वक्फ पर टिप्पणी को लेकर कर्नाटक अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष को जान से मारने की धमकी
यासिर सुभाष
- 04 Apr 2025, 05:16 PM
- Updated: 05:16 PM
मंगलुरु (कर्नाटक), चार अप्रैल (भाषा) कर्नाटक राज्य अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष अनवर मणिप्पाडी ने शुक्रवार को दावा किया कि उन्हें इंटरनेट आधारित कॉल के जरिए कई बार जान से मारने की धमकियां मिली हैं, जिससे उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा हो गई है।
उन्होंने धमकियों के सिलसिले में पुलिस में एक शिकायत दायर की है।
मणिप्पाडी के अनुसार, बुधवार देर रात से ये धमकियां मिलनी शुरू हुईं और बृहस्पतिवार तड़के तक ये जारी रहीं। सात-आठ घंटों में, धमकी भरे 10 से अधिक कॉल आए।
धमकी देने वालों की पहचान अभी नहीं हो पाई है और वे हिन्दी, उर्दू, मलयालम तथा तुलु भाषा में बोलते थे।
मणिप्पाडी के अनुसार, कॉल करने वालों में से एक ने अंग्रेजी में बात की और उसके अंतरराष्ट्रीय संबंध भी हो सकते हैं ।
मणिप्पाडी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘कॉल शरारतपूर्ण नहीं थी। जिस लहजे और भाषा का इस्तेमाल किया गया वह धमकी भरी थी। उनका मकसद मुझे डराना था। वक्फ संपत्तियों पर मेरे पूर्व के अवलोकनों का उल्लेख, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को लोकसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक पर चर्चा के दौरान किया था। व्यक्तिगत रूप से यह मेरे लिए सम्मान की बात है, लेकिन मुझे अपनी जान को खतरा होने की उम्मीद नहीं थी।’’
उन्होंने साइबर अपराध प्रभाग में शिकायत दर्ज कराई है और प्रारंभिक जांच जारी है।
पुलिस अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है कि वे यह पता लगाने में जुटे हुए हैं कि कॉल कहां से की गई थी। माना जा रहा है कि ‘वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल (वीओआईपी)’ प्लेटफॉर्म का उपयोग कर कॉल की गई।
मणिप्पाडी अल्पसंख्यक समुदायों से संबंधित कई मुद्दों पर मुखर रहे हैं और उन्होंने कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का जनाधार बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
अभी तक, किसी भी समूह ने धमकी भरे इन कॉल की जिम्मेदारी नहीं ली है।
भाजपा के राज्य इकाई के वरिष्ठ नेताओं ने इन धमकियों की निंदा की है और मणिप्पाडी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए त्वरित कदम उठाने की अपील की।
पुलिस ने मणिप्पाडी के आवास के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है।
भाषा यासिर