पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा की पत्नी चेन्नम्मा का 89 वर्ष की आयु में निधन
माधव
- 18 Jul 2026, 08:50 PM
- Updated: 08:50 PM
बेंगलुरु, 18 जुलाई (भाषा) पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा की पत्नी चेन्नम्मा देवेगौड़ा का शनिवार को यहां एक निजी अस्पताल में हृदयाघात के बाद 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया।
अस्पताल के अधिकारियों के अनुसार, उन्हें बुधवार रात शहर के ओल्ड एयरपोर्ट रोड स्थित मणिपाल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनका श्वास संबंधी बीमारी का इलाज किया जा रहा था।
अस्पताल ने एक बयान में कहा, "हमें यह बताते हुए दुख हो रहा है कि आज शाम चार बजे, ठीक होने की संभावना के बावजूद श्रीमती चेन्नम्मा को गंभीर हृदयाघात हुआ।"
देवेगौड़ा, उनके बेटे और केंद्रीय मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी तथा परिवार के अन्य सदस्य अस्पताल में मौजूद थे।
पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि पार्थिव शरीर को आज रात बेंगलुरु के पद्मनाभनगर स्थित उनके आवास ले जाया जाएगा और रविवार दोपहर तक वहीं रखा जाएगा। अंतिम संस्कार सोमवार को हासन जिले में स्थित उनके पैतृक गांव में किए जाने की संभावना है।
चेन्नम्मा फरवरी 2001 में हुए तेजाब हमले से बच गई थीं। बताया गया था कि यह हमला पारिवारिक विवाद से जुड़ा था।
उनका विवाह 1954 में देवेगौड़ा से हुआ था। दंपति के चार बेटे और दो बेटियां हैं, जिनमें केंद्रीय मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी और विधायक एच. डी. रेवन्ना शामिल हैं। रेवन्ना हासन जिले की होलानरसिपुर विधानसभा सीट से विधायक हैं।
प्रमुख सियासी परिवार से होने के बावजूद चेन्नम्मा ज्यादातर सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर रहीं।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने चेन्नम्मा के निधन पर शोक जताते हुए उन्हें मां समान बताया।
उन्होंने कहा कि चेन्नम्मा बेहद धार्मिक महिला व समर्पित मां थीं और उन्होंने बड़े परिवार की देखभाल करते हुए सही मार्ग दिखाया।
उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा, एच.डी. कुमारस्वामी, एच.डी. रेवन्ना और परिवार के अन्य सदस्यों के राजनीतिक व निजी जीवन में आगे बढ़ने में चेन्नम्मा की मेहनत और त्याग की बड़ी भूमिका रही।
उन्होंने एक बयान में कहा, "हम सभी को उम्मीद थी कि वह ठीक होकर अस्पताल से घर लौट जाएंगी। यह बेहद दुखद है कि ऐसा नहीं हो सका।"
शिवकुमार ने कहा, "अक्सर कहा जाता है कि हर सफल पुरुष के पीछे एक महिला का हाथ होता है। देवेगौड़ा की हर सफलता में चेन्नम्मा मजबूती से उनके साथ खड़ी रहीं। परिवार के सदस्यों की हार पर उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी और जीत पर कभी जरूरत से ज्यादा खुश नहीं हुईं। राजनीतिक उतार-चढ़ाव में वह हमेशा देवेगौड़ा की सबसे बड़ी ताकत बनी रहीं।"
उन्होंने कहा कि घर की जिम्मेदारियां अच्छी तरह निभाकर वह देवेगौड़ा के जीवन की असली ताकत बनीं।
शिवकुमार ने कहा, "उन्होंने पूरे परिवार को संजीदगी से संभाला। उन्होंने कभी नहीं चाहा कि उनकी वाहवाही हो। उन्होंने हमेशा पर्दे के पीछे रहकर अपनी जिम्मेदारियां निभाईं।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन के इस पड़ाव पर पत्नी को खोना देवेगौड़ा और उनके परिवार के लिए ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई नहीं हो सकती।
उन्होंने कहा, "मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि उनकी आत्मा को शांति मिले। भगवान उनके परिवार, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों को इस गहरे दुख को सहने की शक्ति दें।"
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने भी शोक जताते हुए कहा कि देवेगौड़ा के पूरे राजनीतिक व सार्वजनिक जीवन में चेन्नम्मा हमेशा उनका मजबूत सहारा बनी रहीं।
उन्होंने 'एक्स' पर लिखा, "मैं प्रार्थना करता हूं कि देवेगौड़ा जी और उनके पूरे परिवार को इस गहरे दुख को सहने की शक्ति मिले।"
कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री की पत्नी के निधन की खबर से उन्हें गहरा दुख हुआ है।
उन्होंने 'एक्स' पर लिखा, "किसी परिवार की मुखिया का निधन ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती। इस दुखद समय में मैं एच.डी. देवेगौड़ा, केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी और पूरे देवेगौड़ा परिवार के प्रत गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं।"
चेन्नम्मा को श्रद्धांजलि देने अस्पताल पहुंचे कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा ने कहा कि उन्हें चेन्नम्मा के निधन की खबर सुनकर बहुत दुख हुआ।
उन्होंने 'एक्स' पर लिखा, "देवेगौड़ा के लंबे राजनीतिक जीवन के हर उतार-चढ़ाव में वह हमेशा उनके साथ मजबूती से खड़ी रहीं और पूरे परिवार के लिए मार्गदर्शक रहीं। सरल स्वाभाव वालीं चेन्नम्मा का निधन पूरे देवेगौड़ा परिवार के लिए बहुत बड़ी क्षति है।"
भाजपा की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने भी एक बयान में शोक व्यक्त किया और कहा कि राजनीति में देवेगौड़ा की उपलब्धियों में चेन्नम्मा का योगदान बहुत महत्वपूर्ण रहा है।
विजयेंद्र ने कहा कि उन्होंने ईश्वर से उनकी आत्मा को शांति देने और परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति देने की कामना की।
भाषा जोहेब माधव
माधव
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