साइबर धोखाधड़ी में आंध्र प्रदेश की महिला ने गंवाए 1.43 करोड़ रुपये
दिलीप
- 07 Aug 2026, 05:01 PM
- Updated: 05:01 PM
मछलीपट्टनम (आंध्र प्रदेश), सात अगस्त (भाषा) आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले की एक महिला ने दावा किया है कि साइबर ठगों ने खुद को दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताकर उसे धनशोधन के एक झूठे मामले में फंसाया और उससे करीब 1.43 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी कर ली।
कृष्णा जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) विद्या सागर नायडू ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि महिला की शिकायत के आधार पर लगभग दो दिन पहले भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और अन्य प्रासंगिक कानूनों की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
नायडू ने कहा, "हमने इस संबंध में मामला दर्ज किया है। यह 'डिजिटल अरेस्ट' धोखाधड़ी है। इसे लेकर विशेष रूप से बुर्जुगों के बीच लगातार चलाए गए जागरूकता अभियानों के बावजूद, कुछ लोग अभी भी ऐसे ठगों का शिकार हो जाते हैं। जब तक पीड़ित पुलिस से संपर्क करते हैं, तब तक अक्सर पैसे निकाल लिए जाते हैं, लेकिन हम मामला दर्ज करते हैं और हर शिकायत की जांच करते हैं।"
मछलीपट्टनम के पारसपेट की निवासी पीड़िता वी अलिवेलु मंगम्मा ने बृहस्पतिवार को संवाददाताओं को बताया, "दिल्ली पुलिस के अधिकारी बनकर लोगों ने मुझे धनशोधन के एक झूठे मामले में फंसाया। उन्होंने गैर-जमानती वारंट जारी होने की बात कहकर भारत के प्रधान न्यायाधीश के नाम का भी डर दिखाया। इसके बाद धमकियों और धोखे के जरिए मुझसे 1.43 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरित करवा ली।"
मंगम्मा ने आरोप लगाया कि ठगों ने फॉरेंसिक जांच के बहाने उनसे बैंक खातों की रकम हस्तांतरित करने के लिए कहा। झांसे में आकर उन्होंने आरटीजीएस के जरिये 1.43 करोड़ रुपये भेज दिए। बाद में ठगों ने 95 लाख रुपये और भेजने की मांग करते हुए संपत्ति जब्त करने की धमकी दी।
पीड़िता ने बताया कि संदेह होने पर उन्होंने तुरंत अमेरिका में रह रहे अपने बेटे को इसकी जानकारी दी। बेटे की सलाह पर उन्होंने एक स्वयंसेवी संगठन के सदस्यों की मदद से पुलिस से संपर्क किया।
मंगम्मा ने आरोप लगाया कि ठगों ने व्हाट्सऐप और आईएमओ एप्लिकेशन के जरिये उनसे संपर्क किया और बातचीत के दौरान कभी अपना वीडियो चालू नहीं किया। उन्होंने बताया कि उनके पति वी. वेमपति गोपालकृष्ण को भी आईएमओ एप्लिकेशन इंस्टॉल करने के लिए कहा गया था। गोपालकृष्ण पंचायत राज विभाग से सेवानिवृत्त अधीक्षक अभियंता हैं।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि जालसाजों ने उन्हें इस मामले की जानकारी किसी को भी देने पर उनके बेटे की हत्या करने की धमकी दी थी।
भाषा प्रचेता दिलीप
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