कृपया उन्हें समझें : तेंदुलकर, गिल, बिंद्रा ने छात्रों के विरोध को खेल समुदाय का समर्थन दिया
सुधीर
- 23 Jul 2026, 10:31 PM
- Updated: 10:31 PM
नयी दिल्ली, 23 जुलाई (भाषा) महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर से शुभमन गिल से लेकर ओलंपिक पदक विजेता अभिनव बिंद्रा तक, भारत के खेल जगत ने एकजुट होकर बार-बार हो रहे नीट परीक्षा पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों का समर्थन किया।
सभी ने खिलाड़ियों ने छात्रों के प्रति संवेदनशीलता दिखाने और ऐसे स्थायी समाधान खोजने की अपील की, जिससे उनकी निराशा दूर हो सके।
तेंदुलकर, गिल और बिंद्रा के साथ पूर्व क्रिकेटर इरफान पठान और मोहम्मद कैफ भी छात्रों के समर्थन में आगे आए। उन्होंने दो बार की ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर का अनुसरण किया, जो इस मुद्दे पर समर्थन जताने वाली शुरुआती खेल हस्तियों में शामिल थीं।
तेंदुलकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए कहा कि उनके दिवंगत पिता रमेश तेंदुलकर (जो प्रोफेसर थे) ने उन्हें जीवन के शुरुआती दौर में ही कुछ महत्वपूर्ण संस्कार सिखाए थे, जिनमें सबसे प्रमुख था, 'असफल होना ठीक है, लेकिन धोखा देना नहीं। कभी भी शॉर्टकट मत अपनाओ।'
तेंदुलकर ने कहा, ''समाज में वयस्कों के रूप में हमारी जिम्मेदारी है कि हम संस्कृति को आकार दें। ऐसा समाज जो मेहनत के बजाय केवल परिणामों को प्राथमिकता देता है, वह योग्यता आधारित व्यवस्था (मेरिटोक्रेसी) के बजाय शॉर्टकट को बढ़ावा देगा। आज जब छात्रों को लगता है कि उनकी कड़ी मेहनत का उन्हें उचित परिणाम नहीं मिला, तो उनकी निराशा समझ में आती है। ''
उन्होंने लिखा, ''हम सभी को मिलकर यह सुनिश्चित करने की दिशा में काम करना चाहिए कि उन्हें दोबारा ऐसा महसूस नहीं हो। ''
बीस जुलाई से शुरू हुए ये प्रदर्शन अब हिंसक रूप ले चुके हैं। कानून-व्यवस्था की स्थिति का हवाला देते हुए पुलिस ने कई बार लाठीचार्ज किया है।
इस आंदोलन का नेतृत्व कॉकरोच जनता पार्टी कर रही है जिसे पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का समर्थन प्राप्त है। वांगचुक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं।
प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि नीट प्रश्नपत्र लीक के लिए वह जिम्मेदार हैं जिसके कारण हाल ही में दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी।
प्रश्नपत्र लीक के बाद कई छात्रों ने आत्महत्या भी की।
तेंदुलकर ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इसका कोई समाधान जरूर निकलेगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसी संस्कृति को बढ़ावा देने की जरूरत है, जिसमें ईमानदारी को महत्व मिले और योग्यता (मेरिट) की जीत हो।
उन्होंने कहा, ''एक समाज के रूप में हम सभी (माता-पिता, शिक्षक, दोस्त, रिश्तेदार, स्कूल और प्रशासक) की बहुत बड़ी जिम्मेदारी है और हम सभी की अलग-अलग भूमिकाएं हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हमारे युवा प्रोत्साहित और ऊर्जावान बने रहें। ''
तेंदुलकर ने कहा, ''हमें ऐसी संस्कृति बनानी होगी, जहां मेहनत को सम्मान मिले, ईमानदारी को प्रोत्साहित किया जाए और योग्यता की जीत हो। मुझे पूरा विश्वास है कि हम सभी मिलकर ऐसे समाधान खोज लेंगे, जो हमारे बच्चों के भविष्य को मजबूत करें और उनकी आकांक्षाओं की रक्षा करें। ''
गिल ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर साझा किए गए एक संदेश में कहा कि युवा पीढ़ी को सीखने, सपने देखने और देश के भविष्य को आकार देने के लिए हर मौका मिलना चाहिए।
गिल ने लिखा, ''एक युवा भारतीय के रूप में मेरा मानना है कि हमारी पीढ़ी को सीखने, सपने देखने और उस भविष्य को बनाने के लिए हर अवसर मिलना चाहिए जिसकी हम सभी आकांक्षा रखते हैं। ''
छब्बीस साल के गिल ने कहा कि वह उन युवाओं का सम्मान करते हैं, जिन्होंने पूरे देश में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाने का रास्ता चुना है।
उन्होंने कहा, ''मुझे हर उस युवा के लिए बहुत सम्मान है जो शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने में विश्वास रखता है। ''
