में कथित रूप से पुलिस की पिटाई से जान गंवाने वाले कामजी गोंड के मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं तथा एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
अपर जिलाधिकारी ने बताया कि उन्होंने मजिस्ट्रेट जांच शुरू कर दी है तथा एक सप्ताह में संबंधित लोगों को घटना से जुड़े साक्ष्य और बयान देने के लिए कहा गया है।
सपा के जिला प्रवक्ता सुशील पाण्डेय कान्हजी ने बताया कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने 14 जुलाई को पत्र लिखकर पार्टी जिला इकाई को सूचित किया कि 17 जुलाई को 14 सदस्यीय टीम घटना को लेकर गांव का दौरा करेगी।
उन्होंने बताया कि पार्टी पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और दोषियों के विरुद्ध निष्पक्ष एवं कठोर कार्रवाई तथा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर लोकतांत्रिक संघर्ष करेगी।
कांग्रेस ने बुधवार रात इस मामले में न्याय और अन्य मांगो को लेकर जिला मुख्यालय पर मोमबत्ती जुलूस निकाला था। यह जुलूस रेलवे स्टेशन प्रागण से शुरू होकर शहीद चौक पर समाप्त हुआ।
कांग्रेस के जिलाध्यक्ष उमाशंकर पाठक ने बताया कि पार्टी पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी ।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा)के प्रतिनिधिमंडल ने भी बुधवार को पीड़ित परिवार से मुलाकात की और पूरे मामले की न्यायिक जांच की मांग की।
रेवती थाना क्षेत्र के गायघाट गांव निवासी कामजी गोंड की गत 10 जुलाई की रात को वाराणसी स्थित ट्रामा सेंटर में उपचार के दौरान मौत हो गई थी।
मृतक के बेटे विशाल गोंड की तहरीर पर रेवती थाना में दारोगा सचिन सरोज, आरक्षी अंकित सिंह, ग्राम प्रधान आशुतोष शंकर सिंह, सूरज कन्नौजिया, उसके एक रिश्तेदार और मनीष यादव के खिलाफ गत शुक्रवार को हत्या सहित भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई।
पुलिस उप महानिरीक्षक सुनील सिंह के निर्देश पर मुकदमे की विवेचना पुलिस उपाधीक्षक पुलिस लाइन मंजरी राव कर रही हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार इस मामले में फिलहाल अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। उपरोक्त प्रकरण में आरोपी दारोगा सचिन सरोज व आरक्षी अंकित सिंह को प्राथमिकी दर्ज होने के बाद रविवार को निलंबित कर दिया गया जबकि थाना प्रभारी राज केशर सिंह को पुलिस लाइन में स्थानांतरित किया गया है।
विशाल ने आरोप लगाया है कि सचिन सरोज और अंकित सिंह आठ जुलाई की दोपहर उसके घर आए और वहां सो रहे उसके पिता कामजी गोंड (42) को लेकर थाने गए।
विशाल को थाने बुलाने के लिए पुलिसकर्मियों ने ग्राम प्रधान आशुतोष शंकर सिंह के दबाव में थाना में उसके पिता की पिटाई की। इसके बाद ग्राम प्रधान सिंह और उसका चालक मनीष यादव आठ जुलाई की शाम को कामजी को अपने साथ एक ईंट-भट्ठे पर ले गए, जहां उसकी पिटाई कर उसे पास के एक बगीचे में फेंक दिया।
विशाल के मुताबिक उसके पिता का वाराणसी स्थित बीएचयू अस्पताल में पोस्टमार्टम हुआ है, लेकिन वह विभाग द्वारा कराए गए पोस्टमार्टम से संतुष्ट नहीं हैं।
भाषा सं जफर मनीषा धीरज
धीरज
1607 1302 बलिया