पंजाब में चुनाव के बाद मुख्यमंत्री पद का फैसला करेगा कांग्रेस नेतृत्व: बघेल
नेत्रपाल
- 01 Aug 2026, 07:28 PM
- Updated: 07:28 PM
पटियाला, एक अगस्त (भाषा) कांग्रेस की पंजाब इकाई में नेतृत्व को लेकर जारी खींचतान के बीच पार्टी के प्रदेश प्रभारी एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव भूपेश बघेल ने शनिवार को कहा कि पंजाब विधानसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार और मंत्रियों का फैसला पार्टी का शीर्ष नेतृत्व करेगा।
बघेल ने पटियाला में आयोजित 'हर बूथ कांग्रेस मजबूत' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पार्टी में एकजुटता पर जोर दिया और कहा कि नेताओं तथा कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी कांग्रेस को पंजाब की सत्ता में वापस लाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित नहीं किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान, जब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे, तब पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थकों ने उनके समर्थन में नारेबाजी की।
बघेल ने परोक्ष तौर पर चन्नी और वडिंग खेमों के बीच मतभेदों की ओर संकेत करते हुए कहा, ''किसी भी राजनीतिक दल में मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन कार्यकर्ताओं को एकजुट रहना चाहिए।''
उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सहित पार्टी का शीर्ष नेतृत्व पंजाब विधानसभा के अगले चुनाव के बाद मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार और मंत्रियों का फैसला करेगा।
बघेल ने कहा कि कार्यकर्ताओं को एकजुट रहना चाहिए क्योंकि उनकी वास्तविक राजनीतिक लड़ाई सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप), भारतीय जनता पार्टी और शिरोमणि अकाली दल से है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने का आह्वान करते हुए कहा कि मजबूत बूथ संरचना ही चुनाव जीतने की कुंजी है। बघेल ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी के शासन में पंजाब को ''कुशासन'' का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ी है, रंगदारी और हत्याओं की घटनाएं बढ़ी हैं तथा लोग खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करते।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को भाजपा और आम आदमी पार्टी द्वारा सोशल मीडिया तथा अन्य माध्यमों से फैलाए जा रहे कथित भ्रामक प्रचार का जवाब देना चाहिए।
किसान आंदोलन का उल्लेख करते हुए बघेल ने आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान, जिसमें 700 से अधिक किसानों की जान गई, भाजपा समर्थकों ने प्रदर्शनकारी किसानों को ''राष्ट्र विरोधी'' और ''खालिस्तानी'' बताया था।
उन्होंने सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव का भी उल्लेख किया और कार्यकर्ताओं से कहा कि वे जनता तक कांग्रेस का संदेश पहुंचाने में इसकी भूमिका को नजरअंदाज न करें।
वडिंग ने अपने संबोधन में कहा कि उनकी एकमात्र इच्छा अगले वर्ष विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस के मुख्यमंत्री और मंत्रियों को शपथ लेते हुए देखना है। उन्होंने कहा कि वह दर्शक दीर्घा में बैठकर भी शपथग्रहण समारोह देखेंगे तो उन्हें खुशी होगी।
वडिंग का भाषण शुरू होते ही चन्नी समर्थकों ने ''चरणजीत सिंह चन्नी जिंदाबाद'' और ''चन्नी लियाओ, पंजाब बचाओ'' जैसे नारे लगाने शुरू कर दिए, जिससे कुछ समय के लिए कार्यक्रम बाधित हुआ।
वडिंग ने कार्यकर्ताओं से बार-बार अनुशासन बनाए रखने और बैठक को आगे बढ़ने देने की अपील की, लेकिन कुछ समय तक नारेबाजी जारी रही। बाद में कार्यक्रम फिर शुरू हुआ।
वडिंग ने कहा कि प्रताप सिंह बाजवा, चरणजीत सिंह चन्नी, राजिंदर कौर भट्टल और ब्रह्म मोहिंद्रा सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता उनसे अधिक अनुभवी और सक्षम हैं।
उन्होंने कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाया कि जल्द ही सभी वरिष्ठ कांग्रेस नेता एक मंच पर दिखाई देंगे, जो विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी की एकजुटता का संदेश होगा।
वडिंग ने कहा कि प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद कांग्रेस ने पंजाब की 13 में से सात लोकसभा सीट जीती थीं और उन्हें उम्मीद है कि आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी इससे भी बेहतर प्रदर्शन करेगी।
कार्यक्रम में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और स्थानीय पदाधिकारी मौजूद रहे।
भाषा अमित नेत्रपाल
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0108 1928 पटियाला