एसआईआर में गलतियां थीं तो विपक्षी बीएलओ उन्हें सुधारने के बजाय क्या कर रहे थे: यूपी मंत्री राजभर
IANS
- 18 Oct 2026, 08:15 PM
- Updated: 08:15 PM
लखनऊ, 18 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने रविवार को चुनाव आयोग पर आरोप लगाने को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल किया कि यदि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित गलतियां थीं, तो विपक्षी दलों के बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) ने उन्हें रोकने के लिए कदम क्यों नहीं उठाए।
यह बयान ऐसे समय आया है, जब कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन INDIA, कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी), छात्र कार्यकर्ता और अन्य समूह मतदाता सूची के एसआईआर के विरोध में राष्ट्रीय राजधानी में अलग-अलग प्रदर्शन कर रहे हैं। ये प्रदर्शन चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आयोजित किए जा रहे हैं।
विपक्षी दलों का कहना है कि उनके प्रदर्शन का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी चिंताओं को उठाना है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की है।
मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के आरोपों पर राजभर ने आईएएनएस से कहा, “यदि एसआईआर में कोई गलती है, तो चुनाव आयोग समय-समय पर उसे सुधारने के अवसर देता है। यदि कोई गलती हुई है, तो इसकी जिम्मेदारी उस व्यक्ति की है, जो बूथ पर मौजूद था और बूथ लेवल अधिकारी के रूप में काम कर रहा था। हर पार्टी ने अपने बूथ स्तर के प्रतिनिधि नियुक्त किए थे। समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी या अन्य दलों के बीएलओ क्या देख रहे थे? क्या उनके बीएलओ सो रहे थे?”
उत्तर प्रदेश के मंत्री ने राष्ट्रीय राजधानी में चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जारी प्रदर्शनों के दौरान विपक्षी नेताओं और छात्र कार्यकर्ताओं की ओर से ‘सत्ता परिवर्तन’ शब्द के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाए।
राजभर ने कहा, “संवैधानिक दृष्टिकोण से भारत और बांग्लादेश की तुलना नहीं की जा सकती। भारत में ऐसी स्थिति संभव नहीं है।”
चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शनों के दौरान जंतर-मंतर पर लोगों को हिरासत में लिए जाने के मुद्दे पर राजभर ने कहा कि प्रदर्शनकारियों को नियमों का पालन करना चाहिए और अनुमति नहीं मिलने पर वहां प्रदर्शन नहीं करना चाहिए।
सरकार ने जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचित सूची से हटा दिया है। राजभर ने सवाल किया, “यदि आप ऐसी जगह पर कार्यक्रम आयोजित करते हैं, जहां इसकी अनुमति नहीं है, तो क्या आपके खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी?”