बिहार में विपक्षी गठबंधन ‘जंगलराज’ में विश्वास करता है; राजग ने राज्य को सुरक्षित बनाया: शाह
देवेंद्र माधव
- 20 Nov 2025, 09:36 PM
- Updated: 09:36 PM
भावनगर, 20 नवंबर (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) और ‘‘जंगल राज’’ में विश्वास रखने वाले ‘‘अहंकारी गठबंधन’’ के बीच मुकाबला हुआ था।
शाह गुजरात के भावनगर शहर में जिला भाजपा के नये मुख्यालय का उद्घाटन करने के बाद एक सभा को संबोधित कर रहे थे।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता शाह ने कहा, ‘‘बिहार चुनाव मुद्दों पर लड़ा गया था। एक तरफ घमंडिया गठबंधन था जो जंगल राज में विश्वास करता है और दूसरी तरफ राजग था जिसने बिहार को एक सुरक्षित राज्य बनाया।’’ उन्होंने कहा कि अंत में लोगों ने राजग को ऐतिहासिक जनादेश दिया।
शाह ने कहा, ‘‘एक तरफ कांग्रेस है जो अवैध घुसपैठियों का समर्थन करती है। दूसरी तरफ भाजपा है जिसने न केवल बिहार में बल्कि पूरे देश में रह रहे प्रत्येक अवैध घुसपैठिए की पहचान करने और उसे निर्वासित करने का संकल्प लिया है।’’
गृह मंत्री इससे पहले पटना में नीतीश कुमार की नयी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए थे।
देशभर में राज्य विधानसभा चुनाव में भाजपा और राजग की हाल में हुई जीत का उल्लेख करते हुए शाह ने कहा कि लोगों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जनहितैषी नीतियों और देश को सुरक्षित करने के लिए उनके अथक प्रयासों को जनादेश दिया है।
उन्होंने कहा, ‘‘केंद्र की पिछली सरकारें दूसरे देशों की नीतियों की नकल करके बिना सोचे-समझे उन्हें भारत में लागू कर देती थीं। प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से जुड़े मुद्दों को गहराई से समझा और फिर नीतियां बनाईं।’’
शाह ने दावा किया कि इन सुविचारित नीतियों के कारण भारत 2014 में 11वें स्थान से बढ़कर चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया।
उन्होंने कहा कि जनसंघ के रूप में अपनी स्थापना के बाद से भाजपा विचारधारा और संगठन की ताकत के आधार पर काम करने वाली पार्टी रही है।
शाह ने कहा, ‘‘तब से अन्य सभी पार्टियां नेता-केंद्रित हो गईं, जबकि केवल भाजपा ही कार्यकर्ता-केंद्रित पार्टी बन गई और हमने आज तक उस संस्कृति को संरक्षित रखा है।’’
भाजपा के वरिष्ठ नेता ने दावा किया कि गुजरात में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में कांग्रेस चाहे जितनी भी मेहनत कर ले, उसे बिहार जैसी हार का सामना करना पड़ेगा।
भाषा
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