किसी विशेष प्रदर्शन या राजनीतिक मुद्दे का उल्लेख किए बिना गिल ने राष्ट्र निर्माण में शिक्षा के महत्व पर जोर दिया और छात्रों की चिंताओं से निपटने के दौरान सहानुभूति रखने की अपील की।
उन्होंने लिखा, ''शिक्षा में हमारे देश के भविष्य को आकार देने की ताकत है। मुझे उम्मीद है कि हम संवेदनशीलता, आपसी सम्मान और हर छात्र के सर्वश्रेष्ठ हित को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ेंगे। ''
गिल ने लिखा, ''भारत के भविष्य के लिए। ''
भारत के पहले व्यक्तिगत ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता बिंद्रा ने कहा कि देश को एक ऐसी शिक्षा प्रणाली की जरूरत है जो 'आत्मविश्वास जगाए।'
बिंद्रा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन पर प्रत्यक्ष टिप्पणी करने से परहेज किया, लेकिन एक पारदर्शी और योग्यता-आधारित प्रणाली की जरूरत पर जोर दिया।
उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया, ''मैंने कभी खुद को राजनीतिक व्यक्ति नहीं माना। लेकिन मेरा मानना है कि चाहे फिर हम किसी भी पक्ष के हों, कुछ मुद्दे हम सभी से जुड़े हुए हैं। शिक्षा उनमें से एक है।''
बिंद्रा ने कहा, ''किसी राष्ट्र का आकलन केवल उसकी अर्थव्यवस्था या उसकी उपलब्धियों से नहीं, बल्कि इससे होती है कि उसने अपने युवाओं के लिए कितने अवसर सृजित किए। एक ऐसी शिक्षा प्रणाली किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत में से एक है, जो आत्मविश्वास जगाती है, योग्यता को सम्मानित करती है और जिज्ञासा को बढ़ाती है।''
उन्होंने कहा, ''उम्मीद है कि हम सभी एकजुट होकर अपनी शिक्षा प्रणाली को लगातार मजबूत करने के लिए मिलकर काम करेंगे, ताकि वह भावी पीढ़ियों के लिए अवसर, नवाचार और आशा का स्रोत बनी रहे।''
दूसरी तरफ युवा भारतीय ग्रैंडमास्टर निहाल सरीन ने अधिक स्पष्ट टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि करियर का निर्धारण करने वाली परीक्षाओं की तैयारी के दौरान अत्यधिक दबाव झेलने वाले छात्रों की दुर्दशा से उन्हें गहरा दुख हुआ है और ऐसे गंभीर मुद्दों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
सरीन ने एक्स पर लिखा, ''हमें जवाबदेह होना चाहिए। एक युवा भारतीय होने के नाते, जिसे इस देश का प्रतिनिधित्व करने पर गर्व है, मैं बहुत दुखी हूं। किसी महत्वपूर्ण परीक्षा में बैठने वाले युवा पर पड़ने वाला दबाव मामूली नहीं होता। इसे नजरअंदाज करना स्वीकार्य नहीं है।''
इन विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व कॉकरोच जनता पार्टी कर रही है। पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक अपने अनशन से इसका समर्थन कर रहे हैं। जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे वांगचुक को स्वास्थ्य बिगड़ने के कारण अस्पताल में भर्ती कराया है।
क्रिकेटर से कमेंटेटर बने कैफ ने कहा कि दिल्ली में विरोध कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग की तस्वीरें देखना दिल तोड़ने वाला था। इस विरोध-प्रदर्शन में प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी दोनों घायल हुए हैं।
कैफ ने 'एकस' पर पोस्ट किया, ''एक पिता के तौर पर शिक्षा व्यवस्था में कमियों को लेकर विरोध कर रहे छात्रों के साथ पुलिस की बदसलूकी देखकर मुझे दुख होता है। दिल्ली की सड़कों पर बच्चों पर लाठियां बरसाने का सिलसिला बंद होना चाहिए। मुझे उम्मीद है कि जल्द ही कोई समाधान निकलेगा।''
पूर्व तेज गेंदबाज पठान ने कहा कि कोई भी छात्र यह नहीं चाहता कि परीक्षा का पेपर लीक होने की वजह से उसकी कड़ी मेहनत बेकार चली जाए।
उन्होंने कहा, ''हर छात्र बेहतर भविष्य के लिए वर्षों तक कड़ी मेहनत करता है और इस दौरान उनके परिवार भी कई तरह के त्याग करते हैं। पेपर लीक जैसी घटनाओं से उनकी उम्मीदों को कभी भी खत्म नहीं होने देना चाहिए।''
उन्होंने कहा, ''मुझे पूरा भरोसा है कि हमारा देश और संबंधित अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि हर छात्र को उचित मौका मिले। मुझे यह भी उम्मीद है कि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा नहीं हो, इसके लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे। हमारे छात्र ही हमारा भविष्य हैं, उनके सपनों की रक्षा करें।''
भाषा नमिता सुधीर
सुधीर
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