हिमाचल: संविदा कर्मचारियों की सेवाएं नियमित करने को मंजूरी
जितेंद्र माधव
- 05 Apr 2025, 10:16 PM
- Updated: 10:16 PM
शिमला, पांच अप्रैल (भाषा) हिमाचल प्रदेश सरकार ने 31 मार्च 2025 तक दो वर्ष की निरंतर सेवा पूरी करने वाले संविदा कर्मचारियों को नियमित करने का शनिवार को निर्णय लिया।
सरकार ने सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड (एसजेवीएनएल) से तीन और राष्ट्रीय जलविद्युत निगम (एनएचपीसी) से दो जलविद्युत परियोजनाओं के अधिग्रहण को भी मंजूरी दी।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में 31 मार्च तक चार साल की निरंतर सेवा पूरी करने वाले दैनिक वेतन भोगी और आकस्मिक वेतनभोगी कर्मचारियों को नियमित करने को भी मंजूरी दी गई।
सरकार ने 382 मेगावाट सुन्नी, 210 मेगावाट लुहरी स्टेज-1 और 66 मेगावाट धौलासिद्ध जलविद्युत परियोजनाओं के अधिग्रहण को मंजूरी दी। ये तीनों परियोजनाएं पहले सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड को आवंटित की गई थीं।
इसके अलावा राष्ट्रीय जलविद्युत निगम को आवंटित 500 मेगावाट डुगर और 180 मेगावाट बैरा सुइल जलविद्युत परियोजनाओं का भी सरकार ने अधिग्रहण की मंजूरी दी। मुख्यमंत्री ने इससे पहले कहा था कि पिछली राज्य सरकारों ने जलविद्युत परियोजनाओं को अनिश्चित काल के लिए 12 प्रतिशत ‘रॉयल्टी’ पर दिया था, जो गलत था और जब इस ‘रॉयल्टी’ को अदा नहीं किया जाता था तो 40 वर्ष सरकार की नीति के तहत इन्हें वापस ले लिया जाता था।
मंत्रिमंडल ने शनिवार को सुन्नी, लुहरी स्टेज-1, धौलासिद्ध और डुगर परियोजनाओं पर हुए वास्तविक व्यय का आकलन करने के लिए एक स्वतंत्र मूल्यांकनकर्ता की नियुक्ति को मंजूरी दी, ताकि उनके अधिग्रहण की सुविधा मिल सके।
इसके अलावा बैरा सुइल परियोजना के अधिग्रहण के लिए प्रशासक की नियुक्ति को मंजूरी दी गई।
बिलासपुर में क्षेत्रीय अस्पताल और शिमला जिले के रोहड़ू में नागरिक अस्पताल में आवश्यक उपकरणों के साथ 50-50 बिस्तरों वाले गहन देखभाल ब्लॉक की स्थापना तथा चंबा व हमीरपुर के मेडिकल कॉलेजों में जिला एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं की स्थापना को भी मंजूरी दी गई।
बैठक में वरिष्ठ चिकित्सकों व विशेषज्ञ शिक्षकों का वजीफा मौजूदा 60,000-65,000 रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये प्रतिमाह करने और ‘सुपर स्पेशलिस्ट’ व वरिष्ठ रेजिडेंट (सुपर स्पेशलिस्ट) का वजीफा 60,000-65,000 रुपये से बढ़ाकर 1.30 लाख रुपये प्रतिमाह करने का निर्णय लिया गया।
राज्य भर में रोगी कल्याण समिति को मजबूत बनाने के लिए गठित मंत्रिमंडल उप-समिति की सिफारिशों को भी मंजूरी दी गई।
भाषा जितेंद्र