राहुल ने अमरिंदर को अपना पसंदीदा भाजपा नेता बताया, 'कैप्टन' बोले भाजपा के लिये प्रतिबद्ध
पवनेश
- 07 Aug 2026, 07:04 PM
- Updated: 07:04 PM
चंडीगढ़, सात अगस्त (भाषा) पूर्व कांग्रेस नेता अमरिंदर सिंह ने राहुल गांधी द्वारा उन्हें 'अंकल' कहे जाने और 'कूल' बताए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए शुक्रवार को कहा कि गांधी परिवार के साथ उनके व्यक्तिगत संबंध हमेशा बने रहेंगे, लेकिन उनकी राजनीतिक प्रतिबद्धता भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रति है।
बृहस्पतिवार रात एक इंस्टाग्राम वीडियो में गांधी ने कहा कि सिंह भाजपा में उनके पसंदीदा राजनेता हैं।
गांधी ने कहा, "मेरी उनसे अच्छी बनती है; वह कूल हैं। वह सैन्य इतिहास के विशेषज्ञ हैं। हैलो, अंकल अमरिंदर!" इससे यह अटकलें शुरू हो गई हैं कि पंजाब के अनुभवी पूर्व मुख्यमंत्री चुनाव से पहले कांग्रेस में वापसी कर सकते हैं।
शुक्रवार को कांग्रेस नेता की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए, अमरिंदर ने फोन पर 'पीटीआई-भाषा' से कहा कि यह अच्छी बात है कि राहुल ने उनकी प्रशंसा की।
उन्होंने कहा कि वे राहुल और प्रियंका गांधी को तब से जानते हैं जब वे बच्चे थे, और उनके पिता व पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत राजीव गांधी उनके सहपाठी व दोस्त थे।
अमरिंदर ने कहा कि भारत को छोड़कर दुनिया भर में निजी रिश्ते राजनीतिक प्रतिबद्धताओं से अलग होते हैं।
उन्होंने कहा कि राहुल और उनकी मां सोनिया गांधी के साथ उनके निजी और पारिवारिक रिश्ते हमेशा बने रहेंगे, लेकिन राजनीतिक रूप से वह भारतीय जनता पार्टी के प्रति प्रतिबद्ध हैं।
अमरिंदर ने याद किया कि 1980 में वे कांग्रेस के सांसद थे, जबकि उनकी मां, दिवंगत महारानी मोहिंदर कौर, एक विरोधी पार्टी से सांसद थीं।
उन्होंने पूछा, "क्या इसका मतलब यह है कि मेरी अपनी मां के साथ नहीं बनती थी?"
पंजाब भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता प्रीतपाल सिंह बलियावाल ने कहा, "कैप्टन साहब पंजाब के सबसे बड़े नेता हैं।"
बलियावाल ने कहा कि गांधी को कैप्टन अमरिंदर की याद तब आ रही है, जब उनकी पार्टी की पंजाब इकाई में जबरदस्त अंदरूनी कलह और झगड़े चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक डूबता हुआ जहाज है।
पंजाब का मुख्यमंत्री रहते हुए 2021 में अमरिंदर सिंह के कांग्रेस छोड़ने की परिस्थितियों का जिक्र करते हुए बलियावाल ने कहा कि गांधी को वह समय भी याद रखना चाहिए जब उन्हें "कैप्टन अमरिंदर कूल, नेता या अंकल" नहीं लगते थे।
बलियावाल ने कहा, "उस समय, राहुल ने पंजाब के लिए कैप्टन साहब के योगदान या उस सेवा को भी कोई महत्व नहीं दिया जो उन्होंने पुरानी पार्टी के लिए की थी। अब, जब कांग्रेस में जबरदस्त अंदरूनी कलह और खींचतान मची है और कांग्रेस का जहाज डूब रहा है, तो गांधी को अमरिंदर अंकल याद आ रहे हैं।"
जब यहां पत्रकारों ने कांग्रेस नेता राणा गुरजीत सिंह से गांधी की टिप्पणी के बारे में पूछा, तो उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के पारिवारिक संबंध हैं और पूर्व मुख्यमंत्री एक सम्मानित नेता हैं।
जब उनसे पूछा गया कि क्या वे चाहते हैं कि अमरिंदर कांग्रेस में लौटें, तो राणा गुरजीत ने कहा, "मैं कुछ नहीं चाहता"। इसके बाद उन्होंने कहा कि अमरिंदर को कांग्रेस नहीं छोड़नी चाहिए थी।
उन्होंने कहा, "अगर वे रुके होते, तो वे एक पिता-समान व्यक्ति होते जिनसे हर कोई अलग-अलग मुद्दों पर सलाह लेता।"
जब अमरिंदर कांग्रेस में थे, तो वे पार्टी के सबसे मजबूत क्षेत्रीय नेताओं में से एक थे और उन्होंने 2017 में 117 सदस्यों वाली विधानसभा में कांग्रेस को जबरदस्त जीत दिलाई थी, जिससे वे दूसरी बार पंजाब के मुख्यमंत्री बने।
उन्होंने 2021 में पार्टी की राज्य इकाई में आपसी कलह के कारण मुख्यमंत्री पद और कांग्रेस पार्टी छोड़ दी और एक नई पार्टी, पंजाब लोक कांग्रेस (पीएलसी) बनाई; बाद में, 2022 के पंजाब विधानसभा चुनावों में पीएलसी के कोई भी सीट न जीत पाने पर उन्होंने अपनी पार्टी का भाजपा में विलय कर दिया।
सिंह की पत्नी और पूर्व सांसद परनीत कौर, बेटे रनिंदर सिंह और बेटी जय इंदर कौर भी अब भारतीय जनता पार्टी के साथ हैं।
भाषा प्रशांत पवनेश
पवनेश
0708 1904 चंडीगढ़