प्रधानमंत्री ने राजग सांसदों से नाश्ते पर बैठक की, संसद में गतिरोध पर चिंता जताई
मनीषा
- 07 Aug 2026, 04:48 PM
- Updated: 04:48 PM
नयी दिल्ली, सात अगस्त (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संसद की कार्यवाही में लगातार जारी व्यवधान को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सदन में हंगामे की वजह से देश हाल ही में चुने गए प्रतिभाशाली सांसदों की बात नहीं सुन पाया।
मोदी ने यह बात राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल पार्टियों - नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई), शिवसेना, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (अठावले), राष्ट्रीय लोक मोर्चा, अन्नाद्रमुक तथा यूपीपीएल के 40 से अधिक सांसदों के साथ सुबह नाश्ते पर हुई बैठक में कही।
जून में लोकसभा के 20 सदस्यों ने तृणमूल कांग्रेस छोड़कर अब तक कम जानी-पहचानी रही एनसीपीआई का दामन थाम लिया था, वहीं शिवसेना (उबाठा) के छह सांसद पार्टी छोड़कर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो गए थे, जिससे निचले सदन में शिवसेना के सदस्यों की संख्या 13 हो गई।
एनसीपीआई राजग में शामिल हो गई है और शिवसेना सत्ताधारी गठबंधन का हिस्सा पहले से ही है।
एनसीपीआई के मुस्लिम सांसद - खलीलुर रहमान, यूसुफ़ पठान और अबू ताहिर खान भी सुबह नाश्ते पर हुई इस बैठक में शामिल हुए, जो इससे पहले दो बार राजग संसदीय दल की 'मंगल मिलन' बैठक में शामिल नहीं हुए थे। उन्होंने बृहस्पतिवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से अलग से मुलाक़ात की थी।
प्रधानमंत्री के साथ नाश्ते पर हुई बैठक में शामिल होने वालों में आरपीआई (अठावले) प्रमुख और केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले, राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य उपेंद्र कुशवाहा, अन्नाद्रमुक नेता तथा राज्यसभा सदस्य एम. थम्बी दुरई, और यूपीपीएल प्रमुख व राज्यसभा सदस्य प्रमोद बोरो शामिल थे।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन भी नाश्ते के दौरान बैठक में शामिल हुए। नाश्ता पूरी तरह शाकाहारी था और इसमें पायोष (खीर) जैसी मिठाइयां भी थीं।
एनसीपीआई सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने कहा कि वे प्रधानमंत्री की जानकारी और उनके व्यवहार से बहुत प्रभावित हुईं।
उन्होंने संसद भवन परिसर में पत्रकारों से कहा, ''प्रधानमंत्री ने कहा कि जो लोग पिछले 20 साल से या एक साल से भी राजग के साथ हैं, वे सभी परिवार के सदस्य हैं। उन्होंने कहा कि हम पश्चिम बंगाल और आठ पूर्वोत्तर राज्यों के विकास के लिए कड़ी मेहनत करेंगे। हम सब मिलकर काम करेंगे। उन्होंने हमें बहुत अच्छा संदेश दिया है, हम सब मिलकर काम करेंगे।''
शिवसेना की राज्यसभा सदस्य ज्योति वाघमारे ने कहा कि मोदी ने संसद के सुचारू कामकाज पर जोर दिया और विपक्ष के विरोध-प्रदर्शनों के कारण बार-बार हो रहे व्यवधान पर चिंता जताई।
उन्होंने कहा, ''प्रधानमंत्री ने कहा कि संसद में व्यवधान के कारण देश प्रतिभाशाली और नए सांसदों की बात नहीं सुन सका। उन्होंने कहा कि संसद में देश के मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए।''
एनसीपीआई नेता सुदीप बंद्योपाध्याय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सांसदों से अच्छी सेहत बनाए रखने के लिए नियमित रूप से योग करने को कहा।
उन्होंने कहा, ''प्रधानमंत्री ने पूछा कि हममें से कौन-कौन योग करता है। उन्होंने हमसे हर हफ्ते स्वास्थ्य जांच कराने को कहा। उन्होंने पूर्वी और पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास के बारे में बात की।''
एनसीपीआई की ही सांसद शताब्दी रॉय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने उन सभी का स्वागत किया और नाश्ते पर मौजूद हर सांसद से बातचीत की।
उन्होंने कहा, ''प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि क्या करने की जरूरत है और बताया कि सांसद राष्ट्र-निर्माण में कैसे प्रभावी ढंग से योगदान दे सकते हैं।''
रॉय ने कहा कि मोदी ने सलाह दी कि जो लोग 40 साल की उम्र पार कर चुके हैं, उन्हें नियमित रूप से योग करना चाहिए और हर साल स्वास्थ्य जांच करानी चाहिए।
सूत्रों के अनुसार मोदी ने सांसदों से यह भी कहा कि उन्हें अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों के विकास के लिए अपनी जरूरतों की चिंता नहीं करनी चाहिए।
उन्होंने सांसदों से कहा, ''मैं आपके साथ हूं। राजग एक परिवार है। हम अपनी सहयोगी पार्टियों के साथ खड़े हैं।''
खबरों के मुताबिक, मोदी ने यह भी कहा कि वह न केवल राजग सदस्यों के साथ, बल्कि हर सांसद के साथ खड़े हैं।
बुधवार को उन्होंने 37 भाजपा सांसदों के साथ नाश्ते पर बैठक की थी, जिसमें पार्टी अध्यक्ष और पिछले दिनों पार्टी में शामिल हुए कुछ पूर्व आप नेता भी शामिल थे।
उस बैठक में भी उन्होंने इस बात पर जोर दिया था कि संसद सुचारू रूप से और बिना किसी व्यवधान के चलनी चाहिए। साथ ही, उन्होंने सार्वजनिक जीवन में अपने अनुभव साझा किए और सांसदों को सलाह दी कि उन्हें संसद को कितनी गंभीरता से लेना चाहिए।
गत 20 जुलाई को मानसून सत्र शुरू होने के बाद से, विपक्ष के विरोध-प्रदर्शनों के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही लगातार बाधित रही है।
भाषा वैभव मनीषा
मनीषा
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