राम मंदिर में चढ़ावा चोरी व प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर संसद में गतिरोध कायम
माधव
- 07 Aug 2026, 03:44 PM
- Updated: 03:44 PM
नयी दिल्ली, सात अगस्त (भाषा) अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दों पर विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण शुक्रवार को भी संसद की कार्यवाही बाधित रही और दोनों सदनों को एक-एक बार के स्थगन के बाद दिन भर के लिए स्थगित कर दिया।
दोनों सदनों में 'भारत छोड़ो आंदोलन' की 84वीं वर्षगांठ पर स्वतंत्रता आंदोलन में बलिदान देने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
लोकसभा ने हंगामे के बीच ही सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 को चर्चा के बिना पारित कर दिया।
लोकसभा की बैठक शुरू होने पर अध्यक्ष ओम बिरला ने आगामी नौ अगस्त को 'भारत छोड़ो आंदोलन' की 84वीं वर्षगांठ का उल्लेख किया और सदस्यों ने कुछ क्षण मौन रखकर शहीद स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी।
बिरला ने भारत छोड़ो आंदोलन के संदर्भ में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के योगदान का उल्लेख करते हुए विपक्षी सांसदों से उनसे प्रेरणा लेने को कहा।
अध्यक्ष ने कहा, ''राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का योगदान भारत ही नहीं, पूरी दुनिया मानती है और उनसे प्रेरणा लेती है। आप सब भी उनसे प्रेरणा लें और देश के अंदर लोकतंत्र को सशक्त और मजबूत करने के लिए संवाद करें।''
बिरला ने कहा, ''बाबा साहेब आंबेडकर ने यह विचार दिया था कि देश के अंदर लोकतंत्र को सशक्त और मजबूत करना है तो चर्चा और संवाद ही इसका रास्ता है।''
इसके बाद विपक्षी सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया। वे अपने मुद्दे को लेकर नारे लगा रहे थे। इसके बाद अध्यक्ष ने कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी।
एक बार के स्थगन के बाद बैठक शुरू होने पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 को चर्चा और पारित करने के लिए पेश किया।
इस दौरान विपक्ष का हंगामा जारी रहा। हंगामे के बीच ही सदन ने विधेयक को चर्चा के बिना पारित कर दिया।
इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, ''ये लोग आज भी सवेरे से गृह मंत्री का नाम ले-लेकर नारे लगा रहे हैं। ये लोग हंगामा करके गायब हो जाते हैं। गृह मंत्री अमित शाह सुबह-सुबह संसद में आते हैं और देर रात को ही वापस जाते हैं। वह दिनभर संसद में ही रहते हैं।''
उन्होंने कहा, ''अमित शाह वह व्यक्ति हैं जिनका नाम सुनकर सारे आतंकवादी, उग्रवादी कांप उठते हैं। जिस दिन यहां चर्चा होगी, गृह मंत्री अमित शाह जब यहां जवाब देंगे तो आप लोग सुन नहीं पाएंगे।''
इसके बाद भी सदन में हंगामा जारी रहा और पीठासीन सभापति दिलीप सैकिया ने कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी।
उधर राज्यसभा में ही समान स्थिति रही और विपक्षी सदस्य इन्हीं मांगों को लेकर हंगामा करते रहे।
उच्च सदन की बैठक शुरू होने पर सभापति सी पी राधाकृष्णन ने आगामी नौ अगस्त को 'भारत छोड़ो आंदोलन' की 84वीं वर्षगांठ का जिक्र करते हुए कहा कि ''करो या मरो'' के नारे के साथ स्वतंत्रता सेनानियों ने आजादी के लिए जो संघर्ष किया उसकी वजह से ही हम आज आजाद हवा में सांस ले रहे हैं।
इसके बाद सदस्यों ने कुछ क्षण मौन रखकर स्वतंत्रता आंदोलन में बलिदान देने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
सभापति ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए। इसी दौरान विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मानसून सत्र के दौरान संसद में गृह मंत्री की लगातार अनुपस्थिति का मुद्दा उठाया।
खरगे ने कहा कि सरकार सभापति की टिप्पणियों का भी सम्मान नहीं कर रही है और सदन का अपमान कर रही है।
इससे पहले बृहस्पतिवार को सभापति राधाकृष्णन ने संसदीय कार्य मंत्री संसदीय कार्य मंत्री रीजीजू से कहा था कि वह विपक्ष की भावनाओं को गृह मंत्री तक पहुंचाएं और सदन में उनकी मौजूदगी की मांग पर "विचार करें"।
विपक्षी दल 20 जुलाई को संसद की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री से सदन में बयान देने की मांग कर रहे हैं।
रीजीजू ने कहा कि सभापति की ओर से कोई निर्देश नहीं दिया गया था और विपक्ष के नेता सदन को गुमराह कर रहे हैं।
उन्होंने सभापति से कहा, "आपने एक टिप्पणी की थी, लेकिन आसन की ओर से कोई निर्देश नहीं दिया गया था।"
हंगामे के बीच ही बीजू जनता दल की सुलता देव, भाजपा के प्रकाश चिक बाराइक और अमरपाल मौर्य तथा भाकपा के पी पी सुनीर ने शून्यकाल के तहत विभिन्न मुद्दे उठाए।
सदन में नारेबाजी जारी रहने पर सभापति ने 11 बजकर 30 मिनट पर बैठक को दोपहर बारह बजे तक स्थगित कर दिया।
एक बार के स्थगन के बाद दोपहर बारह बजे उच्च सदन की बैठक शुरू होने पर सभापति राधाकृष्णन ने प्रश्नकाल शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने समाजवादी पार्टी के रामजी लाल सुमन से पूरक प्रश्न पूछने को कहा।
सुमन ने अपना पूरक प्रश्न पूछने के बजाय कहा कि विपक्ष अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर चर्चा चाहता है।
सुमन की बात पर सत्ता पक्ष के सदस्यों ने कड़ी आपत्ति जताई और कुछ सदस्य हंगामा करते हुए अपने स्थानों से आगे आ गए। सभापति ने उन्हें अपने स्थानों पर लौटने और प्रश्नकाल चलने देने के लिए कहा।
सदन में हंगामे को देखते हुए सभापति ने बारह बज कर चार मिनट पर बैठक दिन भर के लिए स्थगित कर दी।
भाषा अविनाश वैभव मनीषा अविनाश माधव
माधव
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