परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड की जांच सीबीआई को सौंपी जाएगी: भगवंत मान
भाषा
- 20 Oct 2026, 01:07 PM
- Updated: 01:07 PM
चंडीगढ़, 20 अक्टूबर (भाषा) पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को कहा कि उनकी सरकार मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान चलाने वाले कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपेगी।
मान ने झोटा के परिवार के प्रति एकजुटता भी जताई।
सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर मान ने पंजाबी में लिखा, ''हम मादक द्रव्य के खिलाफ अभियान चलाने वाले परविंदर सिंह झोटा के पिता और उनके परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं। परिवार की मांग स्वीकार करते हुए हम यह मामला सीबीआई को सौंप रहे हैं। नशे का कारोबार करने वालों के खिलाफ हमारी लड़ाई पूरी ताकत से जारी है। पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए हमें जो भी कड़े कदम उठाने होंगे, उनसे हम पीछे नहीं हटेंगे।''
झोटा का परिवार उनकी हत्या की जांच सीबीआई से कराने की मांग कर रहा है।
वह दवा की दुकानों पर नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री के खिलाफ आवाज उठाने के लिए जाने जाते थे। उनकी 13 अक्टूबर को मानसा के एक व्यस्त बाजार में स्थित दवा दुकान के भीतर दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
दवा दुकान में एक बुजुर्ग को नशीले पदार्थ बेचे जाने को लेकर सवाल उठाए जाने के बाद दुकान के मालिक अश्विनी कुमार ने झोटा पर गोली चला दी थी। कुमार को राजस्थान के सालासर से हिरासत में लिया गया था।
घटना उस वक्त हुई जब झोटा फेसबुक पर लाइव थे। इस घटना के बाद पंजाब में राजनीतिक घमासान शुरू हो गया। पंजाब में अगले साल की शुरुआत में चुनाव होने हैं।
मान के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने जनता के भारी आक्रोश के बाद ही जांच सीबीआई को सौंपने का फैसला किया।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, ''जनता के कड़े विरोध के सामने इस 'हिटलरी अहंकारी' सरकार को आखिरकार झुकना पड़ा। साढ़े चार साल तक पंजाब को 'चिट्टा' और गैंगस्टरों के हवाले रखा गया लेकिन अब दशहरे के मौके पर जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पंजाबियों की मांगें पूरी करने और 'चिट्टा' को जड़ से उखाड़ने का संकल्प लेने आ रहे हैं तो अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए डर के मारे झोटा मामले की जांच रातोंरात सीबीआई को सौंप दी गई।''
बिट्टू ने पंजाबी में 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''यह न्याय नहीं, बल्कि एक कायर और भगोड़ी सरकार का रचा हुआ नाटक है। पंजाब अब बहाने नहीं बल्कि पूरे मामले का हिसाब मांगता है।''
इस बीच जब कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा से पूछा गया कि सरकार ने जांच का जिम्मा सीबीआई को सौंपने के लिए शाह के पंजाब दौरे तक इंतजार क्यों किया, तो उन्होंने कहा कि इस फैसले का केंद्रीय मंत्री के दौरे से कोई लेना-देना नहीं है और यह झोटा के परिवार की भावनाओं को ध्यान में रखकर लिया गया है।
अरोड़ा ने पत्रकारों से कहा, ''यह कहना पूरी तरह गलत है कि ऐसा शाह के दौरे के असर की वजह से हुआ है। हम पहले भी अपनी जिम्मेदारियों के प्रति प्रतिबद्ध थे और आज भी हैं।''
झोटा की गोली मारकर हत्या किए जाने के सात दिन बाद भी उनका पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार नहीं हो पाया है क्योंकि उनके परिवार वाले और समर्थक न्याय मिलने तक अंतिम संस्कार करने से इनकार कर रहे हैं।
झोटा की हत्या के बाद से उनके परिवार के सदस्य और समर्थक मानसा में प्रदर्शन कर रहे हैं।
झोटा की हत्या के बाद गठित विभिन्न संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की संयुक्त कार्रवाई समिति भी सीबीआई जांच की मांग कर रही है।
प्रदर्शनकारियों ने मान और पुलिस महानिदेशक गौरव यादव के इस्तीफे तथा मानसा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पुलिस उपाधीक्षक, थाना प्रभारी और औषधि निरीक्षक को बर्खास्त करने की मांग की है।
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